×
जिस पर देशकरता है भरोसा
Advertisement

हाबरा स्टेशन पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई, दुकानदारों और फेरीवालों ने किया विरोध

हाबरा ऑपरेशन राज्य भर में स्टेशन परिसरों और रेलवे की जमीन से कब्जा हटाने की रेलवे की एक बड़ी पहल का हिस्सा है. हावड़ा, सियालदह, जाधवपुर और दम दम स्टेशनों पर भी पहले ऐसे ही अभियान चलाए जा चुके हैं.

Author
16 Jun 2026
( Updated: 16 Jun 2026
03:31 PM )
हाबरा स्टेशन पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई, दुकानदारों और फेरीवालों ने किया विरोध
Image Credits: IANS
Advertisement

पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के हाबरा रेलवे स्टेशन पर तनाव फैल गया. रेलवे अधिकारियों ने मंगलवार तड़के रेलवे की जमीन और स्टेशन परिसर से कथित तौर पर अवैध दुकानों और ढांचों को हटाने के लिए एक बड़ा अतिक्रमण-विरोधी अभियान चलाया था, जिसके दौरान विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गए. 

हाबरा स्टेशन पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई से बढ़ा तनाव

पुलिस के अनुसार, रेलवे की जमीन पर बनी दुकानों और ढांचों के मालिकों को इस महीने की शुरुआत में नोटिस दिया गया था और उनसे 15 जून तक जमीन खाली करने को कहा गया था. कई लोगों ने ऐसा नहीं किया, इसलिए रेलवे अधिकारियों ने कब्जे हटाने के लिए तोड़-फोड़ अभियान शुरू किया.

पुलिस ने बताया कि किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए मंगलवार को रात करीब 1 बजे स्टेशन परिसर में केंद्रीय सुरक्षा बल तैनात किए गए थे. ऑपरेशन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सरकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी), रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और राज्य पुलिस के जवान भी मौजूद थे. लाउडस्पीकर के जरिए घोषणाएं करके निवासियों और दुकानदारों को इस कार्रवाई के बारे में जानकारी दी गई.

नोटिस के बाद नहीं लिया गया एक्शन 

Advertisement

जैसे ही तोड़-फोड़ का काम शुरू हुआ, कई फेरीवाले और व्यापारी मौके पर जमा हो गए और बेदखली का विरोध किया. रेलवे अधिकारियों का कहना था कि नोटिस जारी किया गया था और कब्जा करने वालों को अपनी दुकानें स्वेच्छा से हटाने के लिए पर्याप्त समय दिया गया था. समय सीमा खत्म होने के बाद, अधिकारियों ने इलाके को खाली कराना शुरू कर दिया.

अस्थायी स्टालों के अलावा, रेलवे की जमीन पर कथित तौर पर बने कई पक्के ढांचे भी गिरा दिए गए. स्थानीय सूत्रों का दावा है कि कब्जा की गई जमीन पर बना कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) का एक कार्यालय भी उन ढांचों में शामिल था जिन्हें ऑपरेशन के दौरान हटाया गया. वामपंथी कार्यकर्ताओं ने स्टेशन परिसर में विरोध प्रदर्शन किया. बताया जाता है कि जब प्रदर्शनकारियों से इलाका खाली करने को कहा गया तो पुलिस के साथ उनकी बहस हुई, हालांकि किसी बड़ी अप्रिय घटना की खबर नहीं है.

उत्तर परगना के सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशनों में से एक है हाबरा

Advertisement

हाबरा उत्तर 24 परगना के सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशनों में से एक है, जहां रोज़ाना हज़ारों यात्री आते-जाते हैं. पिछले कुछ वर्षों में, स्टेशन परिसर के आसपास कब्ज़े और अनधिकृत दुकानें बढ़ गई थीं, जिससे यात्रियों को भीड़ और असुविधा का सामना करना पड़ रहा था, खासकर ऑफिस के व्यस्त समय के दौरान. कई रोजाना यात्रा करने वाले लोग लंबे समय से इलाके को खाली कराने की मांग कर रहे थे.

हाबरा ऑपरेशन राज्य भर में स्टेशन परिसरों और रेलवे की जमीन से कब्जा हटाने की रेलवे की एक बड़ी पहल का हिस्सा है. हावड़ा, सियालदह, जाधवपुर और दम दम स्टेशनों पर भी पहले ऐसे ही अभियान चलाए जा चुके हैं.

यह भी पढ़ें

कुछ दुकानदारों ने तोड़-फोड़ अभियान की वैधता पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि बिना पुनर्वास उपायों के उनकी आजीविका छीन ली गई. फेरीवालों के संगठनों ने भी कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन किया और अपने कारोबार और आय की सुरक्षा की मांग की.

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
G
Guest (अतिथि)
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें