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TMC में भयंकर बवाल, कल्याण बनर्जी का ममता बनर्जी को आखिरी अल्टीमेटम, कहा- भतीजा या मैं, किसी एक को चुन लो

पार्टी में टूट, विधायकों के बाद सांसदों की बगावत और तीन राज्यसभा सांसदों के इस्तीफे के बाद अब कल्याण बनर्जी ने साफ इशारा कर दिया है कि वो ममता का साथ छोड़ने जा रहे हैं अगर ममता अपने भतीजे को चुनना चाहती हैं. उन्हें अभिषेक बनर्जी को खूब सुनाया.

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11 Jun 2026
( Updated: 11 Jun 2026
04:22 PM )
TMC में भयंकर बवाल, कल्याण बनर्जी का ममता बनर्जी को आखिरी अल्टीमेटम, कहा- भतीजा या मैं, किसी एक को चुन लो
Kalyan Banerjee and Mamata Banerjee/ Image Source: IANS
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पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी को अब तक का सबसे बड़ा झटका लगा है. TMC के कद्दावर नेता और ममता के सबसे करीबी कल्याण बनर्जी ने भी बगावती रुख अख्तियार कर लिया है. उन्होंने TMC सुप्रीमो को चेतावनी देते हुए आखिरी अल्टीमेटम दिया है कि या तो मुझे या फिर अभिषेक बनर्जी को चुनना होगा. इतना ही नहीं उन्होंने एक बड़ा कदम उठाते हुए खुद को अभिषेक बनर्जी के कानूनी मामले (केस) से पूरी तरह अलग कर लिया है. 

पार्टी में टूट, विधायकों के बाद सांसदों की बगावत और तीन राज्यसभा सांसदों के इस्तीफे के बाद अब कल्याण बनर्जी ने एक तरह से साफ इशारा कर दिया है कि वो ममता का साथ छोड़ने जा रहे हैं अगर ममता अपने भतीजे को चुनना चाहते हैं. उन्होंने दो टूक कहा कि अभिषक पूरी TMC नहीं हैं, वो पैराशूट हैं टीएमसी में. उन्होंने अभिषेक के व्यवहार पर भी सवाल उठाया और कहा कि वो उनके एटीट्यूड को पसंद नहीं करते हैं. वो इस तरह मुझे, सबकी बेइज्जती नहीं कर सकते हैं. मैं इसे बर्दाश्त नहीं करूंगा.

'ममता किसे चुनेंगी, तय कर लें'

कल्याण बनर्जी ने आगे कहा कि अगर आप अभिषेक बनर्जी को छोड़ते हैं तो मैं आपके साथ हूं, लेकिन आपको देखना होगा, मुझमें से और अभिषेक में से किसी एक को चुनना होगा. टीएमसी नेता ने अभिषेक को घमंडी करार देते हुए कहा कि वो वरिष्ठ नेताओं का बिल्कुल आदर नहीं करते. उन्होंने आगे कहा कि "मुझे डस्टबिन की तरह ट्रीट मत करो, साल 2022 से ही मुझ पर ट्रस्ट नहीं किया जा रहा है." कल्याण बनर्जी ने बड़ी चिंता जताते हुए कहा कि अभिषेक बनर्जी के कारण पूरी पार्टी बर्बाद हो गई है और ऐसा लग रहा है जैसे हम अपनी ही पार्टी खो चुके हैं.

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कल्याण बनर्जी ने ममता को दिया आखिरी अल्टीमेटम!

उन्होंने सीधे तौर पर अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अब ममता बनर्जी को ही तय करना है कि उन्हें किसे चुनना है पार्टी के एक वफादार को या फिर अभिषेक बनर्जी को. उन्होंने स्पष्ट किया कि वो पूरी तरह से ममता के साथ हैं, लेकिन अब कोई केस नहीं लड़ेंगे. अपनी बात को मजबूती से रखते हुए कल्याण बनर्जी ने कहा, "मैं अब तक इस मुद्दे पर कुछ नहीं बोल रहा था, लेकिन अब मैं भी अपनी बात कह रहा हूं. मैं यह पूरा फैसला ममता बनर्जी पर छोड़ता हूं कि वो मुझे पार्टी में रखना चाहती हैं या उन्हें."

