दलित बच्ची की मौत पर सियासत चमकाने आए थे वकील! मेरठ के ऑफिसर ने जड़ दिया थप्पड़, जानें कौन हैं अविनाश पांडे
प्रदर्शन के दौरान पुलिस और रवि गौतम की बहस हो गई और SSP अविनाश पांडे ने उन्हें थप्पड़ जड़ दिया. पुलिस का दावा है कि करीब 3 घंटे तक लोग कलेक्ट्रेट के बाहर बैठकर प्रदर्शन करते रहे.
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Meerut SSP Avinash Pandey: मेरठ में 16 मई को हुई दलित छात्रा की हत्या का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. छात्रा को न्याय दिलाने के लिए कलेक्ट्रेट के बाहर जमा हुए लोगों और पुलिस के बीच तनातनी हो गई. इस बीच मेरठ के SSP अविनाश पांडे ने युवा शक्ति दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष और एडवोकेट रवि गौतम को थप्पड़ जड़ दिए. जिसके बाद तनाव और बढ़ गया.
दरअसल, मेरठ के टीपीनगर में रहने वाली बीए थर्ड ईयर की छात्रा 15 मई को घर से निकली थी, लेकिन वह घर नहीं लौटी. 17 मई को रोहटा थाना इलाके के एक गांव में गन्ने के खेत में उसका शव मिला. परिजनों का आरोप है कि गैंगरेप के बाद छात्रा की हत्या की गई है. इस मामले में अभी तक दो आरोपियों को अरेस्ट किया गया जबकि दो फरार है. न्याय में देरी को लेकर परिजनों और दलित संगठनों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया.
दिल्ली-NCR से पहुंचे थे प्रदर्शनकारी
लोग कलेक्टर को अपनी मांगें पूरी करने के लिए ज्ञापन देने पहुंचे थे. दिल्ली-NCR से भी दलित संगठन इस प्रदर्शन में शामिल हुए थे. इसी में वकील और शक्ति दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष रवि गौतम भी अपने समर्थकों के साथ शामिल हुए थे.
बताया जा रहा है प्रदर्शन के दौरान पुलिस और रवि गौतम की बहस हो गई और SSP अविनाश पांडे ने उन्हें थप्पड़ जड़ दिया. पुलिस का दावा है कि करीब 3 घंटे तक लोग कलेक्ट्रेट के बाहर बैठकर प्रदर्शन करते रहे. पुलिस अधिकारियों ने उन्हें समझाने की भरसक कोशिश की लेकिन वे नहीं हटे. पुलिस ने ये भी कहा कि प्रदर्शन के चलते जाम लग गया था. इससे लोगों को परेशानी हो रही थी, लेकिन लोग मानने को तैयार नहीं थे.
इसके बाद मौके पर SSP अविनाश पांडे की एंट्री हुई और उन्होंने प्रदर्शनकारियों को थप्पड़ मार दिए. जबकि लोगों का आरोप है कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को वैन में घुसकर पीटा है. पुलिस ने 50-60 लोगों को भी हिरासत में ले लिया था.
थप्पड़ मारने के बाद चर्चा में आए SSP अविनाश पांडे कौन?
वकील रवि गौतम को थप्पड़ मारने के बाद SSP अविनाश पांडे काफी चर्चा में हैं. वे उत्तर प्रदेश पुलिस के 2015 बैच के IPS अधिकारी हैं. इससे पहले उनकी तैनाती पीलीभीत, मऊ, गाजियाबाद, प्रयागराज में थी. पुलिस सेवा में उत्कृष्ट योगदान के लिए दो बार DG प्रशंसा चिह्न से सम्मानित किया जा चुका है.
वे सख्त और एक्शन-ओरिएंटेड अधिकारी माने जाते हैं. हाल ही में उन्होंने महिला थाने में सरप्राइज इंस्पेक्शन कर बड़ा एक्शन लिया था. उन्होंने रातों रात 19 महिला सिपाहियों का ट्रांसफर कर चौंका दिया था, लेकिन दलित लड़की को न्याय दिलाने के लिए हुए प्रदर्शन में वकील को थप्पड़ मारने के कारण कई लोग उनकी आलोचना भी कर रहे हैं.
मेरठ SSP ने विवाद पर दिया जवाब
इस मामले में विवाद के बाद SSP अविनाश पांडे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस जारी कर अपना पक्ष रखा. उन्होंने कहा, वकील रवि गौतम का इतिहास आपराधिक रहा है. अविनाश पांडे ने बताया, रवि गौतम पर गाजियाबाद में तीन और गौतमबुद्ध नगर में एक FIR दर्ज है.
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SSP पांडे ने उन्हें अराजक तत्व करार दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि रवि गौतम लड़कों को भड़काकर कलेक्ट्रेट का गेट और मुख्य सड़क जाम करना चाहते थे. इस दौरान उन्होंने साफ किया कि अधिकारी शांति से बात करने को तैयार थे, लेकिन कुछ बाहरी तत्व माहौल खराब करने की फिराक में थे. ऐसे में किसी को भी माहौल खराब करने की छूट नहीं दी जाएगी.
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