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हरियाणा में 58 साल के दिव्यांग शिक्षक और कर्मचारि होंगे रिटायर, शिक्षा विभाग ने जारी किए आदेश

Haryana: विभाग ने इस संबंध में सभी अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं, ताकि नियमों के अनुसार कार्रवाई की जा सके. इस फैसले के बाद साफ हो गया है कि 58 वर्ष की निर्धारित सेवानिवृत्ति आयु पूरी होने के बाद किसी भी कर्मचारी को नौकरी जारी रखने की अनुमति नहीं होगी.

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14 Jul 2026
( Updated: 14 Jul 2026
02:54 PM )
हरियाणा में 58 साल के दिव्यांग शिक्षक और कर्मचारि होंगे रिटायर, शिक्षा विभाग ने जारी किए आदेश
Image Source: Nayab Saini/ x Post
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Haryana: शिक्षा विभाग ने दिव्यांग शिक्षकों और गैर -शिक्षकीय कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति को लेकर बड़ा फैसला लिया है. अब ऐसे सभी दिव्यांग कर्मचारी, जिनकी उम्र 58 साल पूरी हो चुकी है, उन्हें सेवा से मुक्त कर दिया जाएगा. विभाग ने इस संबंध में सभी अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं, ताकि नियमों के अनुसार कार्रवाई की जा सके. इस फैसले के बाद साफ हो गया है कि 58 वर्ष की निर्धारित सेवानिवृत्ति आयु पूरी होने के बाद किसी भी कर्मचारी को नौकरी जारी रखने की अनुमति नहीं होगी.

वेतन, पेंशन और अन्य सभी सेवा लाभ मिलेंगे

हालांकि, विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन कर्मचारियों ने अब तक नौकरी की है, उन्हें उस अवधि का पूरा वेतन, पेंशन और अन्य सभी सेवा लाभ मिलेंगे. यानी उन्हें अब तक मिली किसी भी सुविधा या आर्थिक लाभ को वापस नहीं लिया जाएगा. कर्मचारियों को इस फैसले से उनके पहले से मिले अधिकारों का कोई नुकसान नहीं होगा. विभाग ने यह कदम इसलिए उठाया है ताकि कर्मचारियों को किसी तरह की अनिश्चितता का सामना न करना पड़े.

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वित्त विभाग के आदेश के बाद जारी हुए निर्देश

यह फैसला वित्त विभाग द्वारा 9 जुलाई को जारी किए गए आदेशों के आधार पर लिया गया है. इन्हीं आदेशों को लागू करते हुए माध्यमिक शिक्षा महानिदेशक कार्यालय ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि 58 साल की सेवानिवृत्ति आयु पूरी कर चुके दिव्यांग शिक्षकों और गैर-शिक्षकीय कर्मचारियों को नियमानुसार सेवामुक्त किया जाए. विभाग चाहता है कि पूरे प्रदेश में एक समान नियम लागू हों और किसी भी स्तर पर भ्रम की स्थिति न रहे.

सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट पहले ही दे चुके हैं स्पष्ट आदेश

इस फैसले के पीछे अदालतों के आदेश भी बड़ी वजह हैं. सुप्रीम कोर्ट ने 14 अक्टूबर 2025 को एक मामले की सुनवाई के दौरान साफ कहा था कि यदि कोई कर्मचारी निर्धारित सेवानिवृत्ति आयु पूरी कर चुका है, तो उसे नौकरी में बने रहने की अनुमति नहीं दी जा सकती. अदालत का मानना था कि तय उम्र पूरी होने के बाद सेवा जारी रखना नियमों के खिलाफ होगा.

इसी तरह पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने भी 17 फरवरी को दिए अपने फैसले में हरियाणा सरकार की अधिसूचना को सही ठहराया था। अदालत ने कहा था कि जो दिव्यांग सरकारी कर्मचारी 58 साल की उम्र पूरी कर चुके हैं, उनकी सेवाएं समाप्त की जानी चाहिए. साथ ही यह भी स्पष्ट कर दिया गया कि कोई भी कर्मचारी 60 साल तक नौकरी जारी रखने का कानूनी दावा नहीं कर सकता.

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अब सभी विभागों में एक जैसे नियम लागू करने की तैयारी

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शिक्षा विभाग के इस फैसले का उद्देश्य अदालतों के आदेशों का पालन करना और सेवानिवृत्ति से जुड़े नियमों को स्पष्ट रूप से लागू करना है. अब 58 साल की आयु पूरी करने वाले दिव्यांग शिक्षक और गैर-शिक्षकीय कर्मचारी नियमानुसार सेवानिवृत्त होंगे. वहीं, उन्हें उनके कार्यकाल के दौरान मिलने वाले सभी वेतन, पेंशन और अन्य सेवा लाभ पहले की तरह मिलते रहेंगे। इस फैसले से सेवानिवृत्ति के नियमों को लेकर चल रही असमंजस की स्थिति भी काफी हद तक खत्म होने की उम्मीद है.

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