'परिवार के लिए बनाया था आमदनी का जरिया...', JPNIC को लेकर अखिलेश पर बरसे ओपी राजभर, लगाए गंभीर आरोप
ओपी राजभर ने अखिलेश यादव पर पलटवार करते हुए JPNIC को लेकर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि 200 करोड़ की शुरुआती लागत वाली परियोजना पर करीब 864 करोड़ खर्च हुए, फिर भी काम पूरा नहीं हुआ.
Follow Us:
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में JPNIC को लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा योगी सरकार पर लगाए जा रहे आरोपों पर ओपी राजभर ने पलटवार किया है. योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओपी राजभर ने कहा कि JPNIC की शुरुआती लागत 200 करोड़ रुपये थी, लेकिन भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ते-चढ़ते इसे बनाने में करीब 864 करोड़ रुपये खर्च हो गए और इसके बावजूद परियोजना पूरी नहीं हो सकी. उन्होंने आरोप लगाया कि JPNIC के संचालन के लिए एक ट्रस्ट बनाया गया, जिसमें अखिलेश यादव के ही परिवार के लोगों को शामिल किया गया था. राजभर के मुताबिक, इसके पीछे इन लोगों का उद्देश्य JPNIC से परिवार के लिए आमदनी तैयार करना था.
जानकारी देते चलें कि राजभर ने कहा कि परियोजना पूरी नहीं होने के कारण JPNIC लंबे समय तक बंद रही। बाद में इसे LDA को दे दिया गया और ट्रस्ट भी बंद हो गया. राजभर ने दावा किया कि अब अखिलेश यादव की परेशानी की वजह यही है कि जिस JPNIC को वह परिवार के लिए आमदनी का जरिया बना रहे थे, उसे सरकार ने LDA को क्यों दे दिया?
PPP मॉडल पर लीज का दावा
ओपी राजभर ने कहा कि अब LDA ने JPNIC को PPP यानी पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल पर लीज पर दिया है. उन्होंने कहा कि अब जनता के पैसे से तैयार हुई संपत्ति का लाभ जनता को मिलेगा. राजभर ने कहा कि इन्हीं सब से अखिलेश यादव परेशान हो रहे हैं और लगातार बयान दे रहे हैं.उन्होंने कहा कि सपा प्रमुख के पुराने कारनामे और JPNIC निर्माण में हुए भ्रष्टाचार का सच धीरे-धीरे सामने आ रहा है.
यह भी पढ़े: ‘अखिलेश को सरकार का हर काम खराब दिखता है’, PDA की राजनीति को लेकर BJP ने सपा पर साधा जोरदार निशाना
2027 में योगी सरकार की वापसी का जनता ने मन बना लिया
ओपी राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव जानते हैं कि सरकार के काम से जनता बड़े पैमाने पर खुश है. राजभर के मुताबिक, प्रदेश में नौ साल में एक भी दंगा नहीं हुआ और साढ़े नौ लाख से ज्यादा लोगों को नौकरी मिली है. उन्होंने कहा कि सड़क, रेल और बिजली समेत कई क्षेत्रों में सरकार ने सराहनीय काम किया है. जनता को सरकार की ओर से मिल रही सुविधाओं के कारण लोगों ने मन बना लिया है कि 2027 में योगी सरकार की वापसी होगी.
विपक्ष का काम अब सिर्फ आलोचना करना रह गया
राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव विपक्ष में हैं, इसलिए वह सरकार के काम की सराहना कभी नहीं करेंगे. उन्होंने दावा किया कि योगी सरकार में उत्तर प्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य बना है, जहां सबसे ज्यादा एक्सप्रेसवे हैं. उन्होंने कहा कि विपक्ष सरकार के अच्छे कामों की सराहना नहीं करेगा और अब उसका काम सिर्फ आलोचना करना रह गया है.
यह भी पढ़े: अखिलेश-राहुल की जोड़ी पर ओपी राजभर ने कसा तंज, पूछा-झाड़ू छाप को कितनी सीटें देंगे, 150 या 200?
अंकित बालियान केस में राजभर ने अखिलेश को घेरा
जाट समाज के अपमान वाले बयान के बाद हरियाणवी सिंगर बालियान हत्याकांड में अखिलेश यादव की सक्रियता पर भी ओपी राजभर ने निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव शव पर राजनीति करते हैं.
अखिलेश से नाराज हैं जाट समाज के लोग
यह भी पढ़ें
राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव अब कुछ भी कर लें, जाट समाज के लोग उनसे नाराज हैं. उन्होंने PDA को लेकर भी सपा प्रमुख पर निशाना साधते हुए कहा कि अखिलेश यादव PDA की रोज नई परिभाषा दे रहे हैं और किसी एक मुद्दे पर स्थिर नहीं हैं. उन्होंने कहा कि अनर्गल बयानबाजी के जरिए समाज का वोट हासिल नहीं किया जा सकता. राजभर ने कहा कि अब लोग समझदार हो गए हैं और राजनीति में कही गई बातों को समझने लगे हैं.