'ममता दी दोनों में से किसी एक को चुनें'

टीएमसी में अंदरूनी कलह के बीच सांसद कल्याण बनर्जी ने गुरुवार को पार्टी के महासचिव अभिषेक बनर्जी पर उनके 'अहंकार' और 'बदतमीजी' को लेकर निशाना साधा और कहा कि अगर पार्टी प्रमुख को लगता है कि वह अपने भतीजे के बिना पार्टी नहीं चला सकतीं, तो वह पार्टी छोड़ सकते हैं. तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी का यह तीखा बयान उस समय सामने आया, जब उन्होंने आरोप लगाया कि अभिषेक बनर्जी से जुड़े मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट में दायर एक अलग याचिका की जानकारी उन्हें नहीं दी गई.

क्या है कल्याण बनर्जी के नाराज होने का मामला?

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दरअसल अभिषेक बनर्जी ने पश्चिम बंगाल पुलिस की सीआईडी द्वारा विधायकों के सिग्नेचर मिसमैच मामले में जारी समन को चुनौती देते हुए याचिका दायर की थी. साथ ही उन्होंने गिरफ्तारी समेत किसी भी प्रकार की पुलिस कार्रवाई से अंतरिम राहत की भी मांग की थी.

कल्याण बनर्जी ने CID के केस को लेकर किया बड़ा खुलासा

कल्याण बनर्जी ने कहा, “कल मैंने अदालत के समक्ष मामले का उल्लेख करते हुए कहा था कि इसकी तत्काल सुनवाई जरूरी है. अदालत ने कहा कि इस पर गुरुवार को सुनवाई होगी. करीब 12:30 बजे एक वकील आया और बताया कि तलाशी और जब्ती को लेकर एक अलग याचिका भी दायर की गई है. बिना मुझसे सलाह किए ऐसा कैसे किया जा सकता है?” वरिष्ठ अधिवक्ता कल्याण बनर्जी ने कहा कि वह इसलिए भी आहत हुए, क्योंकि इस मामले में वह अभिषेक बनर्जी की ओर से पैरवी कर रहे थे, फिर भी उन्हें विश्वास में नहीं लिया गया.

कल्याण बनर्जी को किया गया अपमानित!

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सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा, “मुझे बताया गया कि यह मामला दायर हो चुका है और इसकी पैरवी किशोर दत्ता करेंगे. मैंने कहा कि उन्हें करने दीजिए, मुझे कोई आपत्ति नहीं है लेकिन फिर पूरा मामला एक ही व्यक्ति को संभालना चाहिए.” सांसद ने कहा, पूरे दिन मुझे कुछ नहीं बताया गया. फिर मेरे बेटे को संदेश मिला कि अब कल्याण बनर्जी की जरूरत नहीं है. उन्होंने कहा, "मुझे कूड़ेदान की तरह नहीं समझा जाना चाहिए."

कल्याण बनर्जी ने कहा कि अब जिन वकीलों को अभिषेक बनर्जी के मामले की पैरवी सौंपी गई है, वे सभी कभी उनके जूनियर रह चुके हैं. उन्होंने कहा, “क्या एक वरिष्ठ वकील के प्रति यही सम्मान है? यह मेरे लिए बहुत बड़ा अपमान है. अभिषेक का अहंकारी रवैया पूरी पार्टी को नुकसान पहुंचा चुका है. उन्हें यह समझना चाहिए. उनके व्यवहार ने सब कुछ बर्बाद कर दिया है. कल्याण बनर्जी ने कहा, “अभिषेक बुरे दौर में भी खुद को राजा समझते हैं, जबकि मैं हमेशा पार्टी और ममता बनर्जी के साथ खड़ा रहा हूं, खासकर कठिन समय में.”

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TMC के कद्दावर नेता हैं कल्याण बनर्जी!

"बता दें कि कल्याण बनर्जी की गिनती हमेशा से ममता बनर्जी के सबसे करीबी और भरोसेमंद नेताओं में होती है. पश्चिम बंगाल चुनाव के बाद से ही वो कई अहम मामलों में कोर्ट के भीतर टीएमसी की सबसे मजबूत ढाल बनकर खड़े रहे हैं. यहां तक कि फर्जी हस्ताक्षर से जुड़े जिस हाई-प्रोफाइल मामले में अभिषेक बनर्जी आरोपी हैं, उसमें भी कल्याण बनर्जी ही उनके मुख्य वकील थे.

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