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मानदेय बढ़ाने से लेकर कैशलेस सुविधा तक… रक्षाबंधन से पहले मुख्यमंत्री ने 3.54 लाख रसोइयों को दिए 4 बड़े उपहार
CM योगी ने सोशल मीडिया पर स्कूलों के जर्जर भवन दिखाने वालों की खिंचाई, उन्होंने कहा, जिनके इशारे पर यह हो रहा, ये भवन उन्हीं के स्मारक हैं.
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भाई का दायित्व निभाते हुए रक्षाबंधन से पहले 3.54 लाख रसोइयों जिनमें लगभग 93 प्रतिशत संख्या महिलाओं की है, को चार बड़े उपहार दिए. रविवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में सीएम ने इसकी घोषणा की.
उन्होंने कहा कि रसोइयों को अब 2 के बजाय 3 हजार मानदेय मिलेगा, घटना-दुर्घटना की स्थिति में रसोइयों और उनके परिवार को भारतीय स्टेट बैंक के माध्यम से दो लाख रुपये की सहायता और हर साल पांच लाख रुपये तक मुफ्त कैशलेस सुविधा मिलेगी. इसके अलावा परिधान के लिए मिलने वाली राशि भी दोगुनी यानी, 500 रुपये से बढ़ाकर 1000 रुपये कर दी गई है.
‘सरकार सभी समस्याओं का करेगी समाधान’
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CM योगी ने कहा कि 9 साल पहले रसोइयों का मानदेय हजार रुपये था, वह भी कभी मिलता था तो कभी नहीं मिलता था. गरीबों के हक पर डकैती डालने वाले सपाइयों व कांग्रेसियों की लूट को रोकने के लिए PM मोदी जी ने 55 करोड़ लोगों के जनधन अकाउंट खुलवाए. अब डीबीटी के माध्यम से सीधे खाते में राशि जाती है. रसोइयों के लिए अभी तक सामाजिक सुरक्षा की गारंटी नहीं थी. कोई घटना-दुर्घटना, आपदा, पूर्ण दिव्यांग या मृत्यु होने पर परिवार असहाय हो जाता था. बेसिक शिक्षा परिषद ने भारतीय स्टेट बैंक से बातचीत कर तय कराया कि अकाउंट एसबीआई में खुलेगा, जिसमें रसोइयों का पूरा मानदेय जाएगा. अगर कोई अप्रिय स्थिति हुई तो बैंक तत्काल दो लाख रुपये की उपलब्ध कराएगा. आप BJP के डबल इंजन पर विश्वास कीजिए, सरकार सभी समस्याओं का समाधान करेगी.
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‘बबुआ’ पर चुटकी, CM बोले- सपा को साफ करेगी जनता
CM योगी ने कहा कि यह काम पहले इसलिए नहीं होता था, क्योंकि गरीब कभी सपा के एजेंडे में नहीं था. उन्होंने सपा मुखिया अखिलेश यादव के बयान पर चुटकी लेते हुए कहा कि बबुआ ने बयान दिया है कि परिवार के सभी लोग सांसद हैं, इसलिए सपा-सपा बनी हुई है. हम कह रहे हैं कि जनता सपा को अगले चुनाव में हमेशा के लिए साफ कर देगी, क्योंकि ये लोग परिवार की खातिर गरीबों का शोषण करते थे. इन्होंने UP को गुंडा प्रदेश बना दिया था. जमीन पर कब्जा, बेटी की सुरक्षा में सेंध लगाते थे। रोज दंगा-फसाद होता था.
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CM योगी ने कहा, त्योहारों के पहले खुशी छीन ली जाती थी. विकास ठप था, क्योंकि प्रदेश के पास कुछ नहीं था. अब कोई बेटी की सुरक्षा में सेंध लगाएगा तो यमराज के घर जाने का रास्ता तय है. सपाई तो बच्चों के मिड-डे मील पर भी डकैती डलवाते थे. अब यूपी दंगा और कर्फ्यू मुक्त हुआ तो विकास दिखाई दे रहा है. जो लोग कुछ नहीं कर पाए, वे सिर्फ आक्षेप लगाते हैं.
‘आप बचपन स्वस्थ बनाएं, आपके स्वास्थ्य का जिम्मा हमारा’
मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने कहा कि रसोई केवल बच्चे का पेट भरने वाला भोजन नहीं, बल्कि बचपन को स्वस्थ व समर्थ बनाने का अभियान भी है. आप देश के बचपन को स्वस्थ बनाते हैं, लेकिन आपके स्वास्थ्य की चिंता नहीं होती थी. PM मोदी ने आपको धुएं से मुक्ति दिलाई. प्रदेश सरकार ने भी सुनिश्चित किया कि रसोइया या उसके परिवार का कोई व्यक्ति अस्वस्थ होता है तो वह सरकारी अस्पताल समेत किसी भी इन्पैनल्ड अस्पताल में इलाज करा सकता है. सरकार हर साल इसके लिए पांच लाख रुपये का बीमा उपलब्ध कराएगी.
