बिना टिकट AC कोच में चढ़े तो फंसेंगे, रेलवे ला रहा है AI वाला डिजिटल TTE

Railway: अब ट्रेनों के एसी कोच में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई से लैस कैमरे लगाए जा सकते हैं. इन कैमरों की मदद से ट्रेन में चढ़ने वाले यात्रियों पर नजर रखी जाएगी और यह आसानी से पता लगाया जा सकेगा कि कौन यात्री सही टिकट के साथ सफर कर रहा है और कौन नियमों का उल्लंघन कर रहा है

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Railway: अगर आप अक्सर ट्रेन से सफर करते हैं तो यह खबर आपके लिए काफी अहम हो सकती है. Indian Railways अब ट्रेनों में बिना टिकट या गलत टिकट पर यात्रा करने वालों पर सख्ती करने की तैयारी कर रहा है. इसके लिए रेलवे नई तकनीक का सहारा लेने जा रहा है. अब ट्रेनों के एसी कोच में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई से लैस कैमरे लगाए जा सकते हैं. इन कैमरों की मदद से ट्रेन में चढ़ने वाले यात्रियों पर नजर रखी जाएगी और यह आसानी से पता लगाया जा सकेगा कि कौन यात्री सही टिकट के साथ सफर कर रहा है और कौन नियमों का उल्लंघन कर रहा है.

नई तकनीक को लेकर रेलवे की तैयारी

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रेलवे इस नई तकनीक को सीधे सभी ट्रेनों में लागू नहीं करेगा. शुरुआत में इसे कुछ खास और प्रीमियम ट्रेनों में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया जाएगा.
सबसे पहले Vande Bharat Express, Rajdhani Express और Shatabdi Express जैसी प्रमुख ट्रेनों के एसी कोच में एआई कैमरे लगाए जा सकते हैं. अगर यह प्रयोग सफल रहता है तो आने वाले समय में इसे दूसरी ट्रेनों में भी लागू किया जा सकता है.

डिजिटल टीटीई की तरह करेगा काम

यह पूरा सिस्टम एक तरह का रियल-टाइम ऑक्यूपेंसी मॉनिटरिंग सिस्टम होगा. इसका मतलब है कि कोच में कितने यात्री हैं और कौन यात्री कहां बैठा है, इसकी जानकारी सिस्टम के पास तुरंत पहुंच जाएगी.
साधारण कैमरों की जगह हाई-टेक एआई कैमरे लगाए जाएंगे, जो कोच के गेट, गलियारे और टॉयलेट के पास लगाए जा सकते हैं. इन कैमरों की मदद से कोच में आने-जाने वाले यात्रियों की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी.
इस वजह से इसे एक तरह का “डिजिटल टीटीई” भी कहा जा सकता है, क्योंकि यह लगातार यात्रियों पर नजर रखेगा और जरूरत पड़ने पर अधिकारियों को जानकारी देगा.

तीन चरणों में काम करेगा यह एआई सिस्टम

यह नई तकनीक तीन आसान चरणों में काम करेगी. सबसे पहले जब कोई यात्री कोच में प्रवेश करेगा तो कैमरा उसका चेहरा स्कैन करेगा. यह प्रक्रिया बहुत तेजी से होगी और यात्री को इसका ज्यादा अहसास भी नहीं होगा.
इसके बाद दूसरा चरण शुरू होगा, जिसमें कैमरे द्वारा स्कैन किए गए चेहरे को उस कोच के डिजिटल चार्ट में दर्ज यात्रियों की जानकारी से मिलाया जाएगा। यानी यह देखा जाएगा कि उस यात्री का नाम और टिकट उस कोच के रिकॉर्ड में है या नहीं.
तीसरे चरण में अगर किसी यात्री की जानकारी चार्ट से मेल नहीं खाती है, तो सिस्टम उसे संदिग्ध यात्री के रूप में पहचान लेगा और तुरंत यह सूचना रेलवे के कंट्रोल सिस्टम तक पहुंचा देगा। इसके बाद टीटीई या संबंधित अधिकारी को अलर्ट मिल जाएगा और वह जाकर उस यात्री की जांच कर सकेगा.

बिना टिकट यात्रा की समस्या कम होगी

रेलवे का मानना है कि इस तकनीक के आने से एसी कोच में बिना टिकट या वेटिंग टिकट पर यात्रा करने वालों की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है. अक्सर देखा जाता है कि कुछ लोग बिना सही टिकट के एसी कोच में चढ़ जाते हैं, जिससे असली यात्रियों को परेशानी होती है.
एआई कैमरों की मदद से ऐसे लोगों की पहचान जल्दी हो जाएगी और उन पर तुरंत कार्रवाई की जा सकेगी. इससे ट्रेनों में व्यवस्था भी बेहतर होगी और यात्रियों को ज्यादा आरामदायक यात्रा का अनुभव मिलेगा.

यात्रियों की सुरक्षा भी होगी मजबूत

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, एआई तकनीक काफी सटीक मानी जाती है और यह संदिग्ध गतिविधियों को पहचानने में भी मदद कर सकती है.यानी यह सिर्फ टिकट चेक करने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सुरक्षा के लिहाज से भी उपयोगी साबित हो सकता है.
कुल मिलाकर, एआई कैमरों का इस्तेमाल करके रेलवे ट्रेनों में यात्रा को ज्यादा सुरक्षित, व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठा रहा है. इससे आने वाले समय में ट्रेन यात्रा का अनुभव पहले से ज्यादा बेहतर और सुरक्षित हो सकता है.

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