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पहले फांसी और अब 5 साल की जेल, शेख हसीना की मुश्किलें लगातार बढ़ रहीं, बहन और भतीजी को भी मिली सजा

बता दें कि ढाका के स्पेशल जज कोर्ट-4 के जस्टिस मोहम्मद रबीउल आलम ने कोर्ट परिसर के बाहर कड़ी सुरक्षा के बीच तीनों आरोपियों की गैरमौजूदगी में ये फैसला सुनाया. इनमें शेख हसीना उनकी बहन और भतीजी शामिल हैं. इसके अलावा इसी मामले में 14 दूसरे आरोपियों को 5-5 साल की जेल हुई है.

पहले फांसी और अब 5 साल की जेल, शेख हसीना की मुश्किलें लगातार बढ़ रहीं, बहन और भतीजी को भी मिली सजा
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बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की मुसीबतें लगातार बढ़ती ही जा रही हैं. सोमवार को बांग्लादेश की एक अदालत ने सोमवार को हसीना को पुर्बाचल न्यू टाउन प्रोजेक्ट के तहत प्लॉट के बंटवारे में गड़बड़ी के लिए 5 साल जेल की सजा सुनाई. शेख हसीना के अलावा उनकी बहन शेख रेहाना को भी कोर्ट ने 7 साल की सजा सुनाई है. वहीं हसीना की भतीजी और ब्रिटेन की सांसद ट्यूलिप सिद्दीक को 2 साल की सजा सुनाई गई है. यह फैसला ऐसे समय पर आया है, जब हसीना पहले ही ‘इंटरनेशनल क्राइम ट्रिब्यूनल’ से मानवता के विरुद्ध अपराधों के मामले में मौत की सजा पा चुकी हैं और पिछले हफ्ते एक अन्य भ्रष्टाचार केस में 21 साल जेल की सजा भी सुनाई जा चुकी है. बता दें कि शेख हसीना अगस्त 2024 में छात्रों और विपक्ष के बड़े विरोध-प्रदर्शनों के बाद देश छोड़कर भारत आ चुकी हैं. फिलहाल हसीना भारत में ही हैं और बांग्लादेश की अंतरिम सरकार उन्हें सौंपने की मांग कर चूका है. 

14 अन्य आरोपियों को 5-5 साल की सजा 

बता दें कि ढाका के स्पेशल जज कोर्ट-4 के जस्टिस मोहम्मद रबीउल आलम ने कोर्ट परिसर के बाहर कड़ी सुरक्षा के बीच तीनों आरोपियों की गैरमौजूदगी में ये फैसला सुनाया. इनमें शेख हसीना उनकी बहन और भतीजी शामिल हैं. इसके अलावा इसी मामले में 14 दूसरे आरोपियों को 5-5 साल की जेल हुई है. सजा के अलावा शेख हसीना, रेहाना और ट्यूलिप समेत सभी 17 आरोपियों पर 1 लाख बांग्लादेशी टका का जुर्माना भी लगाया गया है. जुर्माना न देने पर उनकी सजा छह महीने के लिए और बढ़ जाएगी.

क्या है पूरा मामला?

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बता दें कि बांग्लादेश के एंटी-करप्शन कमीशन (एसीसी) ने 12 से 14 जनवरी के बीच ढाका इंटीग्रेटेड डिस्ट्रिक्ट ऑफिस-1 में प्लॉट बंटवारे में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए 6 अलग-अलग केस दर्ज किए थे. इससे पहले ढाका कोर्ट की तरफ से 27 नवंबर को हसीना को भ्रष्टाचार के तीन मामलों में 21 साल की सजा सुनाई थी. एसीसी ने पुर्बाचल प्रोजेक्ट के तहत प्लॉट के अलॉटमेंट में गड़बड़ी को लेकर भ्रष्टाचार के 3 मामले में शिकायत दर्ज की थी. ढाका कोर्ट के फैसले के बाद हसीना और उनके परिवार के सदस्यों ने अपने ऊपर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों को खारिज कर दिया और इन दावों को "बुरे इरादे से, राजनीति से प्रेरित और निराधार" बताया. 

अवामी लीग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जारी किया बयान 

कोर्ट के फैसले के बाद हसीना और उनके परिवार के सदस्यों की तरफ से जारी एक बयान को अवामी लीग के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट किया गया, जिसमें कहा गया कि 'हम भ्रष्टाचार के सभी आरोपों को पूरी तरह से नकारते हैं; हमारे खिलाफ लगाए गए हर आरोप में हमारे विरोधियों की राजनीतिक मंशा है. एसीसी एक बिना चुनी हुई सरकार के कंट्रोल में है, जिसके पास एकतरफा और आधे-अधूरे सबूत हैं और जिसने हमें अपना बचाव करने का कोई मौका नहीं दिया.'

पोस्ट में अंतरिम सरकार की आलोचना 

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इस पोस्ट में मुहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार की आलोचना करते हुए कहा गया है कि 'ये आरोप साफ तौर पर बुरे इरादे से, राजनीति से प्रेरित और बिना किसी सही आधार के हैं, लेकिन इससे भी ज्यादा निराशाजनक बात यह है कि अंतरिम सरकार उन बेगुनाह परिवार के सदस्यों को फंसाने और शामिल करने की कोशिश कर रही है, जो किसी भी तरह से राजनीति में शामिल नहीं हैं.'

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