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हथियार और सैन्य मदद भेजने ही वाला था चीन… ईरान ने कर दी बड़ी गलती, कुवैत में चीनी कंपनी पर किया अटैक, एक की मौत
ईरान के मिसाइल हमले में कुवैत स्थित एक चीनी कंपनी की इमारत निशाना बनी है. कुवैत की सेना ने इसकी पुष्टि की है. सेना के मुताबिक, हमले में एक कर्मचारी की मौत हो गई.
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Iran Attack on Chinese Company in Kuwait: ईरान और अमेरिका के बीच जंग अब नेक्स्ट लेवल पर पहुंच गई है. जो मिडिल ईस्ट के साथ ईस्ट एशिया को भी अपनी चपेट में ले रहा है. इससे न दोस्त अछूता रहा है न दुश्मन. अब ईरान ने अपने ही इंटरनेशनल पार्टनर चीन की फर्म पर हमला कर दिया है.
जिसके बाद तनाव बढ़ गया है.
ईरान के मिसाइल हमले में कुवैत स्थित एक चीनी कंपनी की इमारत निशाना बनी है. कुवैत की सेना ने इसकी पुष्टि की है. सेना के मुताबिक, हमले में एक कर्मचारी की मौत हो गई, जबकि इमारत को भारी नुकसान पहुंचा है.
कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने क्या कहा?
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कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने गुरुवार को इसे लेकर एक बयान जारी किया. मंत्रालय ने बताया कि ईरान के एक हमले में देश के उत्तरी हिस्से में स्थित एक चीनी कंपनी की इमारत को निशाना बनाया गया, जिसमें एक कर्मचारी की मौत हो गई.
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रक्षा मंत्रालय के मेजर जनरल सऊद अब्दुलअजीज अल-ओतैबी ने बताया कि हमले से इमारत को भारी नुकसान पहुंचा है. उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारियों ने घटना से निपटने के लिए जरूरी कदम उठाने शुरू कर दिए हैं.
अल-ओतैबी ने कहा कि कुवैती सशस्त्र बल अपने मिशनों और कर्तव्यों का उच्च दक्षता के साथ निर्वहन जारी रखे हुए हैं. उन्होंने कहा, ‘देश की संप्रभुता की रक्षा, सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक उपाय किए जा रहे हैं, साथ ही साथ, संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर नागरिकों और देश में रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है.’
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ईरान और चीन के बीच कैसे हैं रिश्ते?
ईरान के इस कदम के बाद चीन के साथ उसके रिश्तों में कड़वाहट आ सकती हैं, क्योंकि कुवैत में अपने ठिकानों पर ईरानी हमले चीन बर्दाश्त नहीं करेगा. जबकि दोनों के बीच अभी तक बेहतर रहे हैं. आर्थिक और कूटनितिक मोर्चे पर भी दोनों के बीच कोई तनाव नहीं है.
ईरान को सैन्य मदद देने पर ट्रंप ने जताई थी आपत्ति
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इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चीन की ओर से कथित हथियार आपूर्ति की खबरों पर निराशा जताई थी. उन्होंने अपने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने स्पष्ट तौर पर उनसे (ट्रंप) कहा था कि चीन इस तरह की किसी भी सैन्य आपूर्ति में शामिल नहीं होगा.
ट्रंप की यह टिप्पणी उन मीडिया रिपोर्ट्स के बाद आई है, जिनमें दावा किया गया कि चीन जल्द ही ईरान को 400 चीनी निर्मित मैनपैड्स एयर डिफेंस मिसाइल लॉन्चर उपलब्ध करा सकता है, ये मिसाइल कंधे पर रख कर दागे जा सकते हैं. बताया जा रहा है कि अमेरिका के साथ जारी संघर्ष के बीच ईरान अपनी हवाई सुरक्षा मजबूत करने की कोशिश कर रहा है.
रॉयटर्स ने समझौते से जुड़े तीन सूत्रों के हवाले से बताया कि प्रस्तावित योजना के अनुसार हथियारों की खेप पहले पश्चिमी चीन के उरुमकी शहर से भेजी जाएगी. इसके बाद यह पाकिस्तान के रास्ते ईरान पहुंचेगी. हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि पाकिस्तान से ईरान तक इन हथियारों को हवाई मार्ग से ले जाया जाएगा या सड़क मार्ग से.
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व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में पत्रकारों ने ट्रंप से इन खबरों को लेकर सवाल किया गया. जवाब में उन्होंने कहा, ‘यह मेरे लिए हैरानी की बात है. दुनिया में ऐसी चीजें होती हैं, लेकिन अगर यह सच है तो यह निश्चित रूप से चौंकाने वाला होगा.’
हथियार और सैन्य मदद भेजने के दावों के बीच ईरान का कुवैत में चीनी कंपनी पर हमला चीन से ज्यादा ईरान को बड़ी चोट दे सकता है. ईरान ने इस कदम से बड़ी गलती कर अमेरिका को बड़ा मौका दे दिया. जिस मौके की तलाश में ट्रंप थे वो ही हो गया.
मिस्र के दमियाता पोर्ट में आग
वहीं, मिस्र के दमियाता पोर्ट में लगी आग से भी भारी नुकसान की खबर है. पोर्ट पर बुधवार रात हुए हमले में दो जहाजों में आग लग गई थी. सरकार ने गुरुवार को बताया कि शुरुआती जांच में पता चला है कि आग लगने की वजह ड्रोन अटैक रहा. इस हमले के पीछे ईरान का हाथ माना जा रहा है.
न्यूयॉर्क टाइम्स ने दो ईरानी सूत्रों के हवाले से बताया कि इस हमले का मकसद यह दिखाना था कि अगर ईरान संघर्ष को और बढ़ाता है, तो दुनिया की समुद्री शिपिंग और ऊर्जा आपूर्ति पर इसका बड़ा असर पड़ सकता है.
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अमेरिका की ईरान पर भारी बमबारी
इस बीच, गुरुवार तड़के अमेरिका ने ईरान के दस से ज्यादा शहरों में भारी बमबारी की. अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के अनुसार, उनके निशाने पर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के दर्जनों ठिकाने थे.
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इन हमलों के बाद से दोनों देशों की बीच टकराव और बढ़ गया है. अमेरिकी हवाई हमलों के बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई का ऐलान किया है. फार्स न्यूज एजेंसी के मुताबिक, आईआरजीसी ने कहा, ‘ऊपर वाले की मदद से आज हमलावर को सजा दी जाएगी.’