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2017 से पहले भीषण सर्दी में ठिठुरते जाते थे बच्चे
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि आंगनबाड़ी बाल वाटिका में पढ़ने वाले बच्चों की प्रगति निपुण भारत अभियान की सफलता को प्रदर्शित करती है. अब पांचवी कक्षा तक यह अभियान बढ़ रहा है. 2017 के पहले गरीब के बच्चे भीषण ठंड में ठिठुरते हुए स्कूल जाते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं है. अब सरकार हर बच्चे को दो यूनिफॉर्म, बैग, किताबें, जूते-मोजे, स्वेटर उपलब्ध कराती है.
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‘हम 12 बजे सोकर नहीं उठते, बल्कि 18 घंटे काम करते हैं’
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम लोग 18 घंटे काम करते हैं. एक-एक योजना और विभागों के कार्यों को आगे बढ़ाने में योगदान देते हैं, तब परिणाम आते हैं. कोई बबुआ की तरह 12 बजे सोकर उठता, 2 बजे तैयार होता, 5 बजे जिम जाता और 7 बजे से महफिल जमा लेता, तो काम कब करता. रसोइया माताएं-बहनें, आंगनबाड़ी और आशा वर्कर, गांव के चौकीदार, होमगार्ड, पीआरडी जवान, ये सब प्रदेश को बढ़ाने में योगदान दे रहे हैं. सरकार इनके सम्मानजनक जीवन और इनके मानदेय में वृद्धि के लिए कार्यरत है. पिछले दिनों सरकार ने शिक्षामित्रों, अनुदेशकों का मानदेय बढ़ाया. शिक्षकों के साथ ही उन्हें भी कैशलेस स्वास्थ्य सुरक्षा व दुर्घटना बीमा कवर उपलब्ध कराया गया है.
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‘सपा ने नकल से प्रदेश की अकल को नीलाम किया था’
CM योगी ने कहा कि एक समय सपा ने नकल को जन्मसिद्ध अधिकार बना दिया था. कल्याण सिंह जी ने मुख्यमंत्री रहते हुए प्रदेश को पहचान दी थी, लेकिन सपा ने एक झटके में नकल से प्रदेश की अकल को नीलाम कर दिया था. सपा सरकार ने रसोइयों, आंगनबाड़ी और आशा वर्करों, चौकीदारों, महिलाओं या गरीबों, किसी की नहीं सुनी, क्योंकि सुनने के लिए समय, सामर्थ्य, संसाधन चाहिए. डबल इंजन सरकार ने ये सभी जुटाए तो आज सारी सुविधाएं मिल रही हैं.
रसोई रहे साफ-सुथरी, बच्चों को दें पौष्टिक आहार
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CM योगी ने कहा कि बेसिक शिक्षा परिषद के 1.42 लाख विद्यालयों में डेढ़ करोड़ बच्चे अध्ययनरत हैं. बच्चों को अलग-अलग दिन अलग-अलग प्रकार का आहार देना है. विद्यालय में रसोई साफ-सुथरी रहे, बच्चों को समय पर स्वच्छता के साथ साप्ताहिक मेन्यू के अनुरूप पौष्टिक आहार उपलब्ध कराएं। इससे आपका सम्मान बढ़ेगा. मुख्यमंत्री ने रसोइयों को सचेत करते हुए कहा कि इसमें लापरवाही नहीं होनी चाहिए. फूड प्वॉइजनिंग भी नहीं होनी चाहिए.
खाने को छिपकली और कीड़ों से बचाने के निर्देश
CM योगी ने कहा, दुश्मन ऐसा काम न कर पाए, जिससे आप संदेह के घेरे में आएं. छिपकली और कीड़ा खाने में न गिरे, यह जीवन के साथ खिलवाड़ होगा. रसोई बनाते समय किचन में बाहरी व्यक्ति का प्रवेश नहीं होना चाहिए. PM पोषण मिशन के तहत छह दिन के मेन्यू में मिलेट्स, स्थानीय व्यंजन, मौसमी फल भी शामिल हैं.
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बच्चे बढ़ेंगे तो भारत बढ़ेगा
CM योगी ने कहा कि 2017 के पहले बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालय वीरान/उजाड़ दिखते थे. ऑपरेशन कायाकल्प के जरिए 19 पैरामीटर्स तय किए थे. विद्यालय में फर्श, बालक-बालिकाओं के लिए अलग टॉयलेट, किचन, पेयजल, डिजिटल लाइब्रेरी, स्मार्ट क्लास, पुस्तकालय बन गए हैं.
