सरकारी कर्मचारियों पर हिमंता सरकार की सख्ती, दूसरी शादी की तो पहली पत्नी को मिलेगा वेतन
मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि पहली पत्नी के खाते में वेतन का 20 प्रतिशत सीधे भेजने और साथ-साथ विभागीय कार्रवाई शुरू करने की व्यवस्था से सरकारी कर्मचारियों में बहुविवाह की प्रवृत्ति पर रोक लगेगी.
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असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने सरकारी सेवा में नियुक्तियों को लेकर पुलिस सत्यापन प्रक्रिया में बड़ा बदलाव करने की घोषणा की है. अब पुलिस सत्यापन लंबित रहने के कारण चयनित उम्मीदवारों की नियुक्ति और कार्यभार ग्रहण करने में देरी नहीं होगी.
मुख्यमंत्री हिमंता ने किया बड़ा ऐलान
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि सत्यापन की प्रक्रिया नियुक्ति के बाद भी जारी रह सकती है, लेकिन इसे छह महीने के भीतर पूरा करना होगा. यदि छह महीने में सत्यापन पूरा नहीं होता है तो उम्मीदवार के रिकॉर्ड को सत्यापित मान लिया जाएगा.
मुख्यमंत्री ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि इस बदलाव का उद्देश्य चयनित उम्मीदवारों के चयन से सरकारी सेवा में प्रवेश तक की प्रक्रिया को सरल और तेज बनाना है. उन्होंने कहा कि पुलिस सत्यापन के दौरान उम्मीदवार के चरित्र, पृष्ठभूमि, राष्ट्रीयता और भर्ती के समय जमा किए गए दस्तावेजों की प्रामाणिकता की जांच की जाएगी.
नई व्यवस्था के तहत पुलिस सत्यापन लंबित रहने के बावजूद चयनित उम्मीदवार हलफनामा जमा कर सरकारी सेवा में शामिल हो सकेंगे. सरकार का मानना है कि इससे उन हजारों युवाओं को राहत मिलेगी, जिन्हें भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी पुलिस सत्यापन में प्रशासनिक देरी के कारण नियुक्ति या कार्यभार ग्रहण करने के लिए इंतजार करना पड़ता है.
“पुलिस सत्यापन अब नियुक्तियों में बाधा नहीं बनेगा.”
मुख्यमंत्री ने कहा, “पुलिस सत्यापन अब नियुक्तियों में बाधा नहीं बनेगा.” उन्होंने सरकारी सेवा में अपना करियर शुरू करने जा रहे युवाओं को इस फैसले के जरिए नियुक्ति प्रक्रिया में तेजी का भरोसा दिया.
इसी दौरान मुख्यमंत्री ने सरकारी कर्मचारियों के बहुविवाह और पहली पत्नी को छोड़ने से जुड़े मामलों पर भी कड़ा रुख अपनाया. उन्होंने कहा कि सरकार के सामने ऐसे कई मामले लगातार आ रहे हैं, जिनमें सरकारी कर्मचारियों ने पहली पत्नी से तलाक लिए बिना दूसरी शादी की. उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी कर्मचारी के लिए नियमों के विपरीत बहुविवाह स्वीकार्य नहीं होगा.
“कर्मचारी के वेतन का 20 प्रतिशत जायेगा पत्नी के बैंक खाते में”
सरमा ने कहा कि ऐसे मामलों में संबंधित सरकारी कर्मचारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई यानी डिपार्टमेंटल प्रोसीडिंग शुरू की जाएगी. उन्होंने कहा कि विभागीय कार्रवाई पूरी होने तक कर्मचारी के वेतन का 20 प्रतिशत हिस्सा सीधे उसकी पहली पत्नी के बैंक खाते में भेजने की व्यवस्था की जाएगी.
मुख्यमंत्री ने बताया कि असम सरकार पहले भी ऐसे कर्मचारियों के खिलाफ वेतन से कटौती की व्यवस्था लागू कर चुकी है, जो अपने माता-पिता की देखभाल नहीं करते. उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था के तहत वेतन से 10 से 15 प्रतिशत तक राशि काटकर माता-पिता के बैंक खाते में भेजी जाती है. उनके मुताबिक, यह योजना सफल रही है और माता-पिता की देखभाल नहीं करने से संबंधित शिकायतों में कमी आई है.
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मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि पहली पत्नी के खाते में वेतन का 20 प्रतिशत सीधे भेजने और साथ-साथ विभागीय कार्रवाई शुरू करने की व्यवस्था से सरकारी कर्मचारियों में बहुविवाह की प्रवृत्ति पर रोक लगेगी.