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मदरसा नहीं, शिक्षा बोर्ड तय करेगा सिलेबस… संतों के बीच CM धामी ने मदरसों को दे दिया अल्टीमेटम

उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था और मदरसों के संचालन को लेकर अहम और बड़ा फैसला लिया है.

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21 Apr 2026
( Updated: 21 Apr 2026
07:36 PM )
मदरसा नहीं, शिक्षा बोर्ड तय करेगा सिलेबस… संतों के बीच CM धामी ने मदरसों को दे दिया अल्टीमेटम
Source- X/@pushkardhami
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Uttarakhand Madrasa Board: उत्तराखंड में मदरसा शिक्षा को लेकर बड़ा फैसला सामने आया है. संतों के बीच CM पुष्कर धामी ने साफ कर दिया है कि जुलाई से सभी मदरसों में उत्तराखंड बोर्ड का पाठ्यक्रम लागू होगा, नहीं तो कार्रवाई तय है, 

उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था और मदरसों के संचालन को लेकर यह अहम और बड़ा फैसला लिया है. CM धामी ने साफ किया कि प्रदेश में अब मदरसा बोर्ड को भंग किया जाएगा, ताकि सभी बच्चों को एक जैसी शिक्षा मिले. 

संतों के बीच CM धामी की बड़ी घोषणा

इसके पीछे धामी सरकार का मकसद है कि राज्य के सभी शिक्षण संस्थानों में शिक्षा का स्तर एक समान हो और बच्चे आधुनिक शिक्षा से जुड़ें. 

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यह बड़ी घोषणा हरिद्वार में संतों के बीच की. दरअसल, पुष्कर सिंह धामी हरिद्वार में स्वामी परमानंद गिरि के 71वें संन्यास जयंती महोत्सव में शामिल होने पहुंचे थे. इसी दौरान उन्होंने मीडिया के सामने राज्य की शिक्षा नीति पर बात करते हुए यह फैसला सुनाया. 

मदरसों में कब से पढ़ाया जाएगा उत्तराखंड बोर्ड का कोर्स

मुख्यमंत्री धामी ने कहा, ‘उत्तराखंड में जितने भी मदरसे वर्तमान में संचालित हो रहे हैं, उन सभी में आगामी जुलाई सत्र से वही कोर्स पढ़ाया जाएगा जो 'उत्तराखंड शिक्षा बोर्ड' ने निर्धारित किया गया है.’

CM धामी ने साफ शब्दों में चेताया, 'जिन मदरसों में उत्तराखंड बोर्ड का तय कोर्स नहीं पढ़ाया जाएगा, उन्हें बंद करने की कार्रवाई की जाएगी.’ 

धामी सरकार के इस फैसले का साधु-संतों ने खुलकर स्वागत किया है. संतों ने इसे शिक्षा की गुणवत्ता के लिए जरुरी कदम बताया. उन्होंने ये भी कहा कि देवभूमि की मर्यादा और पवित्रता के लिए भी यह फैसला अहम है. संतों का मानना है कि देवभूमि में किसी तरह के अवैध या विशेष श्रेणी के मदरसों की जरूरत नहीं है. 

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इस फैसले के पीछे धामी सरकार का विजन क्लियर है कि मदरसों के बच्चे भी आधुनिक शिक्षा से जुड़ें, CM धामी का मानना है कि केवल धार्मिक शिक्षा के कारण बच्चे साइंस, गणित और आज के अन्य जरुरी विषयों, AI तकनीक से वंचित रह जाएंगे. सरकार का फोकस उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना है. 

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