Advertisement
दिल्ली में लहराया पाकिस्तानी झंडा! हनुमान चालीसा पढ़ने पर पथराव...दिल्ली के सागरपुर में क्या-क्या हुआ?
Pakistani flag waved in Delhi: सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें दावा किया गया कि मोहर्रम के जुलूस के दौरान पाकिस्तान का झंडा लहराया गया था. कई लोगों ने वीडियो को सच मानते हुए सवाल उठाए, जबकि कुछ लोगों ने इसकी सच्चाई पर शक जताया. मामला बढ़ने के बाद दिल्ली पुलिस ने खुद पूरे वीडियो और दूसरे फुटेज की जांच शुरू की.
Advertisement
Pakistani flag waved in Delhi Video: राजधानी दिल्ली के सागरपुर इलाके में एक झंडे को लेकर शुरू हुआ विवाद अब पुलिस जांच का मामला बन गया है. सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें दावा किया गया कि मोहर्रम के जुलूस के दौरान पाकिस्तान का झंडा लहराया गया था वीडियो सामने आते ही लोगों के बीच तरह- तरह की चर्चाएं शुरू हो गई और मामला धीरे - धीरे तूल पकड़ने लगा. कई लोगों ने वीडियो को सच मानते हुए सवाल उठाए, जबकि कुछ लोगों ने इसकी सच्चाई पर शक जताया. मामला बढ़ने के बाद दिल्ली पुलिस ने खुद पूरे वीडियो और दूसरे फुटेज की जांच शुरू की...
दिल्ली पुलिस ने दावों को बताया गलत
जांच पूरी होने के बाद दिल्ली पुलिस ने साफ कहा कि वायरल वीडियो में पाकिस्तान का झंडा नहीं दिखाई देता. पुलिस के मुताबिक, जिस झंडे को लेकर विवाद खड़ा हुआ, वह एक धार्मिक ध्वज था और उसका पाकिस्तान के राष्ट्रीय ध्वज से कोई संबंध नहीं है. अधिकारियों ने कहा कि सोशल मीडिया पर जो दावे किए जा रहे हैं, वे जांच में सही साबित नहीं हुए. पुलिस ने लोगों से अपील भी की कि किसी भी वीडियो या पोस्ट पर बिना पुष्टि किए भरोसा न करें और अफवाहों से दूर रहें.
Advertisement
Advertisement
शिकायतकर्ता अपने दावे पर कायम
हालांकि, इस मामले में शिकायत करने वाले विपिन राजपूत पुलिस की बात से सहमत नहीं हैं. उनका कहना है कि मोहर्रम के जुलूस के दौरान पाकिस्तान के झंडे जैसे दिखने वाले झंडे लहराए गए थे. उन्होंने इस संबंध में पुलिस को लिखित शिकायत भी दी है. उनका कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सभी के सामने आ सके. फिलहाल पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों और उपलब्ध वीडियो समेत सभी साक्ष्यों की जांच कर रही है.
Advertisement
नई दिल्ली के सागरपुर इलाके में मुहर्रम विवाद के बाद भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। हनुमान चालीसा पाठ के दौरान विरोध और पथराव की घटना के बाद स्थिति अब शांत है।#NewDelhi #Sagarpur #DelhiNews #Police #BreakingNewspic.twitter.com/3ZuMxOLFZD
— Sachin (@Sachin1649242) ?ref_src=twsrc%5Etfw">July 1, 2026
हनुमान चालीसा कार्यक्रम के दौरान पथराव का आरोप
मंगलवार शाम विवाद ने नया मोड़ ले लिया. कुछ स्थानीय लोग और हिंदू संगठनों से जुड़े कार्यकर्ता इलाके के एक DDA पार्क में हनुमान चालीसा का पाठ करने पहुंचे. आरोप है कि कार्यक्रम के दौरान आसपास की कुछ इमारतों से पत्थर फेंके गए. शिकायतकर्ताओं का कहना है कि इस घटना में कुछ लोग घायल भी हुए. हालांकि, पुलिस अभी इस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पथराव किसने किया और इसके पीछे क्या वजह थी.
Advertisement
महिलाओं को आगे करने और बकरा मंडी लगाने के भी आरोप
शिकायतकर्ता विपिन राजपूत ने यह भी आरोप लगाया कि पथराव के दौरान महिलाओं को आगे कर पत्थर फेंके गए. इसके अलावा उन्होंने दावा किया कि जिस DDA पार्क में हनुमान चालीसा का कार्यक्रम हुआ, वहां दूसरे समुदाय के लोग बकरा मंडी लगाते हैं. हालांकि, इन आरोपों की अभी तक किसी भी सरकारी एजेंसी या पुलिस ने पुष्टि नहीं की है. इसलिए इन दावों को फिलहाल जांच का हिस्सा माना जा रहा है और पुलिस सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है.
इलाके में सुरक्षा बढ़ाई गई, पुलिस ने शांति बनाए रखने की अपील की
Advertisement
यह भी पढ़ें
विवाद को देखते हुए सागरपुर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. पुलिस का कहना है कि फिलहाल इलाके में स्थिति पूरी तरह सामान्य है और कानून-व्यवस्था पर पूरी तरह नियंत्रण है. अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाह या भड़काऊ पोस्ट पर भरोसा न करें और शांति बनाए रखें. पुलिस ने एक बार फिर दोहराया कि उनकी जांच में मोहर्रम के जुलूस में पाकिस्तान का झंडा नहीं मिला है. अधिकारियों के मुताबिक, पाकिस्तान के राष्ट्रीय ध्वज की बनावट अलग होती है, जिसमें सफेद हिस्सा लगभग 30 प्रतिशत होता है, जबकि वायरल वीडियो में दिखाई देने वाला झंडा धार्मिक ध्वज था. अब पुलिस सभी शिकायतों और उपलब्ध सबूतों के आधार पर आगे की जांच कर रही है.