ट्रेन में अचानक बिगड़ी तबीयत? घबराएं नहीं, रेलवे देगा तुरंत मदद, जानिए क्या है खास सुविधाएं
Indian Railway: सफर कितना भी प्लान करके किया जाए, तबियत कब ख़राब हो जाए, इसका कोई भरोसा नहीं होता. खासकर तब, जब आप अकेले सफर कर रहे हों, ऐसे में घबराहट और बढ़ जाती हैं. ऐसी स्थिति में सबसे जरुरी चीज हैं घबराना नहीं, बल्कि समझदारी से सही कदम उठाना.
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Indian Railway Special Facilities: ट्रेन का सफर हम में से ज्यादातर लोगो के लिए आम बात हैं, कोई रोज ऑफिस जाता हैं, कोई छुट्टियों में घर, तो कोई लंबी यात्रा पर निकलता हैं. लेकिन सच ये हैं कि सफर कितना भी प्लान करके किया जाए, तबियत कब ख़राब हो जाए, इसका कोई भरोसा नहीं होता. खासकर तब, जब आप अकेले सफर कर रहे हों, ऐसे में घबराहट और बढ़ जाती हैं. ऐसी स्थिति में सबसे जरुरी चीज हैं घबराना नहीं, बल्कि समझदारी से सही कदम उठाना.
छोटी परेशानी कब बन जाती है बड़ी दिक्कत?
लंबे सफर में थकान होना बहुत आम है. कई बार लगातार बैठे रहने, मौसम बदलने या नींद पूरी न होने की वजह से सिर दर्द, चक्कर या कमजोरी महसूस होने लगती है. कुछ लोगों को पहले से कोई बीमारी होती है, जो सफर के दौरान अचानक बढ़ सकती है. समस्या तब बढ़ती है जब समय पर मदद नहीं मिलती. इसलिए जरूरी है कि जैसे ही तबीयत खराब लगे, उसे नजरअंदाज न करें और तुरंत मदद लेने की कोशिश करें.
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तबीयत खराब हो जाए तो तुरंत क्या करें?
अगर ट्रेन में आपकी या किसी और की तबीयत अचानक बिगड़ जाए, तो सबसे पहले खुद को शांत रखें. घबराने से स्थिति और बिगड़ सकती है. सबसे आसान और तेज तरीका है रेलवे हेल्पलाइन 139 पर कॉल करना. ये एक ऐसी सेवा है जिससे आपकी जानकारी तुरंत संबंधित अधिकारियों तक पहुंचती है और मदद जल्दी मिलती है. इसके साथ ही ट्रेन में मौजूद TTE (ट्रैवलिंग टिकट एग्जामिनर) को तुरंत जानकारी दें. वह इस स्थिति में आपकी मदद करने के लिए जिम्मेदार होता है और आगे की व्यवस्था कर सकता है.
क्या ट्रेन में डॉक्टर मिल सकता है?
अब पहले जैसा नहीं है कि ट्रेन में मेडिकल सुविधा बिल्कुल न हो. आजकल कई ट्रेनों में डॉक्टर की व्यवस्था भी की जाती है. जरूरत पड़ने पर आप मेडिकल सहायता ले सकते हैं।इसके अलावा, IRCTC को सोशल मीडिया (जैसे X) पर टैग करके भी आप मदद मांग सकते हैं. अगर आप अपना PNR और समस्या साफ-साफ लिख दें, तो कई बार बहुत जल्दी रिस्पॉन्स मिल जाता है. कुछ ट्रेनों में बेसिक मेडिकल बॉक्स भी होता है, जिसमें सामान्य दवाइयां उपलब्ध रहती हैं, जैसे सिर दर्द, बुखार या उल्टी की दवा.
अगला स्टेशन बन सकता है राहत का ठिकाना
अगर स्थिति ज्यादा गंभीर हो जाए, तो रेलवे अगले स्टेशन पर डॉक्टर की व्यवस्था कर देता है. जरूरत पड़ने पर मरीज को सीधे अस्पताल भी ले जाया जा सकता है। हालांकि, ध्यान रखने वाली बात ये है कि डॉक्टर की सेवा लेने पर आपको कुछ शुल्क देना पड़ सकता है. लेकिन ऐसे समय में सबसे जरूरी आपकी सेहत होती है, पैसे बाद में भी देखे जा सकते हैं.
सफर के दौरान खुद को कैसे रखें स्वस्थ?
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बीमारी से बचने का सबसे अच्छा तरीका है पहले से सावधानी रखना. सफर के दौरान साफ-सफाई का खास ध्यान रखें. बाहर का खाना खाने से बचें, क्योंकि कई बार यही पेट खराब होने की सबसे बड़ी वजह बनता है. कोशिश करें कि घर से बना खाना ही साथ लेकर चलें. अगर आपके साथ बच्चे या बुजुर्ग हैं, तो उनका खास ख्याल रखें. उन्हें समय-समय पर पानी पिलाते रहें और जरूरत की दवाइयां हमेशा साथ रखें.
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