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मां-पापा के प्यार की छांव तले...हिंदू से मुसलमान बने आयुष मलिक की हुई घर वापसी, वीडियो जारी कर मांगी माफी
शामली के आयुष धर्मांतरण केस में नया ट्विस्ट आ गया है. मोहम्मद अली बनने वाले आयुष की घर वापसी हो गई है. इसके बाद आयुष ने वीडियो जारी कर मां-पिता से माफी मांगी, आशीर्वाद लिया, पूजा अर्चना की और विधिवत हिंदु धर्म फिर से अपना लिया.
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शामली के बहुचर्चित आयुष मलिक प्रकरण में नया और अहम मोड़ सामने आ गया है. आयुष की सनातन धर्म में वापसी हो गई है. इस मामले से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने हड़कंप मचा दिया है. इस वायरल वीडियो में आयुष मलिक अपने माता-पिता के साथ घर के मंदिर में पूजा-अर्चना करते दिखाई दे रहे हैं. करीब 2 मिनट 17 सेकंड के इस फुटेज में आयुष न सिर्फ सनातन धर्म में दोबारा लौटने, यानी अपनी 'घर वापसी' के बारे में कह रहे हैं बल्कि सार्वजनिक रूप से अपने परिवार, माता-पिता से माफी भी मांगी है.
आयुष मलिक की हुई घर वापसी
आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश के शामली में आयुष मलिक के धर्मांतरण मामले ने पूरे देश को चौंकाकर रख दिया था. आयुष एक मुस्लिम महिला के जाल में फंसकर मुसलमान बन गए थे. इस दौरान पिता बेटे की हालत देख रोते रहे, बिलबिलाते रहे, लेकिन आयुष तब नहीं माने. मामला पुलिस तक पहुंचा और आख़िरकार आयुष के पिता की जीत उस वक्त हुई जब जिहादियों के चंगुल से छूटकर बेटे आयुष की हिंदू धर्म में घर वापसी हुई.
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फिर से हिंदु बन गया आयुष, बताई वजह
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धर्म परिवर्तन के बाद मोहम्मद अली नाम से पहचाने जाने वाले आयुष ने अब दोबारा सनातन धर्म अपना लिया है और उनकी इस घर वापसी के बाद एक नया वीडियो भी सामने आया है, जिसने इस पूरी कहानी में एक नया मोड़ ला दिया है, क्योंकि इस वीडियो में आयुष यह कहते हुए सुनाई दे रहे हैं कि उन्होंने पहले अपनी मर्जी से इस्लाम धर्म कुबूल किया था, लेकिन अपने परिवार की लगातार बढ़ती परेशानियों और पिता के आंसुओं को देखते हुए वे अब दोबारा सनातन धर्म में वापस लौट रहे हैं.
आयुष के पिता ने बताया, क्यों बनाया गया था आयुष को मुस्लिम
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इस पूरे घटनाक्रम को लेकर आयुष मलिक के पिता देवराज मलिक का स्पष्ट तौर पर दावा है कि उनके बेटे को बहला-फुसलाकर ले जाया गया था और अब उसने पूरी तरह से फिर से सनातन धर्म स्वीकार कर लिया है, जबकि इससे पहले पिता देवराज ने बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा था कि चांदनी कुरैशी नामक एक मुस्लिम लड़की और उसके पिता इस्लाम कुरैशी ने एक गहरी साजिश के तहत उनके मासूम बेटे आयुष मलिक का पूरी तरह से ब्रेन वॉश किया था ताकि उनके परिवार की करोड़ों रुपए की जायदाद को हड़पा जा सके और इसी काली नीयत के मकसद से आयुष को मोहम्मद अली बनाकर उसे अपने ही सगे परिवार से हमेशा-हमेशा के लिए दूर करने की एक खौफनाक कोशिश की गई थी.
चांदनी कुरैशी और इस्लाम कुरैशी को किया गया गिरफ्तार
इस हाई-प्रोफाइल मामले में तत्परता दिखाते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की थी और फिजियोथेरेपिस्ट चांदनी कुरैशी के साथ-साथ उसके पिता इस्लाम कुरैशी को भी सलाखों के पीछे पहुंचा दिया था.. जहां इन दोनों के खिलाफ उत्तर प्रदेश धर्म परिवर्तन निषेध अधिनियम के तहत संगीन धाराओं में मामला दर्ज किया गया था.
