योगी सरकार के 'यूपी राइज' मंच पर चमकी जौनपुर की बेटी, अनोखे आइडिया से जीते 25 हजार रुपये का इनाम
जौनपुर के तिलकधारी पीजी कॉलेज में आयोजित 'यूपी राइज' कार्यक्रम में युवाओं ने कृषि, हस्तशिल्प और तकनीक से जुड़े स्टार्टअप आइडिया पेश किए. प्रतियोगिता में छात्रा सुप्रिया ने 25 हजार रुपये का प्रथम पुरस्कार जीता.
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युवाओं को नौकरी तलाशने के बजाय रोजगार देने वाला बनाने और उत्तर प्रदेश को नवाचार व स्टार्टअप का केंद्र बनाने की योगी सरकार की सोच को शुक्रवार को 'यूपी राइज' कार्यक्रम में एक नई दिशा मिली. जौनपुर के तिलकधारी पीजी कॉलेज में आयोजित इस कार्यक्रम में युवाओं ने कृषि, हस्तशिल्प और व्यवसाय में तकनीक के तालमेल से जुड़े कई बेहतरीन स्टार्टअप आइडिया प्रस्तुत किए. प्रतियोगिता में जौनपुर की छात्रा सुप्रिया ने प्रथम पुरस्कार जीता, जिन्हें 25 हजार रुपये का पुरस्कार दिया गया. वहीं, कौशल को सेकेंड रनर-अप और सुजल को सांत्वना पुरस्कार मिला.
कार्यक्रम का शुभारंभ मेंटोर ज्योति तिवारी रस्तोगी, अनुपम रघुवंशी और तिलकधारी महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. रामाश्रय सिंह व महाविद्यालय के अन्य अधिकारियों ने किया. युवाओं ने कृषि, प्रबंधन, मेडिकल, क्राफ्ट, हाइपरलोकल ई-कॉमर्स, जौनपुर रूरल आर्टिसन, डीजी दुकान, फ्रेश फोल्ड और एआई सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपने नवाचार पेश किए.
पारंपरिक हस्तकला 'क्रोशिया' से बने हस्तशिल्प का नवाचार बना विजेता
जौनपुर की बीकॉम द्वितीय वर्ष की छात्रा सुप्रिया को पारंपरिक क्रोशिया क्राफ्ट को आधुनिक रूप देकर फोन कवर, कोस्टर और हेयर क्लिप आदि बनाने के लिए प्रथम स्थान मिला. उन्हें 25 हजार रुपये का पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया. सुप्रिया ने बताया कि वे इस पुरस्कार राशि का उपयोग अपने स्टार्टअप को आगे बढ़ाने के लिए करेंगी.
नवाचार को व्यावहारिक अनुभव से जोड़ें
कार्यक्रम में मेंटॉर के रूप में शामिल ज्योति तिवारी रस्तोगी ने पिछले 15 वर्षों से अधिक समय से स्वास्थ्य सेवा और फार्मास्युटिकल क्षेत्र को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है. उनका विशेष उद्देश्य महिलाओं के लिए स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ, समावेशी और प्रभावशाली बनाना रहा है. वे 'इंजीनियस वर्कज़' (Ingenious Workz) की संस्थापक एवं सीईओ हैं। इसके साथ ही वे स्टैनफोर्ड से प्रशिक्षित डिज़ाइन थिंकिंग विशेषज्ञ और प्रमाणित कॉर्पोरेट ट्रेनर भी हैं. वे अब तक 2,000 से अधिक पेशेवरों को प्रशिक्षित कर चुकी हैं. उन्होंने विश्व स्वास्थ्य संगठन और वर्ल्ड बैंक के सहयोग से भी महिला स्वास्थ्य एवं ग्रामीण विकास के विषयों पर काम किया है. युवाओं को प्रेरित करते हुए उन्होंने कहा, 'हमारे दौर में ऐसी सुविधाएं नहीं थीं। आप लोग भाग्यशाली हैं जिन्हें ऐसा मंच मिल रहा है. नौकरी मांगने के बजाय नौकरी देने वाले बनें, सरकार आपकी मदद के लिए कई योजनाएं चला रही है.'
दूसरे मेंटॉर रहे अनुपम रघुवंशी
दूसरे मेंटॉर अनुपम रघुवंशी एक अनुभवी करियर रणनीतिकार, मार्गदर्शक और टेडएक्स (TEDx) वक्ता थे. उन्हें करियर काउंसलिंग, उद्यमिता और नेतृत्व विकास के क्षेत्र में दो दशकों से अधिक का अनुभव है. रघुवंशी 'करियर हेल्पलाइन' के संस्थापक हैं और रोटरी इंटरनेशनल के 'करियर काउंसलिंग व ई-लर्निंग सेल' के चेयरमैन के रूप में सेवाएं दे रहे हैं. उन्होंने 'टाइम' संस्थान में बतौर डायरेक्टर भी कार्य किया है. उन्होंने युवाओं को मंत्र देते हुए कहा कि अपनी कमियों को पहचानें, उनमें सुधार करें और लगातार आगे बढ़ते रहें. उन्होंने नवाचार को व्यावहारिक अनुभव से जोड़ने और किसी भी स्टार्टअप को शुरू करने से पहले गहन 'मार्केट रिसर्च' करने पर विशेष जोर दिया.
'शक्ति क्षेत्र' में युवाओं ने लिखे आत्मनिर्भर यूपी के सपने
विद्यार्थियों की रचनात्मकता को प्रदर्शित करने के लिए आयोजन स्थल पर एक विशेष शक्ति ज़ोन बनाया गया था. यहाँ छात्र-छात्राओं ने पर्चियों पर आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश को लेकर अपने विचार और सपने लिखकर साझा किए.
प्रस्तुत किए गए 11 नवाचार एवं स्टार्टअप
इस आयोजन में भारी संख्या में युवाओं ने हिस्सा लिया. कार्यक्रम में कुल 11 स्टार्टअप एवं नवाचार प्रस्तुत किए गए, जिनमें ऑक्टो फ्लो, मशरूम फार्मिंग, क्राफ्ट विद सुप्रिया, कृषि नेत्र, फ्रेश फोल्ड, इंस्टेंट कारीगर, डीजी दुकान और एआई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म शामिल थे. युवाओं के इन आइडियाज ने तकनीक, शिक्षा, आपदा प्रबंधन, कृषि और उद्योग के क्षेत्र में समस्याओं के समाधान के साथ रोजगार सृजन की नई राहें दिखाई हैं.
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बताते चलें कि यूपी राइज कार्यक्रम ने जौनपुर के युवाओं को अपने नवाचार और उद्यमिता की क्षमता दिखाने का मंच दिया. यहां पेश किए गए स्टार्टअप आइडिया बताते हैं कि सही मार्गदर्शन, तकनीक और अवसरों के साथ युवा न केवल आत्मनिर्भर बन सकते हैं, बल्कि दूसरों के लिए भी रोजगार के नए अवसर पैदा कर सकते हैं.