Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...

CM योगी का माफिया को सख्त संदेश, बोले- बेटियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों को जेल या जहन्नुम

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को वाराणसी के पिंडरा विधानसभा में कामकाजी महिला सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे.उन्होंने कहा कि यह आयोजन आधी आबादी के सम्मान और उसकी सामर्थ्य का अहसास कराने वाला है.महिलाओं की भागीदारी केवल परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि वे प्रदेश की अर्थव्यवस्था, सामाजिक व्यवस्था और विकास की दिशा तय करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं.

Image Credit: IANS
Loading Ad...

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कुछ लोग वोट बैंक के लिए समाज को जातीय आधार पर बांटने और विभाजन की राजनीति करने का प्रयास करते हैं, लेकिन जब दुर्दान्त माफिया और अपराधियों पर कार्रवाई की बात आती है तो इनकी सिट्टी-पिट्टी गुम हो जाती है.वे मौन हो जाते हैं.

'माफिया के सामने नहीं झुकती डबल इंजन सरकार'

उन्होंने कहा कि भले ही उनके अपने परिवार का नुकसान हुआ हो, वे माफिया के सामने गिड़गिड़ाते हुए ही दिखाई दिए, लेकिन डबल इंजन की सरकार माफिया के सामने नहीं झुकती.अपराधी चाहे कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, कानून अपना काम करेगा.खासकर बेटियों व महिलाओं की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा.बेटी की सुरक्षा में सेंध लगाने वालों के लिए जेल या जहन्नुम के अलावा कोई तीसरा रास्ता नहीं.जब महिला बिना डर घर से निकलेगी, तभी वह स्कूल, कॉलेज, नौकरी, कारोबार और सामाजिक जीवन में अपनी भागीदारी बढ़ा सकती है.

Loading Ad...

आकृति चौधरी के NSA मामले में हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी यूपी सरकार, जानें क्या है पूरा मामला

Loading Ad...

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को वाराणसी के पिंडरा विधानसभा में कामकाजी महिला सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे.उन्होंने कहा कि यह आयोजन आधी आबादी के सम्मान और उसकी सामर्थ्य का अहसास कराने वाला है.महिलाओं की भागीदारी केवल परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि वे प्रदेश की अर्थव्यवस्था, सामाजिक व्यवस्था और विकास की दिशा तय करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं.

'2017 से पहले परिवारों को बेटी की सुरक्षा की चिंता थी'

Loading Ad...

सीएम योगी ने कहा कि 2017 से पहले बेटी को स्कूल भेजना हो तो परिवार को उसकी सुरक्षा की चिंता होती थी.घर में शौचालय न हो तो बेटी, बहन और मां के सम्मान की चिंता रहती थी. रसोई में धुआं हो तो स्वास्थ्य की चिंता, इलाज कराना हो तो पैसे की चिंता और घर चलाना हो तो आमदनी की चिंता होती थी.महिला घर से बाहर निकलकर कुछ करना चाहती थी तो उसके सामने रास्ते, कनेक्टिविटी, अवसर और उस अवसर तक पहुंचने की कीमत का सवाल खड़ा होता था.जब परिवार को सुरक्षा का भरोसा नहीं होता है तो सबसे पहले बेटी के सपनों पर रोक लगती है.भाजपा सरकार ने तय किया कि बेटी को पढ़ाना है, बढ़ाना है और सुरक्षा की चिंता भी समाप्त करनी है.हमने पहले डर हटाया, फिर बेटी को पढ़ाया, हुनर दिया और उसे रोजगार से जोड़ा.

पहले सवाल था कि बेटी घर से बाहर कैसे निकलेगी, आज सवाल यह है कि उसे जाना कहां तक है.अब कोई बेटी केवल इसलिए अपने सपनों को नहीं छोड़ेगी कि वह गरीब परिवार में पैदा हुई है.कोई महिला केवल पूंजी के अभाव में पीछे नहीं रहेगी और कोई परिवार अवसर के अभाव में विकास से दूर नहीं रहेगा.बेटी की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले अपराधियों के लिए जेल या जहन्नुम के अलावा कोई तीसरा रास्ता नहीं है.हमारी सरकार माफिया के सामने नहीं झुकती.महिलाओं की सुरक्षा पर कोई समझौता नहीं हो सकता।

/">

Loading Ad...

44 हजार हुई महिला पुलिसकर्मियों की संख्या

उन्होंने आगे कहा कि महिला सुरक्षा को मजबूत करने के लिए पुलिस बल में महिलाओं की भागीदारी तेजी से बढ़ाई गई है.2017 में करीब 10 हजार महिला पुलिसकर्मी थीं.आज यह संख्या 44 हजार हो गई है और नई भर्ती के बाद यह 50 हजार से अधिक हो जाएगी.मिशन शक्ति केंद्र स्थापित किए गए हैं.महिला बीट पुलिस अधिकारियों की तैनाती और इंटीग्रेटेड महिला बीट सिस्टम लागू किया गया है.1090 और 181 जैसी व्यवस्थाओं को महिलाओं की सुरक्षा से जोड़ा गया है।

सीएम योगी ने कहा कि बेटी-बहन के लिए रास्ते का अर्थ केवल सड़क नहीं है.स्कूल, अस्पताल, बाजार या कार्यस्थल तक पहुंचने के रास्ते उनके सपनों की मंजिल तक जाने के मार्ग हैं.प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में पिछले साढ़े नौ वर्षों में प्रदेश में हाईवे से एयरपोर्ट और रेलवे से मेट्रो तक कनेक्टिविटी का व्यापक विस्तार हुआ है.पूर्वांचल, बुंदेलखंड, गंगा और गोरखपुर लिंक जैसी एक्सप्रेसवे परियोजनाओं ने आवागमन को आसान बनाया है।

Loading Ad...

