CM योगी का बड़ा ऐलान, 1000 रुपये से ज्यादा होगी मासिक पेंशन, करोड़ों लाभार्थियों को राहत

UP Pension Yojana: मुख्यमंत्री ने सबसे अहम घोषणा सामाजिक पेंशन को लेकर की. उन्होंने बताया कि प्रदेश में 1.06 करोड़ निराश्रित महिलाओं, दिव्यांगजनों और बुजुर्गों को अभी हर महीने 1000 रुपये पेंशन मिलती है, यानी साल में 12,000 रुपये, अब सरकार इस रकम को बढ़ाने जा रही है.

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14 Feb 2026
( Updated: 14 Feb 2026
04:31 AM )
CM योगी का बड़ा ऐलान, 1000 रुपये से ज्यादा होगी मासिक पेंशन, करोड़ों लाभार्थियों को राहत
Image Source: Social Media

UP Monthly Pension Increase: योगी आदित्यनाथ ने यूपी विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा का जवाब देते हुए करीब 2 घंटे 13 मिनट तक अपनी बात रखी.अपने भाषण में उन्होंने सरकार के कामकाज, विकास योजनाओं और नए बजट की प्राथमिकताओं को विस्तार से समझाया. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार गरीब, किसान, महिला, युवा और बुजुर्ग सभी के लिए काम कर रही है. साथ ही उन्होंने Samajwadi Party (सपा) पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष हर मुद्दे पर जनता को गुमराह करने की कोशिश करता है, लेकिन सच्चाई जनता जानती है.

सामाजिक पेंशन बढ़ाने का संकेत

मुख्यमंत्री ने सबसे अहम घोषणा सामाजिक पेंशन को लेकर की. उन्होंने बताया कि प्रदेश में 1.06 करोड़ निराश्रित महिलाओं, दिव्यांगजनों और बुजुर्गों को अभी हर महीने 1000 रुपये पेंशन मिलती है, यानी साल में 12,000 रुपये. अब सरकार इस रकम को बढ़ाने जा रही है. बजट में इसके लिए पैसा रख दिया गया है, लेकिन अभी औपचारिक घोषणा नहीं की गई है. उन्होंने कहा कि सोमवार तक इसका ऐलान कर दिया जाएगा. इसका मतलब साफ है कि लाखों-करोड़ों गरीब परिवारों को अब पहले से ज्यादा आर्थिक मदद मिलेगी, जिससे उनके जीवन में कुछ राहत आएगी.

शंकराचार्य और कानून व्यवस्था पर साफ संदेश

योगी आदित्यनाथ ने शंकराचार्य के मुद्दे पर भी अपनी बात स्पष्ट की. उन्होंने कहा कि शंकराचार्य सनातन धर्म का सर्वोच्च पद होता है और हर कोई खुद को शंकराचार्य नहीं कह सकता. उन्होंने बताया कि अदि  शंकराचार्य  ने चार पीठ स्थापित की थीं. परंपरा और विद्वानों की मान्यता के आधार पर ही किसी को शंकराचार्य माना जाता है.

उन्होंने माघ मेले और मौनी अमावस्या का जिक्र करते हुए कहा कि उस दिन साढ़े चार करोड़ श्रद्धालु आए थे. इतनी बड़ी भीड़ में कानून और व्यवस्था सबसे जरूरी होती है. अगर कोई निकासी मार्ग पर खड़ा हो जाए, जहां से श्रद्धालुओं को बाहर निकलना है, तो भगदड़ जैसी खतरनाक स्थिति बन सकती है. इसलिए नियम सबके लिए बराबर हैं. उन्होंने विपक्ष से सवाल किया कि अगर वे शंकराचार्य का इतना सम्मान करते हैं, तो 2015 में उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों की गई थी. योगी ने कहा कि उनकी सरकार मर्यादा में रहकर कानून का पालन करना और करवाना जानती है.

वंदे मातरम पर सख्त बयान

मुख्यमंत्री ने वंदे मातरम को लेकर भी कड़ा रुख दिखाया. उन्होंने कहा कि भाजपा के किसी भी कार्यक्रम में वंदे मातरम का विरोध बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. जो इसका विरोध करेगा, उसे बाहर कर देना चाहिए. उनका कहना था कि वंदे मातरम देश का सम्मान है और इसका विरोध करना सही नहीं है.
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग बाबर को सम्मान देते हैं, माफिया की कब्र पर फातिहा पढ़ने जाते हैं, लेकिन वंदे मातरम का विरोध रते हैं. ऐसे लोगों को अपनी सोच पर विचार करना चाहिए. योगी ने कहा कि देश और उसकी परंपराओं का सम्मान हर नागरिक का कर्तव्य है.

राम मंदिर, काशी और सुहेलदेव का जिक्र

अपने भाषण में मुख्यमंत्री ने कहा कि जब Ram Mandir Ayodhya, काशी और मथुरा के विकास की बात हुई, तो सपा ने उसका विरोध किया. उन्होंने यह भी कहा कि जन्माष्टमी जैसे त्योहारों को जेलों और थानों में मनाने पर रोक लगा दी गई थी.
गाजी के मुद्दे पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि जो लोग गाजी मेले का समर्थन करते हैं, उन्हें यह भी याद रखना चाहिए कि गाजी को हराने वाले वीर राजा सुहेलदेव का भव्य स्मारक उनकी सरकार ने बनवाया है. उन्होंने इसे अपनी सरकार की सांस्कृतिक विरासत को सम्मान देने वाली नीति का हिस्सा बताया.

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पूरे भाषण में योगी आदित्यनाथ ने अपनी सरकार की उपलब्धियों को गिनाया, आने वाली योजनाओं का संकेत दिया और विपक्ष पर जमकर हमला बोला. खासकर पेंशन बढ़ाने की बात ने गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए उम्मीद जगाई है. वहीं धार्मिक और सांस्कृतिक मुद्दों पर दिए गए बयानों से राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है.

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