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'पहले भारत के खिलाफ अपना इतिहास देख लो...' अफगानी रक्षा मंत्री ने पाकिस्तान को सुनाई खरी-खरी
Pakistan: अफगानिस्तान के रक्षा मंत्री नुरुल्लाह नूरी ने पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ पर तीखा हमला बोला है. एक सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नूरी ने कहा कि ख्वाजा आसिफ को पहले इतिहास पढ़ना चाहिए.
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Pakistan: अफगानिस्तान और पाकिस्तान के रिश्तों में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है. हाल ही में दोनों देशों के बीच सैन्य कार्रवाई के बाद अब नेताओं के बयान भी माहौल को और ज्यादा गर्म कर रहे है. पहले पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के अंदर एयर स्ट्राइक की थी.. इसके जवाब में अफगानिस्तान ने दावा किया कि उसने बलूचिस्तान में आईएसआईएस के ठिकानों को निशाना बनाते हुए ड्रोन स्ट्राइक की. इसके बाद दोनों देशों के बीच आरोप-प्रत्यारोप और तीखी बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है..
अफगान रक्षा मंत्री ने ख्वाजा आसिफ पर साधा निशाना
अफगानिस्तान के रक्षा मंत्री नुरुल्लाह नूरी ने पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ पर तीखा हमला बोला है. एक सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नूरी ने कहा कि ख्वाजा आसिफ को पहले इतिहास पढ़ना चाहिए. उन्होंने यहां तक कह दिया कि पाकिस्तानी रक्षा मंत्री मानसिक रूप से बीमार हैं. नूरी का कहना था कि इतिहास को समझने के बाद ही किसी दूसरे देश को धमकी देना सही होता है.
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इतिहास का हवाला देकर पाकिस्तान को घेरा
अपने भाषण में नुरुल्लाह नूरी ने कहा कि पाकिस्तान का भारत और बांग्लादेश के साथ कैसा इतिहास रहा है, यह पूरी दुनिया जानती है. वहीं अफगानिस्तान ने भी रूस, अमेरिका और ब्रिटेन जैसी बड़ी ताकतों का सामना किया है और उसका इतिहास भी किसी से छिपा नहीं है. उन्होंने कहा कि दोनों देशों के इतिहास को देखकर हर कोई खुद समझ सकता है कि किसने किन हालात का सामना किया है.
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धमकी वाले बयान के बाद आया जवाब
दरअसल, नुरुल्लाह नूरी का यह बयान उस समय आया जब कुछ दिन पहले पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने अफगानिस्तान के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी थी. इसके बाद अफगानिस्तान की ओर से यह कड़ा जवाब सामने आया. दोनों देशों के बीच बयानबाजी जिस तरह बढ़ रही है, उससे साफ है कि तनाव अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है.
आतंकवाद के आरोपों पर भी दोनों आमने-सामने
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पाकिस्तान लंबे समय से यह आरोप लगाता रहा है कि उसके यहां होने वाले कई आतंकी हमलों के पीछे अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल किया जाता है. हालांकि अफगानिस्तान हर बार इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करता आया है. इसी मुद्दे को लेकर दोनों देशों के बीच कई बार रिश्ते बिगड़े हैं और सीमा पर भी तनाव देखने को मिला है.
बातचीत के बावजूद नहीं निकला कोई समाधान
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करीब एक महीने पहले दोनों देशों के बीच हालात इतने खराब हो गए थे कि युद्ध जैसी स्थिति बन गई थी. सीमा पर तनाव काफी बढ़ गया था. हालात को संभालने के लिए चीन ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई और दोनों देशों के बीच बातचीत शुरू कराई. अब तक तीन दौर की वार्ता हो चुकी है, लेकिन किसी भी बैठक से कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है. ऐसे में दोनों पड़ोसी देशों के रिश्तों में तनाव अभी भी बना हुआ है और हालात सामान्य होने के आसार फिलहाल कम नजर आ रहे हैं.