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दिल्ली में पुलिस Vs पुलिस? हेडक्वार्टर के बाहर पुलिसवालों का  प्रदर्शन, समझाते रहे DCP, क्या है बगावत की वजह?

दिल्ली में पुलिस मुख्यालय के बाहर पुलिसवालों ने प्रदर्शन किया. इस दौरान DCP उन्हें समझाते रहे और बातचीत की गुहार लगाते दिखे.

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02 Nov 2026
( Updated: 02 Nov 2026
04:01 PM )
दिल्ली में पुलिस Vs पुलिस? हेडक्वार्टर के बाहर पुलिसवालों का  प्रदर्शन, समझाते रहे DCP, क्या है बगावत की वजह?
Image Source- Screengrab/Video/IANS
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दिल्ली में पुलिस हेडक्वार्टर के सामने सोमवार को अजीब सी स्थिति बन गई. जब पुलिस के दो अफसर प्रदर्शन के लिए उतर गए. प्रदर्शन कर रहे अफसरों को मनाने के लिए दिल्ली पुलिस के ही अधिकारी भी जुटे हुए थे. DCP सचिन शर्मा पुलिस जवानों से हेडक्वार्टर के अंदर आने की गुहार लगाते रहे लेकिन अधिकारी नहीं माने. 

ये मामला 23 अक्टूबर को शाहदरा और गांधी नगर थाने में वकील-पुलिस विवाद से जुड़ा है. इसके बाद पुलिसकर्मी अपनी शिकायत लेकर दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर जमा हो गए. प्रदर्शन कर रहे पुलिसकर्मियों का आरोप है कि वकीलों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई, जबकि पुलिसकर्मियों के खिलाफ ही कार्रवाई कर दी गई. 

क्यों हो रहा विरोध?

इस घटना में एक वकील के सिर में गंभीर चोट आई थी. इसके बाद दिल्ली के वकीलों ने हड़ताल का ऐलान कर दिया. उन्होंने एसीपी मनस्वी वशिष्ठ पर पिस्टल लहराने का आरोप लगाकर उनके ट्रांसफर की मांग की थी. इसके बाद दिल्ली पुलिस ने एसीपी और शाहदरा थाने के SHO का ट्रांसफर कर दिया था. पुलिस के जवानों की नाराजगी इसी बात को लेकर है कि कार्रवाई केवल पुलिस पर ही क्यों हुई.

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DCP लगाते रहे गुहार, नहीं माने पुलिस जवान

मौके पर DCP सचिन शर्मा पुलिसकर्मियों को सड़क से हटकर पुलिस मुख्यालय के अंदर चलने के लिए समझाते नजर आए, ताकि बातचीत हो सके, लेकिन प्रदर्शनकारी उनकी बात मानने को तैयार नहीं थे. 

ट्रांसफर के बाद एसीपी मनस्वी वशिष्ठ ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार को लेटर लिखकर ओपन हाउस यानी संपर्क सभा की मांग की. उनका कहना है हमने साहब से अपनी बात रखने के लिए एक मंच देने का अनुरोध किया है और इस संबंध में औपचारिक रूप से भी आवेदन दिया है. हमें पूरा विश्वास है कि साहब हमें अपनी बात रखने का मौका देंगे. हम वहां खुलकर अपनी बात रखेंगे और इस मामले का निश्चित रूप से कोई न कोई समाधान निकलेगा, हम खड़े हुए हैं, क्योंकि पुलिस जिस गुंडागर्दी का सामना कर रही है और थानों के अंदर जिस तरह सुरक्षा की समस्या उत्पन्न हो गई है, उसके खिलाफ आवाज उठाना जरूरी है. कुछ लोग भेष बदलकर गुंडागर्दी कर रहे हैं, जो न केवल हमारे, बल्कि पूरे समाज के दुश्मन हैं. हम उनके खिलाफ खड़े हुए हैं, क्योंकि अगर थाने ही सुरक्षित नहीं हैं, तो फिर कोई भी जगह सुरक्षित नहीं रह सकती.’

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प्रदर्शन के दौरान एक पुलिसकर्मी की आंखों में आंसू भी निकले. उन्होंने रोते हुए अपनी बात रखी. हालांकि DCP सचिन शर्मा ने उन्हें समझाया और मदद का आश्वासन दिया. वकीलों और पुलिस के बीच हुए विवाद के बाद दिल्ली पुलिस ने 28 अक्टूबर को ACP मनस्वी वशिष्ठ का ट्रांसफर गांधी नगर में सब-डिविजनल पुलिस ऑफिसर से स्पेशल पुलिस यूनिट फॉर विमेन एंड चिल्ड्रन (SPUWAC) में भेजा दिया था. वहीं, शाहदरा पुलिस स्टेशन के तत्कालीन SHO इंस्पेक्टर अरुण कुमार का ट्रांसफर सिक्योरिटी यूनिट में कर दिया गया था. 

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