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अब समुंद्र में होगी भीषण लड़ाई, होर्मुज को लेकर आर या पार के लिए तैयार अमेरिका, ट्रंप ने UK-फ्रांस से युद्धपोत भेजने की अपील की

Iran Israel War: ईरान, इजरायल-अमेरिका के बीच जंग के कारण खाड़ी क्षेत्र में तनाव गहरा गया है. वहीं स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में भी जहाजों की आवाजाही कम हो गई है, तेल-गैस सप्लाई बाधित है. इसी बीच ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि जरूरत पड़ने पर अमेरिका सीधे सैन्य कार्रवाई करेगा. उन्होंने सहयोगी देशों से युद्धपोत भेजने की अपील की है.

Donald Trump on Strait of Hormuz (File Photo)

ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल संघर्ष का असर दुनिया के अन्य देशों पर भी पड़ रहा है. होर्मुज स्ट्रेट में जारी तनाव ने दूसरे देशों की परेशानी बढ़ा दी है. इसी बीच अमेरिका भी आर या पार के मूड में आ गया है. उसने संकेत दिए हैं कि वो इस समुंद्री मार्ग को खुलवाने के लिए सैन्य कार्रवाई करन जा रहा है. इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट को खुला और सुरक्षित रखने के लिए यूएस के साथ मिलकर अन्य प्रभावित देश वॉरशिप भेजेंगे. 

आपको बता दें कि इस रास्ते से देश दुनिया के ज्यादातर हिस्सों में अधिकतर तेल की सप्लाई होती है. स्ट्रेट में तनाव की वजह से कई देशों के लिए संकट की स्थिति पैदा हो गई है. कई देश, खासकर वे जो ईरान की होर्मुज स्ट्रेट को ब्लॉक करने की कोशिशों से प्रभावित हैं, स्ट्रेट को खुला और सुरक्षित रखने के लिए अमेरिका के साथ मिलकर वॉरशिप भेजेंगे. 

ट्रंप ने इस दौरान कहा कि हमने पहले ही ईरान की 100 प्रतिशत सैन्य क्षमता को खत्म कर दिया है, लेकिन उनके लिए इस वॉटरवे पर या इसमें कहीं भी एक-दो ड्रोन भेजना, माइन गिराना, या क्लोज रेंज मिसाइल गिराना आसान है, चाहे वे कितने भी बुरी तरह हार गए हों.

हम जल्द ही होर्मुज स्ट्रेट को खुला, सुरक्षित और फ्री कर देंगे: ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति ने आगे कहा, "उम्मीद है कि चीन, फ्रांस, जापान, साउथ कोरिया, ब्रिटेन और दूसरे देश, जो इस बनावटी रोक से प्रभावित हैं, इस इलाके में शिप भेजेंगे ताकि होर्मुज स्ट्रेट अब एक ऐसे देश से खतरा न रहे जिसका सिर पूरी तरह से खत्म हो चुका है. इस बीच, यूनाइटेड स्टेट्स किनारे पर जमकर बमबारी करेगा, और लगातार ईरानी नावों और शिप को पानी से बाहर निकालेगा. किसी न किसी तरह, हम जल्द ही होर्मुज स्ट्रेट को खुला, सुरक्षित और फ्री कर देंगे."

इसके अलावा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को सोशल मीडिया पोस्ट में बड़ा दावा किया है. उन्होंने ट्रूथ सोशल पर एक पोस्ट में कहा कि ईरान की योजना पूरे मध्य पूर्व पर कब्जा करने और इजरायल को पूरी तरह से नष्ट करने की थी. ईरान की ही तरह उसकी वो योजनाएं भी अब खत्म हो चुकी हैं.

ट्रंप ने की खर्ग आईलैंड पर हमले की पुष्टि

अमेरिका ने ईरान के अहम खर्ग द्वीप पर एक बड़ा बमबारी हमला किया है. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इन हमलों की पुष्टि की. इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी सेनाओं ने देश के मुख्य तेल निर्यात केंद्र पर मौजूद सैन्य ठिकानों को पूरी तरह से तबाह कर दिया, जबकि जानबूझकर ऊर्जा ढांचे को नुकसान नहीं पहुंचाया.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'सोशल ट्रुथ' पर पोस्ट कर कहा, "मेरे निर्देश पर अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने मिडिल ईस्ट के इतिहास में सबसे शक्तिशाली बमबारी हमलों में से एक को अंजाम दिया. ईरान के सबसे अहम ठिकाने खर्ग द्वीप पर मौजूद हर सैन्य ठिकाने को पूरी तरह से तबाह कर दिया. हमारे हथियार दुनिया के अब तक के सबसे शक्तिशाली और आधुनिक हथियार हैं, लेकिन इंसानियत के नाते मैंने द्वीप पर मौजूद तेल के बुनियादी ढांचे को तबाह न करने का फैसला किया है."

