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क्या खत्म हो गई शांति की उम्मीद? ईरान ने एक साथ तीन देशों में दागीं मिसाइलें, अमेरिकी सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने कुवैत, इराक और बहरीन स्थित अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमलों का दावा किया है. जवाब में अमेरिका ने ईरान के केशम द्वीप समेत कई ठिकानों को निशाना बनाया.

क्या खत्म हो गई शांति की उम्मीद? ईरान ने एक साथ तीन देशों में दागीं मिसाइलें, अमेरिकी सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना
Image Source: X / @WhiteHouse & IANS
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अमेरिका और ईरान के बीच भले से औपचारिक तौर पर सीजफायर लागू हो लेकिन अब स्थिति बड़ी जंग का रूप ले सकती है. ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि शांति समझौते की संभावनाओं के बीच ताजा सैन्य हमलों ने पूरे क्षेत्र की चिंता बढ़ा दी है. बुधवार की सुबह ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते टकराव का असर कुवैत, बहरीन और इराक तक देखने को मिला, जहां मिसाइल और ड्रोन हमलों की खबरों ने सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट मोड पर ला दिया. बता दें इन हमलों ने पूरे मिडिल ईस्ट में एक बार फिर तनाव को चरम पर पहुंचा दिया है. 

कुवैत में गूंजे धमाके

कुवैत में सुबह के समय कई इलाकों में जोरदार धमाकों की आवाजें सुनाई दीं. शुरुआती घंटों में लोगों के बीच चिंता का माहौल बन गया. हालांकि बाद में कुवैत की सेना ने स्पष्ट किया कि ये धमाके उसके एयर डिफेंस सिस्टम द्वारा दुश्मन के मिसाइल और ड्रोन हमलों को रोकने की कार्रवाई के दौरान हुए थे. सेना ने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह सक्रिय है और नागरिकों को घबराने की आवश्यकता नहीं है.

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सभी हमले रहे विफल: अमेरिकी सेना 

इस बीच अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने दावा किया कि ईरान द्वारा पड़ोसी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की गई, लेकिन सभी हमले विफल रहे. अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार कुवैत की ओर दागी गई मिसाइलें या तो अपने लक्ष्य तक पहुंचने से पहले ही नष्ट कर दी गईं या फिर रास्ते में ही निष्क्रिय हो गईं. वहीं बहरीन की ओर भेजी गई तीन मिसाइलों को भी संयुक्त रूप से अमेरिकी और बहरीन एयर डिफेंस सिस्टम ने रोक दिया.

IRGC के दावों को अमेरिका ने बताया गलत

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में कहा कि ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर द्वारा किए गए कई दावे तथ्यात्मक रूप से सही नहीं हैं. बयान में कहा गया कि अमेरिकी सैन्य ठिकानों को किसी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचा है और सभी हमलों को सफलतापूर्वक विफल कर दिया गया. साथ ही अमेरिका ने यह भी कहा कि उसकी सेना क्षेत्र में किसी भी संभावित खतरे का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है.

ईरान ने बताया जवाबी कार्रवाई

दूसरी ओर ईरान ने इन हमलों को अपनी जवाबी कार्रवाई बताया है. ईरान के सरकारी प्रसारक आईआरआईबी के अनुसार अमेरिका ने फारस की खाड़ी, होर्मुज स्ट्रेट और केश्म आइलैंड के आसपास सैन्य कार्रवाई की थी, जिसके जवाब में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया गया. हालांकि ईरान के इस दावे की अभी तक किसी स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय स्रोत से पुष्टि नहीं हुई है.

बहरीन में भी बढ़ी सतर्कता

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तनाव का असर बहरीन में भी देखने को मिला. वहां गृह मंत्रालय ने चेतावनी सायरन बजाकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी. नागरिकों और विदेशी निवासियों से कहा गया कि वे सुरक्षित स्थानों पर जाएं और अधिकारियों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें. सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो भी सामने आए हैं, जिनमें आसमान में तेज रफ्तार से गुजरती रोशनी दिखाई दे रही है. ईरानी मीडिया का दावा है कि ये मिसाइलें थीं, लेकिन इन वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है.

बताते चलें कि मौजूदा स्थिति को देखते हुए जानकारों का मानना है कि यदि दोनों देशों के बीच सैन्य गतिविधियां इसी तरह जारी रहीं तो पूरे खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा और वैश्विक ऊर्जा बाजार पर इसका असर पड़ सकता है. फिलहाल दुनिया की नजरें अमेरिका और ईरान पर टिकी हुई हैं, क्योंकि आने वाले दिनों में उठाए गए कदम तय करेंगे कि क्षेत्र शांति की ओर बढ़ेगा या फिर एक बड़े संकट की ओर.

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