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अमेरिका में हिंदू धर्म की पढ़ाई पर जोर, 200 शिक्षकों के बीच पहुंचा हिंदू पेरेंट्स नेटवर्क
संगठन 'हिंदूइज्म फॉर स्कूल्स' नाम से प्राथमिक और माध्यमिक कक्षाओं के लिए मार्गदर्शिका (हैंडबुक) भी प्रकाशित करता है. इसके अलावा यह होली जैसे विषयों पर मुफ्त पाठ योजनाएं, स्लाइड्स और क्विज़ भी उपलब्ध कराता है. संगठन का कहना है कि इनका उद्देश्य स्कूल की पाठ्यपुस्तकों को बेहतर ढंग से पूरक बनाना है.
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अमेरिका में हिंदू धर्म को स्कूलों में पढ़ाने को लेकर काम कर रहा एक हिंदू-अमेरिकी अभिभावक संगठन अब सीधे शिक्षकों के साथ जुड़कर बदलाव लाने की कोशिश कर रहा है. संगठन का कहना है कि न्यू जर्सी में आयोजित एक सम्मेलन में शिक्षकों ने हिंदू धर्म से जुड़ी 'सही और सांस्कृतिक रूप से संवेदनशील' सामग्री को सकारात्मक रूप से स्वीकार किया.
अमेरिका में हिंदू धर्म को स्कूलों में सही तरीके से पढ़ाने की अपील
हिंदू पेरेंट्स नेटवर्क (एचपीएन) ने बताया कि उसने 2026 न्यू जर्सी टीचर्स कॉन्फ्रेंस में 'बदलती दुनिया में हिंदू धर्म की सही और सांस्कृतिक रूप से संवेदनशील शिक्षा' विषय पर एक इंटरैक्टिव सत्र प्रायोजित किया. इस सम्मेलन में करीब 200 शिक्षकों ने हिस्सा लिया.
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समूह के अनुसार, इस सत्र में हिंदू धर्म से जुड़ी आम गलत धारणाओं और गलत प्रस्तुतियों पर चर्चा की गई. साथ ही कक्षा में आने वाली चुनौतियों और शिक्षकों की मदद के लिए उपयोगी संसाधनों के बारे में जानकारी साझा की गई.
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समर्थकों को भेजे गए संदेश
शुक्रवार को अपने समर्थकों को भेजे गए संदेश में एचपीएन ने कहा, "इस सत्र को बहुत अच्छा समर्थन मिला. शिक्षकों ने माना कि सही जानकारी वाले संसाधनों की जरूरत है और उन्होंने व्यावहारिक समाधानों का स्वागत किया."
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समूह ने सवाल उठाया, "अगर हम शिक्षकों को सही जानकारी और संसाधन देकर सशक्त बनाएं, तो क्या हम हजारों छात्रों के हिंदू धर्म और उसके इतिहास को समझने के तरीके को बदल सकते हैं?"
हिंदू अभिभावक समूह का अभियान तेज
इसी के साथ एचपीएन ने अपने अभियान को देशभर में फैलाने के लिए आर्थिक सहयोग की अपील भी की.
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समूह का कहना है कि वह 'सटीक और कक्षा में तुरंत इस्तेमाल किए जा सकने वाले शैक्षिक संसाधन' तैयार करना चाहता है, सम्मेलनों और कार्यशालाओं के माध्यम से अधिक शिक्षकों तक पहुंचना चाहता है और 'गलतफहमियों को दूर करने के लिए स्कूलों के साथ मिलकर काम करना' चाहता है.
एचपीएन का कहना है कि उसका लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि आने वाली पीढ़ी हिंदू धर्म के बारे में ऐसी सामग्री के जरिए सीखे जो निष्पक्ष, सही, सांस्कृतिक रूप से संवेदनशील और सम्मानजनक हो.
अपने मध्य-वर्षीय रिपोर्ट में एचपीएन ने बताया कि 2026 में उसने स्कूलों के पाठ्यक्रम में पक्षपात, हिंदुओं की गलत प्रस्तुति और सांस्कृतिक संवेदनशीलता से जुड़े मुद्दों पर छह नए स्कूल जिलों के साथ काम शुरू किया.
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क्या है संगठन का उद्देश्य
संगठन 'हिंदूइज्म फॉर स्कूल्स' नाम से प्राथमिक और माध्यमिक कक्षाओं के लिए मार्गदर्शिका (हैंडबुक) भी प्रकाशित करता है. इसके अलावा यह होली जैसे विषयों पर मुफ्त पाठ योजनाएं, स्लाइड्स और क्विज़ भी उपलब्ध कराता है. संगठन का कहना है कि इनका उद्देश्य स्कूल की पाठ्यपुस्तकों को बेहतर ढंग से पूरक बनाना है.
इस महीने की शुरुआत में एचपीएन ने हिंदू हेरिटेज मंथ के अवसर पर एक शैक्षणिक वीडियो भी जारी किया, जिसमें हिंदू सभ्यता के योगदान को दिखाया गया है. भारतीय-अमेरिकी और हिंदू-अमेरिकी संगठन कई वर्षों से अमेरिकी पाठ्यपुस्तकों में हिंदू धर्म की प्रस्तुति को लेकर चिंता जताते रहे हैं. खासकर कैलिफोर्निया के इतिहास और सामाजिक विज्ञान पाठ्यक्रम से जुड़ी बहसों में यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया है.
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यह अभियान ऐसे समय चलाया जा रहा है जब हिंदू-अमेरिकी समुदाय कई चुनौतियों का सामना कर रहा है. विभिन्न हिंदू संगठनों ने ऑनलाइन नफरत और भड़काऊ टिप्पणियों में बढ़ोतरी की बात कही है. वहीं 11 अक्टूबर को इलिनॉय के ऑरोरा स्थित एक हिंदू मंदिर को निशाना बनाने की कथित साजिश के बाद कई सांसदों ने संघीय स्तर पर हेट-क्राइम जांच की मांग भी की है.
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न्यू जर्सी अमेरिका में भारतीय-अमेरिकी आबादी वाले सबसे बड़े राज्यों में से एक है, इसलिए वहां शिक्षा और समुदाय से जुड़े ऐसे मुद्दों को विशेष महत्व दिया जाता है.