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गुरुग्राम को मिलेगी नई रफ्तार! 35 KM लंबी मेट्रो लाइन पर बनेंगे 28 नए स्टेशन
Haryana: यह नया मेट्रो कॉरिडोर लगभग 35 किलोमीटर लंबा होगा. इस पूरे रुट पर 28 मेट्रो स्टेशन बनाए जाएंगे ताकि अधिक से से अधिक से अधिक इलाकों के लोगों को इसका फायदा मिल सके. इस परियोजना पर करीब 10,428 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है.
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Haryana Mass Rapid Transport Corporation Limited: हरियाणा मास रैपिड ट्रांस्पोर्ट कॉर्पोरेशन (HMRTC ) द्वारा तैयार की गई योजना के मुताबिक यह नया मेट्रो कॉरिडोर लगभग 35 किलोमीटर लंबा होगा. इस पूरे रुट पर 28 मेट्रो स्टेशन बनाए जाएंगे ताकि अधिक से से अधिक से अधिक इलाकों के लोगों को इसका फायदा मिल सके. इस परियोजना पर करीब 10,428 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है. इसमें 20 प्रतिशत राशि हरियाणा सरकार देगी, 10 प्रतिशत केंद्र सरकार के शहरी आवासन मंत्रालय की ओर से आएगी, जबकि बाकी 70 प्रतिशत धनराशि बैंकों से ऋण लेकर जुटाई जाएगी. सरकार का मानना है कि यह निवेश आने वाले वर्षों में गुरुग्राम की परिवहन व्यवस्था को पूरी तरह बदल सकता है.
ग्लोबल सिटी को मिलेगा बड़ा फायदा
इस नई मेट्रो लाइन का सबसे बड़ा लाभ सेक्टर-37 में विकसित हो रही करीब 1,000 एकड़ की ग्लोबल सिटी को मिलेगा. यह परियोजना हरियाणा की सबसे महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक मानी जा रही है. यहां भविष्य में बड़े दफ्तर, आधुनिक आवासीय क्षेत्र, कारोबारी केंद्र और उद्योग विकसित किए जाएंगे. ऐसे में मेट्रो कनेक्टिविटी मिलने से यहां रहने और काम करने वाले लोगों का सफर काफी आसान हो जाएगा. इस कनेक्टिविटी को मजबूत बनाने के लिए हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम (HSIIDC) भी करीब 1,500 करोड़ रुपये का योगदान देगा. इससे इलाके के विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है.
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दूसरे मेट्रो और नमो भारत कॉरिडोर से भी जुड़ेगा नेटवर्क
यह नई मेट्रो लाइन केवल एक अलग रूट नहीं होगी, बल्कि इसे शहर और आसपास के अन्य बड़े परिवहन नेटवर्क से भी जोड़ा जाएगा. सेक्टर-56 में यह प्रस्तावित गुरुग्राम-फरीदाबाद-ग्रेटर नोएडा नमो भारत कॉरिडोर से जुड़ेगी. इसके अलावा गुरुग्राम रेलवे स्टेशन से भोड़सी तक प्रस्तावित मेट्रो लाइन के साथ भी इसका संपर्क रहेगा. वहीं पचगांव में एक बड़ा जंक्शन बनाया जाएगा, जहां दिल्ली-पचगांव-बावल नमो भारत कॉरिडोर और मेट्रो नेटवर्क एक-दूसरे से जुड़ेंगे. इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि यात्रियों को बार-बार वाहन बदलने की परेशानी कम होगी और वे आसानी से एक रूट से दूसरे रूट पर सफर कर सकेंगे.
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ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत, सफर होगा आसान
आज के समय में मानेसर, पचगांव और आसपास के इलाकों के लोग आने-जाने के लिए सबसे ज्यादा दिल्ली-जयपुर हाईवे पर निर्भर हैं. यही वजह है कि इस हाईवे पर अक्सर लंबा जाम देखने को मिलता है. नई मेट्रो सेवा शुरू होने के बाद बड़ी संख्या में लोग अपनी निजी कार या बाइक छोड़कर मेट्रो का इस्तेमाल करेंगे. इससे हाईवे पर वाहनों की संख्या कम होगी और ट्रैफिक जाम की समस्या में काफी राहत मिलने की उम्मीद है. इससे न सिर्फ लोगों का समय बचेगा बल्कि ईंधन की भी बचत होगी और प्रदूषण भी कम होगा. सरकार का अनुमान है कि वर्ष 2031 तक इस मेट्रो रूट पर हर दिन करीब 1.5 लाख यात्री सफर करेंगे. यह आंकड़ा बताता है कि आने वाले समय में यह मेट्रो लाइन गुरुग्राम की सबसे महत्वपूर्ण सार्वजनिक परिवहन परियोजनाओं में से एक बन सकती है.
इन इलाकों में बनाए जाएंगे 28 मेट्रो स्टेशन
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इस नए मेट्रो कॉरिडोर पर सेक्टर-56, सेक्टर-61, सेक्टर-62, निरवाणा कंट्री, सेक्टर-66 (वाटिका चौक), सेक्टर-69, सेक्टर-70, सेक्टर-75, खेड़की दौला, सेक्टर-36ए, ग्लोबल सिटी, सेक्टर-88, सेक्टर-84, सेक्टर-85-89 चौक, सेक्टर-86-90 चौक, सेक्टर-91, काकरोला गांव, सेक्टर M-15, सेक्टर M-6/7, सेक्टर M-4, सेक्टर M-B, मानेसर, सेक्टर P-4, सेक्टर P-5, सेक्टर P-7 और अंतिम स्टेशन पचगांव में बनाया जाएगा. इन स्टेशनों के बनने से गुरुग्राम के कई प्रमुख रिहायशी, व्यावसायिक और औद्योगिक क्षेत्रों को पहली बार सीधी मेट्रो सुविधा मिलेगी..