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जबलपुर एनसीसी कैडेट्स पर भीषण गर्मी का असर, 31 से अधिक बीमार, कई ICU में भर्ती
सीएमएचओ डॉ. नवीन कोठारी ने आईएएनएस को बताया, "घटना के बाद, आईआईआईटीडीएम में चल रहे एनसीसी कैंप से बच्चे यहां आने लगे. अब तक 31 बच्चों को लाया गया है, जिनमें 15 लड़के और 16 लड़कियां शामिल हैं. ज
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मध्य भारत में चल रही भीषण गर्मी की लहर के बीच एक चिंताजनक घटना सामने आई है. डुमना रोड स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी डिजाइन एंड मैन्युफैक्चरिंग (आईआईआईटीडीएम) कैंपस में आयोजित एक प्रशिक्षण शिविर में, नेशनल कैडेट कोर (एनसीसी) के 31 से अधिक प्रशिक्षु लू लगने और डिहाइड्रेशन के लक्षणों के कारण गंभीर रूप से बीमार पड़ गए.
लू लगने से 31 एनसीसी कैडेट अस्पताल में भर्ती
गुरुवार देर शाम कैंप परिसर में इस घटना से अफरा-तफरी मच गई, जिसके बाद प्रभावित सभी कैडेट्स को तुरंत इलाज के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया.
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अधिकारियों के अनुसार, गुरुवार रात 8 बजे कैडेट्स को चक्कर आने, उल्टी, दस्त और बहुत ज़्यादा कमजोरी की शिकायत होने लगी.
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इस बच्चों में 15 लड़के और 16 लड़कियां शामिल
सीएमएचओ डॉ. नवीन कोठारी ने आईएएनएस को बताया, "घटना के बाद, आईआईआईटीडीएम में चल रहे एनसीसी कैंप से बच्चे यहां आने लगे. अब तक 31 बच्चों को लाया गया है, जिनमें 15 लड़के और 16 लड़कियां शामिल हैं. जब उन्हें विक्टोरिया अस्पताल लाया गया, तो कुछ को पेट दर्द था, कुछ घबराए हुए थे. कुछ ने सीने में दर्द की शिकायत की, जबकि कुछ में उनींदापन और बेहोशी जैसी हालत के लक्षण दिखे."
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उन्होंने कहा, "शुरुआती तौर पर हमने उनका इलाज हीटस्ट्रोक (लू लगने) के लिए किया है, लेकिन हमारे खाद्य सुरक्षा अधिकारी यह भी जांच करेंगे कि यह फ़ूड पॉइज़निंग का मामला था या हीटस्ट्रोक का. हम कैंप में खाने की जांच करेंगे."
डॉ. कोठारी ने बच्चों की हेल्थ पर दिया अपडेट
डॉ. कोठारी ने बताया कि लगभग सभी बच्चे ठीक हो गए हैं. अस्पताल की मेडिकल टीमों ने पुष्टि की है कि जहां ज्यादातर कैडेट्स की हालत स्थिर है और वे इलाज पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं, वहीं तीन से चार कैडेट्स की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है, जिनमें से कम से कम सात को इंटेंसिव केयर यूनिट (आईसीयू) में भर्ती किया गया है.
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डॉक्टरों की एक विशेष टीम सभी युवा प्रशिक्षुओं पर कड़ी नजर रख रही है, और प्रभावित कैडेट्स के परिवारों को उनकी हालत के बारे में सूचित कर दिया गया है.
एनसीसी अधिकारी और ज़िला स्वास्थ्य विभाग के प्रतिनिधि सहायता कार्यों में तालमेल बिठाने के लिए अस्पताल में मौजूद हैं.
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4 मई को शुरू हुआ था एनसीसी ट्रेनिंग कैंप
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यह प्रशिक्षण कैंप 14 मई को शुरू हुआ था और 24 मई तक चलेगा; इसमें जबलपुर और आस-पास के जिलों से 450 से ज्यादा एनसीसी कैडेट्स हिस्सा ले रहे हैं.
जिला प्रशासन और स्वास्थ्य अधिकारियों की शुरुआती जांच में इस सामूहिक बीमारी का मुख्य कारण भीषण गर्मी और खुले आसमान के नीचे किए गए प्रशिक्षण के दौरान हुई शारीरिक मेहनत को बताया गया है.
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मध्य प्रदेश इस समय भीषण गर्मी की चपेट में है, जहाँ हाल के दिनों में कई इलाकों में तापमान 47 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया है.
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विशेष रूप से जबलपुर में, पिछले चार दिनों से पारा 44 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है, जिससे बाहर की गतिविधियों के लिए खतरनाक हालात पैदा हो गए हैं.