उन्होंने बताया, ‘बतौर सांसद मैंने देखा है कि पहले बच्चों को कुछ पता नहीं होता था, लेकिन अब बच्चे को अक्षर ज्ञान, वाक्य विन्यास, गणित, अंग्रेजी, विज्ञान की जानकारी है. वे आगे बढ़ रहे हैं, बच्चे बढ़ेंगे तो देश बढ़ेगा और हर भारतवासी का सम्मान बढ़ेगा.
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कब तक आएगा मुख्यमंत्री कंपोजिट विद्यालय मॉडल
CM योगी ने कहा कि इस वर्ष के अंत तक मुख्यमंत्री कंपोजिट विद्यालय का मॉडल भी आने वाला है. डबल इंजन की BJP सरकार ने अंतिम पायदान पर बैठे श्रमिकों के बच्चों के बारे में भी सोचा. 18 मंडलों में 18 अटल आवासीय विद्यालय बनाए गए, जहां 18 हजार बच्चे अध्ययनरत हैं.
कोरोना और महाकुंभ में रसोइयों के योगदान को भी सराहा
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मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने कहा, कोरोना और महाकुंभ में रसोइयों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि कोरोना काल में प्रदेश लौटने वाले एक करोड़ से अधिक लोगों के लिए रसोइयों ने भोजन की व्यवस्था की. प्रयागराज महाकुंभ में जब बहुत भीड़ हो गई तो जौनपुर, प्रतापगढ़, भदोही, मीरजापुर, फतेहपुर समेत अलग-बगल जनपदों में होल्डिंग एरिया बनाए गए थे. कई जगहों पर बेसिक शिक्षा परिषद के रसोइयों ने इन श्रद्धालुओं के लिए भोजन बनाया.
बच्चों के हित में सरकार ने लगातार काम किया
CM योगी ने कहा, कोरोना में निराश्रित हुए बच्चों के लिए सरकार ने मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना प्रारंभ की. ऐसे बच्चों को हर माह पढ़ाई के लिए चार हजार रुपये की छात्रवृत्ति दी जाती है. गंभीर और बहुदिव्यांग 14 हजार बच्चों को छह हजार रुपये वार्षिक एस्कॉर्ट अलाउंस, 23 हजार से अधिक दिव्यांग बालिकाओं को दो हजार रुपये वार्षिक स्टाइपेंड, 23 हजार से ज्यादा दिव्यांग बच्चों को सहायक उपकरण उपलब्ध कराए हैं.
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पहली से आठवीं कक्षा तक 2793 पूर्ण दृष्टिबाधित बच्चों को ब्रेल पाठ्य पुस्तकें, 4438 अल्प दृष्टि बच्चों को इनलार्ज प्रिंट की पुस्तकें बेसिक शिक्षा परिषद ने उपलब्ध कराई हैं. जो स्कूल विलय किए गए थे, वहां बाल वाटिका का संचालन करते हुए 10 हजार स्पेशल एजूकेटर्स तैनात किए गए हैं. बेसिक शिक्षा परिषद ने सभी 825 विकास खंडों में कस्तूरबा गांधी विद्यालय बनाने का कार्यक्रम बढ़ाया. विद्यालय अब 12वीं तक चलेंगे. यहां आईसीटी लैब स्थापित किए जा रहे हैं.
नई शिक्षा व्यवस्था नकलमुक्त, अकल से युक्त
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CM योगी ने सोशल मीडिया पर स्कूलों के जर्जर भवन दिखाने वालों को भी आड़े हाथ लिया. उन्होंने कहा कि जिनके इशारे पर ये हो रहा है, ये उन्हीं के स्मारक हैं. प्रदेश सरकार ने माध्यमिक शिक्षा में प्रोजेक्ट अलंकार के तहत पुराने और जर्जर भवनों को नए भवनों को बदला है. नई शिक्षा व्यवस्था नकलमुक्त, अकल से युक्त है. अब समय से परीक्षाएं हो रही हैं. 2017 के पहले तीन महीना परीक्षा, तीन महीना परिणाम, तीन महीना अवकाश और कर्फ्यू में जाता था. बच्चों को तीन महीने भी पढ़ने को नहीं मिलते थे. अब 14 दिन में परीक्षा, अगले 14-15 दिन में परिणाम आते हैं. छह महीने का कार्य एक महीने में पूरा किया गया। शिक्षा व्यवस्था नए यूपी में स्केल को स्किल में बदलने का कार्य कर रहा है. समारोह में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह, विधायक नीरज बोरा, विधान परिषद सदस्य अवनीश कुमार सिंह, रामचंद्र प्रधान मौजूद रहे.