×
जिस पर देशकरता है भरोसा
Advertisement

कैंसर और आपात चिकित्सा सेवाओं को मिलेगा नया स्वरूप, CM योगी ने तैयार कराया व्यापक रोडमैप

मुख्यमंत्री ने कहा कि इमरजेंसी सेवाएं हॉस्पिटल की रीढ़ होती हैं. उन्होंने गोल्डन ऑवर को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि एंबुलेंस के रिस्पांस टाइम को और बेहतर कर घायल व्यक्ति को समय से अस्पताल पहुंचाया जाए तो उसे समय पर इलाज मिल सकता है.

Author
04 Jul 2026
( Updated: 04 Jul 2026
04:57 PM )
कैंसर और आपात चिकित्सा सेवाओं को मिलेगा नया स्वरूप, CM योगी ने तैयार कराया व्यापक रोडमैप
Image Credits: UP Information Department
Advertisement

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में प्रत्येक जिले तक कैंसर उपचार सुविधाएं विकसित करने तथा सड़क दुर्घटनाओं व अन्य आपात स्थितियों में 'गोल्डन ऑवर' के भीतर उपचार सुनिश्चित करने के लिए प्रदेशव्यापी एकीकृत ट्रॉमा एवं इमरजेंसी नेटवर्क स्थापित करने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को त्वरित उपचार, समय पर जांच, आधुनिक तकनीक, विशेषज्ञ मानव संसाधन तथा सुदृढ़ रेफरल प्रणाली पर आधारित बनाया जाए, ताकि प्रत्येक नागरिक को उसके निकट ही गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सके.

प्रदेश में विकसित होगा एकीकृत ट्रॉमा नेटवर्क

शुक्रवार को स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग तथा विभिन्न विशेषज्ञों के साथ आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश राज्य कैंसर टास्क फोर्स तथा उत्तर प्रदेश ट्रॉमा एवं इमरजेंसी नेटवर्क (यूपीटीईएन) द्वारा प्रस्तुत कार्ययोजनाओं की समीक्षा की. उन्होंने अधिकारियों को दोनों प्रस्तावों का विस्तृत परीक्षण कर चरणबद्ध, समयबद्ध एवं परिणामोन्मुख कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए. मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को केवल उपचार केंद्रित न रखकर रोकथाम, शीघ्र पहचान, गुणवत्तापूर्ण उपचार, पुनर्वास, अनुसंधान तथा तकनीक आधारित समन्वित स्वास्थ्य प्रणाली के रूप में विकसित किया जाए.

Advertisement

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रदेश के प्रत्येक जिले में चरणबद्ध रूप से कैंसर उपचार सुविधाओं का विकास किया जाए तथा प्रत्येक मंडल में आधुनिक कैंसर केन्द्र स्थापित किए जाएं. कैंसर की रोकथाम, समय पर स्क्रीनिंग, शीघ्र निदान तथा गुणवत्तापूर्ण उपचार पर विशेष ध्यान दिया जाए. तंबाकू जनित कैंसर की रोकथाम के लिए प्रभावी जनजागरूकता अभियान चलाया जाए. प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों से लेकर जिला अस्पतालों तक नियमित कैंसर स्क्रीनिंग सुनिश्चित की जाए. मरीजों की स्क्रीनिंग से लेकर उपचार और फॉलोअप तक की पूरी व्यवस्था डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ी जाए.

हर जिले में कैंसर केयर और सुदृढ़ होगा ट्रॉमा नेटवर्क

मुख्यमंत्री ने ट्रॉमा एवं आपात चिकित्सा सेवाओं की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि दुर्घटना अथवा अन्य गंभीर आपात स्थिति में घायल व्यक्ति को 'गोल्डन ऑवर' के भीतर उपचार उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश में एकीकृत ट्रॉमा एवं इमरजेंसी नेटवर्क विकसित किया जाए. मेडिकल कॉलेजों, जिला अस्पतालों, ट्रॉमा केंद्रों तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित किया जाए. कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित डिजिटल रेफरल प्रणाली विकसित कर एम्बुलेंस, चिकित्सकों, बेड उपलब्धता तथा उपचार सुविधाओं की वास्तविक समय में निगरानी सुनिश्चित की जाए. सड़क दुर्घटना संभावित क्षेत्रों, राष्ट्रीय राजमार्गों तथा एक्सप्रेसवे पर त्वरित चिकित्सा सहायता की सुदृढ़ व्यवस्था विकसित की जाए.

मुख्यमंत्री ने कहा कि चिकित्सा सेवाओं के विस्तार के साथ विशेषज्ञ चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ तथा पैरामेडिकल कार्मिकों की उपलब्धता सुनिश्चित करना भी उतना ही आवश्यक है. मेडिकल शिक्षा संस्थानों में विशेषज्ञ प्रशिक्षण, अनुसंधान तथा नवाचार को बढ़ावा दिया जाए. आधुनिक चिकित्सा के साथ पुनर्वास, मानसिक स्वास्थ्य सहयोग, योग एवं आयुष आधारित समन्वित सेवाओं को भी वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ विकसित किया जाए.

बैठक में बताया गया कि बड़ी जनसंख्या, जागरूकता के अभाव तथा अधिकांश मामलों का देर से पता चलने के कारण कैंसर गंभीर जनस्वास्थ्य चुनौती बनती जा रही है. उपचार पर होने वाला अत्यधिक निजी व्यय तथा कैंसर उपचार संस्थानों का असमान वितरण भी बड़ी चुनौती है. इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए वर्ष 2026 से 2036 तक का 10 वर्षीय राज्य कैंसर रोडमैप तैयार किया गया है.

Advertisement

बाल्यावस्था कैंसर के लिए प्रमुख केन्द्रों पर होगी समग्र उपचार सुविधा

बैठक में यह भी बताया गया कि प्रस्तावित कैंसर मिशन रोकथाम एवं स्क्रीनिंग, निदान एवं रेफरल, उपचार एवं आधारभूत संरचना, पैलिएटिव केयर एवं पुनर्वास, डिजिटल स्वास्थ्य एवं कैंसर रजिस्ट्री, क्षमता निर्माण एवं प्रशिक्षण, ऑन्कोलॉजी अनुसंधान तथा समन्वित ऑन्कोलॉजी सेवाओं जैसे आठ प्रमुख स्तंभों पर आधारित होगा. बाल्यावस्था कैंसर के लिए भी सभी प्रमुख केन्द्रों पर समग्र उपचार सुविधा विकसित की जाएगी. 

मुख्यमंत्री ने कैंसर की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग व आयुष विभाग मिलकर अभियान चलाएं. उन्होंने जागरूकता, खानपान, शुद्ध पेयजल व सुचारू जीवन पद्धति पर विशेष बल दिया. 

उत्तर प्रदेश में ट्रॉमा एवं इमरजेंसी नेटवर्क होगा विकसित

Advertisement

सड़क दुर्घटनाओं एवं अन्य आपात स्थितियों में मृत्यु दर कम करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश ट्रॉमा एवं इमरजेंसी नेटवर्क (यूपीटीईएन) विकसित करने पर चर्चा के दौरान बताया गया कि इसके अंतर्गत प्रदेश में एकीकृत ट्रॉमा एवं आपात चिकित्सा इकाइयों का विकास किया जाएगा, जिनमें लेवल-1 एपेक्स केन्द्र, लेवल-2 क्षेत्रीय केन्द्र तथा लेवल-3 जिला एवं प्राथमिक प्रतिक्रिया इकाइयां शामिल होंगी. इस नेटवर्क के माध्यम से प्रदेश की लगभग 95 प्रतिशत आबादी को 60 मिनट के भीतर विशेषज्ञ आपात चिकित्सा उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है.

यह भी पढ़ें

मुख्यमंत्री ने कहा कि इमरजेंसी सेवाएं हॉस्पिटल की रीढ़ होती हैं. उन्होंने गोल्डन ऑवर को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि एंबुलेंस के रिस्पांस टाइम को और बेहतर कर घायल व्यक्ति को समय से अस्पताल पहुंचाया जाए तो उसे समय पर इलाज मिल सकता है.

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
G
Guest (अतिथि)
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें