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भारत ने ख़ुद पर राज करने वाले ब्रिटेन को छोड़ पीछे, सिंगापुर के पूर्व डिप्लोमेट हुए मुरीद, बोले- भारतीय अर्थव्यवस्था ब्रिटेन से बड़ी
भारत दुनिया की सबसे बड़ी इकॉनमी बनने की ओर आगे बढ़ रही है. अब हर तरफ़ भारत का डंका बज रहा है, जिस तेजी से भारत विकास कर रहा है, उसे देख दुनिया भी हैरानी ज़ाहिर कर रही है. भारत ने आजादी के बाद से काफी तरक्की की है और ख़ुद पर राज करने वाले ब्रिटेन को भी पीछे छोड़ दिया है.
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भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है, देश तरक्की कर रहा है और जल्द ही दुनिया की सबसे बड़ी इकॉनमी बनने की ओर आगे बढ़ रही है. अब हर तरफ़ भारत का डंका बज रहा है, जिस तेजी से भारत विकास कर रहा है, उसे देख दुनिया भी हैरानी ज़ाहिर कर रही है.
‘भारत ने आजादी के बाद से काफी तरक्की की है’
सिंगापुर के पूर्व राजनयिक किशोर महबूबानी ने कहा है कि भारत ने हाल ही के दशकों में अपनी आजादी के बाद से काफी तरक्की की है. उनका कहना है कि चीन की चर्चा तो दुनिया में हो रही है, लेकिन हमें नहीं भूलना चाहिए कि ब्रिटिश शासन से आजादी के बाद किस तरह भारत ने अपनी पहचान बनाई है. उन्होंने ये भी कहा है कि हजारों साल तक चीन और भारत दो ऐसे देश थे, जो दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था थे, ऐसे में भारत और चीन की तरक्की पर यूरोप को हैरत नहीं होनी चाहिए.
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‘भारत की कहानी असली कमाल की है’
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दरअसल हाल ही में किशोर महबूबानी से एक कार्यक्रम से सवाल किया गया था कि क्या भारत के आगे बढ़ने के बारे में हम क्या ग़लत समझते हैं, इस पर सिंगापुर के पूर्व राजनयिक किशोर महबूबानी ने कहा, “लोग चीन को देखते हैं और भारत को भूल जाते हैं. हालांकि भारत की कहानी असली कमाल की है. 100 साल पहले भारत पर अंग्रेजों का राज था और आज भारतीय अर्थव्यवस्था ब्रिटेन से बड़ी है. 2050 तक यह यूके की अर्थव्यवस्था से 4 गुना बड़ी हो जाएगी.”
‘सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाएं हमेशा भारत और चीन ही रही हैं’
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किशोर महबूबानी ने अपनी बात रखते हुए आगे कहा, “कुछ लोगों को हैरानी होती है कि भारत और चीन अच्छा कर रहे हैं. वह इसे ऐसे देखते हैं, जैसे कुछ अजीब हो गया है. उनको समझना चाहिए कि पिछले 2000 सालों में से 1800 सालों तक दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाएं हमेशा भारत और चीन ही रही हैं. इसलिए उनका वापस आगे आना कोई हैरानी की बात नहीं है.”
‘दुनिया में बनी गरीबी की छवि को भारत तोड़ रहा है’
सिंगापुर के पूर्व राजनयिक ने आगे कहा, “दुनिया में बनी गरीबी की छवि को भारत तोड़ रहा है. उन्होंने कहा कि साल 2000 में ब्रिटिश अर्थव्यवस्था भारतीय अर्थव्यवस्था से 3.5 गुना बड़ी थी. आज भारत की अर्थव्यवस्था यूके से बड़ी है और अगले सालों में और ज्यादा बढ़ जाएगी. ये भारतीय इकॉनमी की तरक्की को दिखाता है.
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‘अमेरिका भारत के साथ वो गलतियां नहीं दोहराएगा’
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बता दें कि पश्चिम के देशों में ख़ासतौर से अमेरिका में चीन की हालिया सालों मे बढ़ी ताक़त पर काफी चिंता देखी गई है. अमेरिकियों ने कई मौकों पर कहा है कि चीन की बढ़ती ताक़त उनको फिक्र में डालती है. इस साल मई में दिल्ली में रायसीना डायलॉग में अमेरिकी उप विदेश मंत्री क्रिस्टोफर लैंडाउ ने कहा था कि अमेरिका भारत के साथ वो गलतियां नहीं दोहराएगा, जो दो दशक पहले चीन के साथ की थी, ताकि भविष्य में भारत को अमेरिका का प्रतिस्पर्धी बनने से रोका जा सके. अमेरिकियों के भारत-चीन पर इस तरह के बयान दुनिया का ध्यान खींचते हैं.