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योगी सरकार ने 8 मेगा औद्योगिक इकाइयों को दी मंजूरी, 2,901 करोड़ रुपये से ज्यादा के निवेश को मिलेगा बढ़ावा

योगी सरकार ने 2,901 करोड़ रुपये से ज्यादा के निवेश को बढ़ावा दिया है. जिससे प्रदेश में बड़े पैमाने पर औद्योगिक गतिविधियों और रोजगार को गति मिलेगी.

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25 Aug 2026
( Updated: 25 Aug 2026
08:01 PM )
योगी सरकार ने 8 मेगा औद्योगिक इकाइयों को दी मंजूरी, 2,901 करोड़ रुपये से ज्यादा के निवेश को मिलेगा बढ़ावा
Image Source- IANS/X/@myogiadityanath
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योगी कैबिनेट की बैठक में प्रदेश में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है. कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2022 के तहत आठ मेगा श्रेणी की औद्योगिक इकाइयों को लेटर ऑफ कम्फर्ट (एलओसी) जारी किए जाने की संस्तुति को मंजूरी प्रदान कर दी है. 

इन आठ औद्योगिक इकाइयों से प्रदेश में कुल 2,901.97 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है. इन इकाइयों को नीति के तहत नेट एसजीएसटी और पूंजीगत सब्सिडी जैसे प्रोत्साहनों का लाभ मिलेगा. 

मेगा निवेश परियोजनाओं को कैबिनेट की मंजूरी

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उच्च स्तरीय प्राधिकृत समिति (एचएलईसी) की 4 मई 2026 को हुई बैठक में इन औद्योगिक इकाइयों के प्रस्तावों पर विचार कर कैबिनेट से अनुमोदन की संस्तुति की गई थी. अब कैबिनेट ने इन इकाइयों को लेटर ऑफ कम्फर्ट जारी किए जाने की मंजूरी दे दी है. मंजूरी पाने वाली औद्योगिक इकाइयों में सूर्या ग्लोबल सुपर फ्लैक्सीफिल्म्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा गौतमबुद्ध नगर में 605.37 करोड़ रुपये, शाल्विस स्पेशियलिटीज लिमिटेड की ओर से हमीरपुर में 297.30 करोड़ रुपये और साउंड कास्टिंग्स प्राइवेट लिमिटेड की ओर से हाथरस में 225 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है.

इसी तरह वृन्दावन बॉटलर्स प्राइवेट लिमिटेड की ओर से बाराबंकी में 436.12 करोड़ रुपये, जुआरी (Zuari) एनविएन बायोएनर्जी प्राइवेट बायोएनर्जी लिमिटेड द्वारा लखीमपुर खीरी में 294.72 करोड़ रुपये, पसवारा पेपर्स लिमिटेड की ओर से हाथरस में 315 करोड़ रुपये, सीआरडी फूड्स एंड बेवरेजेज लिमिटेड द्वारा मथुरा में 363.94 करोड़ रुपये और माउंट एवरेस्ट ब्रुअरीज लिमिटेड की ओर उन्नाव में 363.52 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव है. 

निवेशकों को मिलेगा नीति आधारित प्रोत्साहन

इन परियोजनाओं को उनकी पात्रता के अनुसार नेट एसजीएसटी और पूंजीगत सब्सिडी जैसे प्रोत्साहन दिए जाएंगे. इन प्रोत्साहनों का उद्देश्य प्रदेश में बड़े औद्योगिक निवेश को आकर्षित करने और औद्योगिक इकाइयों को प्रतिस्पर्धी कारोबारी वातावरण उपलब्ध कराना है. इन आठ मेगा परियोजनाओं से प्रदेश में विनिर्माण और अन्य औद्योगिक गतिविधियों को विस्तार मिलने की उम्मीद है. निवेश के साथ नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना और संचालन से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है.

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सरकार के इस निर्णय से गौतमबुद्ध नगर, हमीरपुर, हाथरस, बाराबंकी, लखीमपुर खीरी, मथुरा और उन्नाव जैसे जिलों में औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर आर्थिक अवसर बढ़ने की उम्मीद है. 

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