बेटियों के लिए इन योजनाओं का किया जिक्र

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार ने बेटी के जीवन के अलग-अलग चरणों को ध्यान में रखकर योजनाएं तैयार की हैं.‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना इसी दिशा में प्रयास हैं.मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत बेटी के जन्म से स्नातक तक की पढ़ाई के लिए 25 हजार रुपए का पैकेज दिया जा रहा है.बेटी के विवाह योग्य होने पर मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के माध्यम से उसका विवाह कराया जा रहा है.

बेटियों के आत्मसम्मान और सुरक्षा को लेकर योगी सरकार की विशेष पहल, स्कूलों में टीचर्स की भी स्पेशल ट्रेनिंग

Loading Ad...

कस्तूरबा विद्यालयों से लेकर स्कूटी योजना तक

सीएम ने कहा कि कस्तूरबा गांधी विद्यालयों का विस्तार किया जा रहा है.पहले ये विद्यालय कक्षा छह से आठ तक संचालित होते थे, अब इन्हें 12वीं तक चलाने की दिशा में काम हो रहा है.अटल आवासीय विद्यालयों में बेटियों के लिए आधी सीटें रखी गई हैं.सैनिक स्कूलों में भी बेटियों के लिए अवसर बढ़ाए गए हैं.बेटियों व युवाओं को टैबलेट और स्मार्टफोन देने की योजना भी आगे बढ़ाई गई है.जल्द ही स्नातक अंतिम वर्ष की 50 हजार मेधावी बेटियों को रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना से जोड़ने की तैयारी है.

उन्होंने कहा कि महिला सशक्तीकरण केवल शिक्षा व सुरक्षा तक सीमित नहीं है.आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाना भी उतना ही जरूरी है.सरकार स्किल डेवलपमेंट मिशन, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना और अन्य योजनाओं के माध्यम से बेटियों को रोजगार और उद्यमिता से जोड़ रही है.‘ सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के विजन के अनुरूप स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से लखपति दीदी, ड्रोन दीदी और बीसी सखी जैसी पहलों को आगे बढ़ाया जा रहा है.बलिनी मिल्क प्रोड्यूसर, सामर्थ्य मिल्क प्रोड्यूसर, काशी मिल्क प्रोड्यूसर, बाबा गोरखनाथ मिल्क प्रोड्यूसर और सृजनी मिल्क प्रोड्यूसर जैसी पहलों से चार लाख से अधिक महिलाएं आर्थिक स्वावलंबन का उदाहरण पेश कर रही हैं.ओडीओपी ने प्रदेश के परंपरागत उद्योगों को नई पहचान दी है.

Loading Ad...

'महिला वर्कफोर्स की भागीदारी 36% से अधिक'

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में महिला वर्कफोर्स की भागीदारी पहले करीब 12 प्रतिशत थी, जो अब बढ़कर 36 प्रतिशत से अधिक हो गई है.सरकार का लक्ष्य है कि आधी आबादी को उसकी जनसंख्या के अनुपात में जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में प्रतिनिधित्व मिले.उत्तर प्रदेश के स्टार्टअप इकोसिस्टम में 24 हजार से अधिक स्टार्टअप हैं और इनमें लगभग आधे स्टार्टअप महिलाओं द्वारा संचालित किए जा रहे हैं.महिलाएं अब केवल रोजगार पाने वाली नहीं, बल्कि रोजगार देने वाली भी बन रही हैं.

CM योगी का विपक्ष पर हमला, बोले-2017 से पहले बच्चों के पोषाहार की व्यवस्था माफिया के हाथों में थी

Loading Ad...

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने बाबा विश्वनाथ की पावन धरती काशी को वैश्विक पहचान दी है.12 वर्षों में काशी में करीब 1 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाएं या तो चालू स्थिति में हैं या पूरी होने वाली हैं.काशी की माताओं, नौजवानों और कारीगरों ने इस दौरान नई ऊंचाइयां हासिल की हैं.प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत और घरौनी जैसी योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को सम्मान व अधिकार मिला है.

यह भी पढ़ें

देश में करीब 3 करोड़ घरौनियां वितरित हुई हैं, इनमें 1 करोड़ से अधिक उत्तर प्रदेश में हैं.इन घरौनियों में महिलाओं को मालिकाना अधिकार दिया गया है.वैश्विक स्तर पर जब किसी राजनेता की चर्चा होती है तो उसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम सबसे पहले लिया जाता है.

LIVE
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...