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ईरान-इजरायल जंग के बीच LPG Cylinder बुकिंग नियम फिर बदला, अब डिलीवरी के 21 नहीं... इतने दिन बाद बुक होगा दूसरा सिलेंडर

LPG Cylinder Rules: सरकार का कहना है कि इसका मुख्य मकसद जमाखोरी को रोकना है. पिछले दिनों अमेरिका और इजरायल-ईरान युद्ध के कारण वैश्विक बाजार में अनिश्चितता और घबराहट बढ़ी थी. लोग जल्दी-जल्दी सिलेंडर बुक कर रहे थे, जिससे मांग में लगभग 15 से 20 प्रतिशत की वृद्धि हो गई थी.

ईरान-इजरायल जंग के बीच LPG Cylinder बुकिंग नियम फिर बदला, अब डिलीवरी के 21 नहीं... इतने दिन बाद बुक होगा दूसरा सिलेंडर
Image Source: Social Media

LPG Cylinder Booking Rules: केंद्र सरकार ने सोमवार को बड़ा फैसला लिया है. अब एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग की अवधि 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दी गई है. सरकार का कहना है कि इसका मुख्य मकसद जमाखोरी को रोकना है. पिछले दिनों अमेरिका और इजरायल-ईरान युद्ध के कारण वैश्विक बाजार में अनिश्चितता और घबराहट बढ़ी थी. लोग जल्दी-जल्दी सिलेंडर बुक कर रहे थे, जिससे मांग में लगभग 15 से 20 प्रतिशत की वृद्धि हो गई थी.

सरकारी अधिकारियों ने बताया कि देश में एलपीजी की पर्याप्त आपूर्ति उपलब्ध है. इसलिए बुकिंग अवधि बढ़ाकर स्टॉक को प्रभावी ढंग से प्रबंधित करने का निर्णय लिया गया है. एक अधिकारी ने बताया कि आम परिवार साल में लगभग 7-8 सिलेंडर का इस्तेमाल करता है और औसतन 6 सप्ताह से पहले रिफिल की ज़रूरत नहीं होती.

पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिलहाल कोई बढ़ोतरी नहीं

सिनियर अधिकारियों ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर होने के बावजूद पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिलहाल कोई बढ़ोतरी नहीं की जाएगी. इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी तेल कंपनियां वर्तमान लागत को अपने स्तर पर वहन करेंगी. सरकार भी वैश्विक तेल बाजार पर लगातार नजर रख रही है ताकि कीमतों में अचानक बढ़ोतरी का असर देश पर न पड़े.

भारत में तेल और पेट्रोलियम भंडारण की स्थिति

केंद्र ने संसद को बताया कि देश में कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों का कुल भंडारण 74 दिनों की क्षमता वाला है. इसका मतलब यह है कि अगर कोई भू-राजनीतिक संकट या युद्ध के कारण आपूर्ति रुक भी जाए, तो देश के पास कम से कम दो महीने से ज्यादा तेल की आपूर्ति मौजूद रहती है.

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने राज्यसभा को लिखित उत्तर में बताया कि भारत में 5.33 मिलियन मीट्रिक टन की रणनीतिक पेट्रोलियम भंडारण सुविधाएं मौजूद हैं. यह लगभग 9.5 दिनों की कच्चे तेल की राष्ट्रीय आवश्यकता को पूरा कर सकती हैं. इसके अलावा, तेल कंपनियों के पास कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों का 64.5 दिनों का भंडारण भी है. इस तरह कुल मिलाकर देश में 74 दिनों की भंडारण क्षमता मौजूद है.

सरकार ने यह कदम इसलिए उठाया है ताकि वैश्विक अस्थिरता के समय में एलपीजी और पेट्रोलियम आपूर्ति में व्यवधान न आए. एलपीजी सिलेंडरों की बुकिंग अवधि बढ़ाकर जमाखोरी रोकी जा रही है और देशभर में जरूरतमंद परिवारों तक समान रूप से गैस पहुँच सके. साथ ही, पेट्रोल और डीजल की कीमतों को स्थिर रखने और आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त भंडारण तैयार रखा गया है.

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