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सपा में टूट की पटकथा तैयार? ओपी राजभर ने 'बागी चेहरे' को लेकर किया सबसे बड़ा दावा, कर दिया नाम का खुलासा!

ओपी राजभर ने दावा किया है कि समाजवादी पार्टी में जल्द बड़ी टूट हो सकती है. उन्होंने संकेत दिया कि सपा के बागी सांसदों का नेतृत्व उत्तर प्रदेश की 'बागी भूमि' से आने वाला एक नेता करेगा, जिससे प्रदेश की राजनीति में नई चर्चा शुरू हो गई है.

सपा में टूट की पटकथा तैयार? ओपी राजभर ने 'बागी चेहरे' को लेकर किया सबसे बड़ा दावा, कर दिया नाम का खुलासा!
Image Source: IANS
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उत्तर प्रदेश की राजनीति में इन दिनों एक नया मुद्दा चर्चा के केंद्र में है. बंगाल में तृणमूल कांग्रेस और महाराष्ट्र शिवसेना यूबीटी में हुई टूट के बाद अब उत्तर प्रदेश समाजवादी पार्टी को लेकर भी सियासी गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं. इसकी वजह बने हैं योगी सरकार में मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रमुख ओपी राजभर, जिन्होंने दावा किया है कि समाजवादी पार्टी के भीतर नेताओं की नाराज़गी लगातार बढ़ रही है. और आने वाले समय में पार्टी में बड़ी टूट देखने को मिल सकती है.

राजभर के इस बयान ने प्रदेश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है. खास बात यह है कि उनके दावे को डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने भी हवा दी, जिसके बाद राजनीतिक अटकलों का दौर और तेज हो गया. अब हर किसी की नजर इस बात पर है कि आखिर सपा में ऐसा कौन नेता है, जिसके नेतृत्व में बागी सांसदों का गुट तैयार हो सकता है.

ओपी राजभर ने सोशल मीडिया पर किया बड़ा दावा

ओपी राजभर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट करते हुए कहा कि लोग उनसे लगातार पूछ रहे हैं कि क्या सचमुच समाजवादी पार्टी में टूट होने जा रही है. इसके जवाब में उन्होंने दावा किया कि यदि ऐसा होता है तो बागी सांसदों के समूह का नेतृत्व उत्तर प्रदेश की 'बागी भूमि' का एक लाल करेगा. हालांकि उन्होंने किसी नेता या जिले का नाम नहीं लिया, लेकिन राजनीतिक हलकों में इस बयान के कई मायने निकाले जा रहे हैं. उत्तर प्रदेश में बलिया को लंबे समय से 'बागी भूमि' कहा जाता है. ऐसे में चर्चा शुरू हो गई कि राजभर का इशारा कहीं बलिया से जुड़े किसी सपा नेता की ओर तो नहीं है.

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ब्राह्मण सम्मेलन का भी किया जिक्र

अपने बयान में राजभर ने यह भी कहा कि हाल ही में सपा कार्यालय में आयोजित सम्मेलन के दौरान ब्राह्मण समाज के साथ कथित तौर पर उचित व्यवहार नहीं किया गया. उन्होंने दावा किया कि इस घटना से 'बागी भूमि' का वह नेता बेहद आहत है. राजभर ने कहा कि असंतोष पहले से मौजूद था, लेकिन हाल की घटनाओं ने उसे और बढ़ा दिया है. उनके मुताबिक अब पार्टी के भीतर की नाराजगी खुलकर सामने आ सकती है. हालांकि सपा की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.

अखिलेश यादव को दी सलाह

ओपी राजभर ने अपने बयान में समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव को भी निशाने पर लिया. उन्होंने कहा कि उनके एक बयान पर जिस तरह प्रतिक्रिया दी गई, उससे बेहतर होता कि पार्टी नेतृत्व अपने सांसदों और नेताओं की नाराजगी दूर करने पर ध्यान देता. राजभर ने सलाह देते हुए कहा कि यदि पार्टी में किसी तरह की नाराजगी है तो उसे समय रहते दूर किया जाना चाहिए. उनके इस बयान को राजनीतिक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है.

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अखिलेश यादव ने भी किया पलटवार

राजभर के दावे के बाद समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी जवाब दिया. उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए बीजेपी और उसके सहयोगियों पर निशाना साधते हुए कहा कि भविष्यवाणी करने वालों को पहले अपनी राजनीति की चिंता करनी चाहिए. इसके साथ ही अखिलेश ने यह भी कहा कि भाजपा विरोधी दलों को तोड़ने की राजनीति करती है. उन्होंने दावा किया कि लालच और दबाव की राजनीति के जरिए विपक्षी दलों को कमजोर करने की कोशिश की जाती है. हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि समाजवादी पार्टी ऐसे लोगों की पार्टी है जो संघर्ष से पीछे नहीं हटते.

शिवपाल यादव ने कहा हो रहा षड्यंत्र

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सपा नेता शिवपाल यादव ने ओम प्रकाश राजभर के समाजवादी पार्टी में टूट के बयान पर कहा, 'बीजेपी के लोग झूठ बोलते हैं. बीच-बीच में षड्यंत्र भी करते रहते हैं. समाजवादी पार्टी का कोई भी सांसद टूटेगा नहीं. ये लोग अपनी TRP बढ़ाने के लिए और चुनाव के समय सीटों की संख्या बढ़ाने के लिए ये बोलते हैं. मुझे तो लगता है इन्हें ट्वीट करने का भी पैसा मिलता है इसलिए इस तरह की बातें करते हैं, झूठ बोलते हैं. अखिलेश यादव के नेतृत्व में 2027 में उत्तर प्रदेश में सरकार बनेगी. ओम प्रकाश राजभर को पूरे उत्तर प्रदेश में कोई सीरियस नहीं लेता है.'

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बहरहाल, सपा में किसी तरह की टूट की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. लेकिन लगातार आ रहे राजनीतिक बयानों ने इस मुद्दे को चर्चा का विषय जरूर बना दिया है. आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि यह केवल राजनीतिक बयानबाजी है या फिर उत्तर प्रदेश की राजनीति में कोई बड़ा घटनाक्रम आकार लेने वाला है. फिलहाल इतना तय है कि राजभर के बयान ने सियासी तापमान बढ़ा दिया है और सभी की नजरें समाजवादी पार्टी की अगली रणनीति पर टिकी हुई हैं.

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