जिस पर देशकरता है भरोसा
Advertisement

उत्तराखंड में BJP के नए प्रभारी राम माधव का स्वागत, CM धामी ने कांग्रेस पर साधा निशाना

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड पहुंचने पर भाजपा के नए राज्य प्रभारी और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राम माधव, सह-प्रभारी अरविंद मेनन और सांसद और सह-प्रभारी बांसुरी स्वराज का स्वागत और अभिनंदन किया.

Author
03 Oct 2026
( Updated: 03 Oct 2026
03:01 PM )
उत्तराखंड में BJP के नए प्रभारी राम माधव का स्वागत, CM धामी ने कांग्रेस पर साधा निशाना
Image Credit: IANS
Advertisement

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देवभूमि उत्तराखंड पहुंचने पर अपने आवास पर भाजपा के नए राज्य प्रभारी और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राम माधव, सह-प्रभारी अरविंद मेनन और सांसद और सह-प्रभारी बांसुरी स्वराज का स्वागत और अभिनंदन किया. इस मौके पर भारतीय जनता पार्टी के राज्य अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट और राज्य महासचिव (संगठन) फणींद्रनाथ शर्मा भी मौजूद थे. 

भाजपा के नए उत्तराखंड प्रभारी बने राम माधव

इस मौके पर मीडिया से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने कहा, "कांग्रेस जानती है कि उनके पैरों तले की जमीन पूरी तरह खिसक चुकी है. इसीलिए, देश भर में हो रहे सभी राज्यों के चुनावों में, जब जनता उन्हें हर जगह नकार रही है, तो वे कभी ईवीएम को दोष देते हैं, कभी हाई कोर्ट को दोष देते हैं, या सुप्रीम कोर्ट का जिक्र करते हैं. वे हमारी सभी संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाते हैं."

उन्होंने कहा कि यह उत्तराखंड राज्य आंदोलन के इतिहास का बहुत ही काला दिन है. आज मुजफ्फरनगर के रामपुर तिराहा में मारे गए लोगों की पुण्यतिथि है. इस पुण्यतिथि पर, हम उन सभी आंदोलनकारियों और शहीदों को दिल से श्रद्धांजलि देते हैं. हम कड़ी मेहनत करने और उत्तराखंड राज्य को हर तरह से देश का एक अग्रणी राज्य बनाने, उनके सपनों, उम्मीदों और अपेक्षाओं को पूरा करने का संकल्प लेते हैं.

1994 की घटना की 32वीं बरसी पर CM धामी ने आंदोलनकारियों को दी श्रद्धांजलि 

Advertisement

इससे पहले सीएम धामी 1994 की घटना की 32वीं बरसी पर मुजफ्फरनगर के रामपुर तिराहा पर उत्तराखंड शहीद स्मारक गए. उन्होंने मारे गए आंदोलनकारियों को श्रद्धांजलि दी, उनके परिवारों से मिले और सभा को संबोधित किया. उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के मंत्री और जनप्रतिनिधि शामिल हुए.

यह भी पढ़ें

उन्होंने कहा कि जब उत्तराखंड की मांग उठी, तो यह एक बॉर्डर वाला इलाका था और लखनऊ से बहुत दूर था. यहां बहुत मुश्किलें थीं, और क्योंकि यह एक बड़ी एडमिनिस्ट्रेटिव यूनिट थी, इसलिए लोगों की बातें वहां ठीक से नहीं पहुंच पाती थीं. चाहे सड़कें हों, पीने का पानी हो, शिक्षा हो, हेल्थकेयर हो या नए प्रोजेक्ट हों, कई एरिया में काफी तरक्की हुई है. लेकिन हमें इन डेवलपमेंट स्कीम को जारी रखना है और बिना रुके या थके काम करते रहना है. जब तक उत्तराखंड देश का नंबर वन स्टेट नहीं बन जाता, हम सबको काम करते रहना है.

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
G
Guest (अतिथि)
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें