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योगी सरकार की ओडीओपी योजना से बदली राजन की तकदीर, टेराकोटा ने दिलाई नई पहचान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का विजन ‘आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश’ स्थानीय प्रतिभाओं, पारंपरिक उत्पादों और युवा उद्यमियों को नई पहचान देने पर आधारित है. राजन प्रजापति जैसे सफल उद्यमी इस बात के प्रमाण हैं कि सही नीति, तकनीक और बाजार का सहयोग मिलने पर उत्तर प्रदेश का युवा न केवल स्वयं आत्मनिर्भर बन सकता है, बल्कि दूसरों के लिए भी रोजगार और विकास के नए अवसर पैदा कर सकता है.

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20 Aug 2026
( Updated: 20 Aug 2026
06:25 PM )
योगी सरकार की ओडीओपी योजना से बदली राजन की तकदीर, टेराकोटा ने दिलाई नई पहचान
Image Credit: IANS
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश आत्मनिर्भरता, रोजगार सृजन और स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने के संकल्प के साथ लगातार आगे बढ़ रहा है. राज्य सरकार की ‘एक जनपद एक उत्पाद’ (ओडीओपी) योजना इसी विजन का प्रमुख आधार बनकर उभरी है. राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित गोरखपुर के रहने वाले टेराकोटा शिल्पकार राजन प्रजापति की सफलता की कहानी एक सशक्त उदाहरण है कि सरकार की योजनाएं और युवाओं का कौशल मिलकर किस प्रकार आर्थिक उन्नति का माध्यम बन सकते हैं. 

लगभग डेढ़ करोड़ रुपये का वार्षिक कारोबार करने वाले सफल उद्यमी बने राजन

गोरखपुर के औरंगाबाद, लंगड़ी गुलरिहा गांव के निवासी राजन प्रजापति बताते हैं कि उन्होंने अपने पुश्तैनी टेराकोटा शिल्प को आधुनिक बाजार की जरूरतों के अनुरूप ढालकर नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है. कभी सीमित आय और संसाधनों के बीच संघर्ष करने वाले राजन आज लगभग डेढ़ करोड़ रुपये का वार्षिक कारोबार करने वाले सफल उद्यमी बन चुके हैं. उनकी इकाई में 25 से अधिक कारीगरों को नियमित रोजगार भी मिला है, जिससे स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियां भी बढ़ी हैं.

योगी सरकार की महत्वाकांक्षी ओडीओपी योजना बनी परिवर्तन का बड़ा माध्यम
राजन प्रजापति बताते हैं कि योगी सरकार की महत्वाकांक्षी ओडीओपी योजना उनके लिए परिवर्तन का सबसे बड़ा माध्यम बनी. योजना के तहत आधुनिक उपकरण, प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता और बाजार तक पहुंच मिलने से उत्पादन क्षमता और गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ. इलेक्ट्रिक चाक और आधुनिक मशीनों के उपयोग से उनका कारोबार तेजी से बढ़ा और आज उनके उत्पाद देश के अनेक बड़े शहरों में भेजे जा रहे हैं.

टेराकोटा उत्पादों को जीआई टैग मिलने से मिली राष्ट्रीय पहचान
गोरखपुर के टेराकोटा उत्पादों को जीआई टैग मिलने से उनकी पहचान राष्ट्रीय सीमाओं से निकलकर वैश्विक बाजार तक पहुंची है. सरकार द्वारा स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन देने की नीति ने कारीगरों और उद्यमियों को नया आत्मविश्वास दिया है. यही कारण है कि त्योहारों के मौसम में उनकी इकाई से 18 से 24 ट्रक तक उत्पाद विभिन्न राज्यों में भेजे जाते हैं. राजन प्रजापति की सफलता प्रदेश के युवाओं के लिए भी प्रेरणा है. उनकी कार्यशाला प्रशिक्षण केंद्र के रूप में विकसित हो चुकी है, जहां युवाओं को टेराकोटा शिल्प की बारीकियां सिखाई जाती हैं. यह पहल न केवल पारंपरिक कला को संरक्षित कर रही है, बल्कि युवाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता की ओर भी प्रेरित कर रही है.

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योगी सरकार का विजन ‘आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश’ युवाओं को दिला रहा नई पहचान 
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का विजन ‘आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश’ स्थानीय प्रतिभाओं, पारंपरिक उत्पादों और युवा उद्यमियों को नई पहचान देने पर आधारित है. राजन प्रजापति जैसे सफल उद्यमी इस बात के प्रमाण हैं कि सही नीति, तकनीक और बाजार का सहयोग मिलने पर उत्तर प्रदेश का युवा न केवल स्वयं आत्मनिर्भर बन सकता है, बल्कि दूसरों के लिए भी रोजगार और विकास के नए अवसर पैदा कर सकता है.

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ओडीओपी योजना से स्थानीय उत्पादों को मिल रहा वैश्विक मंच  
उत्तर प्रदेश सरकार की ‘एक जनपद एक उत्पाद’ (ओडीओपी) योजना का उद्देश्य प्रत्येक जिले के पारंपरिक और विशिष्ट उत्पादों को प्रोत्साहित करना, कारीगरों और उद्यमियों की आय बढ़ाना तथा स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाना है. योजना के तहत प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता, वित्तीय सहयोग, आधुनिक उपकरण और विपणन सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं. ओडीओपी योजना के माध्यम से प्रदेश के अनेक पारंपरिक उत्पाद नई पहचान हासिल कर रहे हैं. गोरखपुर का टेराकोटा शिल्प भी इसका एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जिसने स्थानीय कला को वैश्विक पहचान दिलाने के साथ-साथ रोजगार, उद्यमिता और आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिखी है.

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