हिमंता बिस्वा सरमा की फेक AI तस्वीर वायरल, असम CMO ने आरोपियों पर दर्ज कराया केस
मुख्यमंत्री कार्यालय ने चेतावनी दी कि सोशल मीडिया के जरिए छेड़छाड़ की गई डिजिटल सामग्री बनाना और फैलाना ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का गलत इस्तेमाल है और इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं, खासकर तब जब ऐसी सामग्री का मकसद लोगों के बीच गलत धारणा बनाना हो.
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असम के मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की फेक और डिजिटल रूप से बदली हुई (मॉर्फ्ड) तस्वीर के वायरल होने पर चिंता जताई है. इस मामले में केस दर्ज कराया गया है.
सीएमओ का कहना है कि यह कंटेंट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से बनाया गया था और इसे जानबूझकर लोगों को गुमराह करने के लिए तैयार किया गया था.
CMO ने क्या कहा?
सीएमओ ने सोमवार को जारी एक बयान में कहा कि इस तस्वीर का असलियत से कोई लेना-देना नहीं है और इसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करके बनाया गया है.
सीएमओ ने बयान में कहा, "असम के मुख्यमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की नकली और मॉर्फ्ड तस्वीर के जानबूझकर फैलाए जाने का गंभीरता से संज्ञान लिया है. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करके बनाई गई यह तस्वीर पूरी तरह से मनगढ़ंत है और इसका असलियत से कोई लेना-देना नहीं है."
आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई
इसमें कहा गया है कि लोगों को गुमराह करने और मुख्यमंत्री की छवि खराब करने के मकसद से छेड़छाड़ की गई सामग्री फैलाई गई थी. सीएमओ ने कहा कि इस घटना के संबंध में मामला दर्ज किया गया है. उस नकली तस्वीर को बनाने और फैलाने में शामिल लोगों की पहचान कर ली गई है.
बयान में कहा गया, "नकली सामग्री बनाने और फैलाने के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है."
मुख्यमंत्री कार्यालय ने चेतावनी दी कि सोशल मीडिया के जरिए छेड़छाड़ की गई डिजिटल सामग्री बनाना और फैलाना ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का गलत इस्तेमाल है और इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं, खासकर तब जब ऐसी सामग्री का मकसद लोगों के बीच गलत धारणा बनाना हो.
सीएमओ ने कहा कि इस कैंपेन में शामिल पाए जाने वाले सभी लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
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सोशल मीडिया यूजर्स से सावधानी बरतने की अपील
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एआई से बनी इमेज और डिजिटल रूप से बदली गई सामग्री के तेजी से फैलने के कारण, अधिकारी लगातार यूजर्स से अपील कर रहे हैं कि वे किसी भी जानकारी को शेयर या रीपोस्ट करने से पहले उसकी पुष्टि कर लें.
असम सीएमओ ने सोशल मीडिया यूजर्स से सावधानी बरतने और मुख्यमंत्री या राज्य सरकार से जुड़ी बिना पुष्टि वाली सामग्री को आगे न बढ़ाने की भी अपील की. खास तौर पर उन लोगों से अपील की गई, जिन्होंने शायद पहले ही वह इमेज शेयर या रीपोस्ट कर दी है, कि वे उसकी सच्चाई की जांच कर लें और उस सामग्री को आगे न फैलाएं.
AI से बने फर्जी कंटेंट को लेकर बढ़ी चिंता
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब खास तौर पर मशहूर हस्तियों के बारे में गुमराह करने वाली तस्वीरें और जानकारी बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल हेरफेर के इस्तेमाल को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं.
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सीएमओ ने कहा कि ऐसी मनगढ़ंत सामग्री का इस्तेमाल बिना किसी ठोस आधार के भ्रम पैदा करने और लोगों की राय को प्रभावित करने के लिए किया जा सकता है.