खर्ग द्वीप ईरान के लिए एक बेहद अहम केंद्र है और कच्चे तेल के निर्यात के लिए उसके सबसे महत्वपूर्ण स्थानों में से एक है. ईरान के तेल उत्पादन का एक बड़ा हिस्सा फारस की खाड़ी में स्थित इस द्वीप पर मौजूद सुविधाओं के जरिए ही आगे भेजा जाता है.

होर्मुज स्ट्रेट खुला है पर नियंत्रण हमारे पास: IRGC कमांडर

इसी बीच ईरान के एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ने कहा है कि दुनिया में तेल ले जाने का एक बहुत महत्वपूर्ण समुद्री रास्ता होर्मुज स्ट्रेट अभी भी खुला है और उस पर ईरान का नियंत्रण बना हुआ है. यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के साथ तनाव बढ़ रहा है. 

इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौसेना के कमांडर अलीरेज़ा तंगसीरी ने एक बयान में कहा कि अमेरिका द्वारा किए जा रहे दावे सही नहीं हैं. अमेरिका कह रहा है कि उसने ईरान की नौसेना को नष्ट कर दिया है और तेल के जहाजों को सुरक्षित रास्ता दे सकता है, लेकिन तंगसीरी के अनुसार ये बातें गलत हैं. चीन की समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने ईरान की अर्ध-सरकारी तस्नीम समाचार एजेंसी के हवाले से यह जानकारी दी है. बयान में कहा गया कि होर्मुज स्ट्रेट को सैन्य रूप से बंद नहीं किया गया है, बल्कि यह सिर्फ ईरान के नियंत्रण में है.

ईरान ने हॉर्मुज स्ट्रेट को लेकर फिर दी अमेरिका-इजरायल को धमकी!

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भी इसी बात को दोहराया. उन्होंने अमेरिकी मीडिया से कहा कि यह समुद्री रास्ता अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए खुला है, लेकिन अमेरिका, इजरायल और उनके सहयोगी देशों के जहाजों के लिए नहीं. अराघची ने कहा, “हॉर्मुज स्ट्रेट खुला है. यह केवल हमारे दुश्मनों के जहाजों और टैंकरों के लिए बंद है, उन देशों के लिए जो हम पर हमला कर रहे हैं और उनके सहयोगियों के लिए. बाकी सभी जहाज यहां से गुजर सकते हैं.”

क्यों अहम है स्ट्रेट ऑफ होर्मुज?

होर्मुज स्ट्रेट एक बहुत महत्वपूर्ण रणनीतिक समुद्री मार्ग है. दुनिया का लगभग पांचवां हिस्सा तेल इसी रास्ते से होकर गुजरता है. ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने अपने पहले संदेश में कहा है कि ईरान इस स्ट्रेट पर अपना प्रभाव बनाए रखेगा. इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को उन देशों से अपील की है जो इस रास्ते से तेल मंगाते हैं. उन्होंने कहा कि इन देशों को इस समुद्री मार्ग को खुला रखने की जिम्मेदारी उठानी चाहिए और अमेरिका उनकी मदद करेगा.

तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से परेशान दुनिया!

अमेरिका इस समय तेल की बढ़ती कीमतों को कम करने की कोशिश कर रहा है. हाल ही में अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान पर हमले किए थे, जिसके बाद ईरान ने भी पूरे क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई की है. सोशल मीडिया पर जारी एक बयान में ट्रंप ने कहा कि जिन देशों पर इस समुद्री रास्ते में रुकावट पड़ने का असर हो सकता है, उन्हें अमेरिकी सेना के साथ मिलकर इसकी सुरक्षा करनी चाहिए.

उन्होंने लिखा, “कई देश, खासकर वे देश जो ईरान द्वारा होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने की कोशिश से प्रभावित हो सकते हैं, अमेरिका के साथ मिलकर इस रास्ते को सुरक्षित और खुला रखने के लिए अपने युद्धपोत भेजेंगे.” ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अमेरिका की कार्रवाई से ईरान की सैन्य ताकत को बहुत नुकसान पहुंचा है.

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