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आपको बता दें कि ये पूरा कानूनी केस पीड़ित पिता देवराज मलिक की लिखित शिकायत पर दर्ज हुआ था, जिन्होंने पुलिस प्रशासन को अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया था कि उनका बेटा आयुष मलिक सामान्य रूप से उनके मेडिकल स्टोर को संभालने में उनकी मदद किया करता था, लेकिन जैसे ही वह फिजियोथेरेपिस्ट चांदनी कुरैशी के संपर्क में आया, उसका पूरा व्यवहार, उसकी सोच और उसकी जिंदगी पूरी तरह से बदल गई.
"इस्लाम में चला गया था...मां की परेशानी, परिवार के हिसाब से, अपने मन से, परिवार के मूल धर्म हिंदू धर्म में आकर, आपके और पापा के प्यार की छांव में रहना चाहता हूं...मुझे माफ करना"
— NMF NEWS (@NMFNewsNational) ?ref_src=twsrc%5Etfw">June 30, 2026
शामली के आयुष मलिकल की सनातन धर्म में हुई वापसी. घर के मंदिर में माता-पिता के साथ की पूजा-अर्चना और… pic.twitter.com/GVBRCF7Q7V
ब्रेनवॉशिंग की कहानी हिला कर रख देगी!
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पिता की शिकायत में साफ़ तौर पर यह संगीन आरोप लगाया गया था कि आयुष को पहले अपने हुस्न और रिश्ते के जाल में फंसाया गया और फिर धीरे-धीरे उसका मानसिक रूप से ब्रेनवॉश करके उसे धर्म परिवर्तन करने के लिए पूरी तरह से तैयार कर लिया गया, जिसकी शुरुआत साल 2018 में एक अस्पताल से हुई थी जहां आयुष अपने पैर की चोट का इलाज कराने गया था और वहीं उसकी पहली मुलाकात चांदनी से हुई थी, जिसके बाद दोनों के बीच मेलजोल बढ़ा और मौका पाकर चांदनी के परिवार के अन्य कट्टरपंथी लोग भी आयुष को मजहबी तौर पर प्रभावित करने लगे.
2023 में आयुष को चुपके से ले जाया गया दिल्ली
पिता की इस शिकायत के मुताबिक, साल 2023 में आयुष को चुपके से दिल्ली ले जाया गया, जहां सुनियोजित तरीके से उसका धर्म परिवर्तन कराकर उसका नाम बदलकर मोहम्मद अली रख दिया गया और दिल्ली में ही एक गोपनीय निकाह समारोह का आयोजन भी हुआ था, हालांकि पुलिस की गहन जांच के दौरान मौके से कोई भी वैध मैरिज सर्टिफिकेट बरामद नहीं हो सकी थी, लेकिन इस कथित धर्म परिवर्तन के तुरंत बाद आयुष के रहन-सहन में भारी बदलाव आ गया था और उसने अचानक दाढ़ी बढ़ाना, दिन में पांच बार नमाज पढ़ना और पूरी तरह से इस्लामी रीति-रिवाजों के अनुसार कपड़े पहनना शुरू कर दिया था.
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आयुष धर्मांतरण प्रकरण में पुलिस कर रही कार्रवाई
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इस पूरे विवादित मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस ने सख्त रुख अख्तियार किया और उत्तर प्रदेश धर्म परिवर्तन निषेध अधिनियम के साथ-साथ भारतीय न्याय संहिता यानी BNS की संबंधित गंभीर धाराओं के तहत भी मुकदमा पंजीकृत किया, जिसमें गिरफ्तार हो चुकी मुख्य आरोपी चांदनी कुरैशी और उसके पिता इस्लाम कुरैशी के अलावा एफआईआर में उनके परिवार के कई अन्य सदस्यों और साजिश में शामिल दो अज्ञात मौलवियों का नाम भी प्रमुखता से शामिल किया गया है. और अब इसी पूरे विवाद के बीच जिहादी चंगुल को तोड़कर आयुष मलिक की दोबारा सनातन धर्म में हुई इस घर वापसी ने इस मामले को एक बार फिर से पूरे देश की सुर्खियों में लाकर खड़ा कर दिया है.