नंदीग्राम के बाद रेजीनगर में भी TMC का काम तमाम! ममता के प्रत्याशी रबीउल आलम चौधरी ने वापस लिया नामांकन
ममता बनर्जी की पार्टी बंगाल उपचुनाव से बाहर हो गई. नंदीग्राम के बाद अब रेजीनगर से भी प्रत्याशी ने नाम वापस ले लिया है. दोनों घटनाक्रम नामांकन की आखिरी तारीख निकलने के बाद हुए.
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पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की मुश्किलें कम होती हुई नजर नहीं आ रही. यहां उपचुनाव से पहले सीरियल वाला ड्रामा चल रहा है. नंदीग्राम के बाद अब रेजीनगर से भी तृणमूल उम्मीदवार रबीउल आलम चौधरी ने नामांकन वापस ले लिया है.
इसके साथ ही ममता की तृणमूल कांग्रेस उपचुनाव से बाहर हो गई है. पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर उपचुनाव कराए जा रहे हैं. चुनाव आयोग ने नामांकन पत्र वापस लेने की आखिरी तारीख 19 सितंबर घोषित की थी.
नामांकन वापसी की तारीख निकलते ही प्रत्याशी पलटे
नंदीग्राम और रेजीनगर दोनों की नामांकन वापसी में एक बात कॉमन थी. दोनों सीटों पर नामांकन वापसी की डेट निकल जाने के बाद ही TMC उम्मीदवार ने पैर पीछे खींचे. पहले नंदीग्राम और अब रेजीनगर दोनों की नामांकन की आखिरी तारीख निकलने के बाद ही प्रत्याशी पीछे हटे.
इससे पहले, नंदीग्राम से संचिता प्रधान ने अपना नामांकन पत्र वापस लेते हुए ममता बनर्जी को झटका दिया था. उन्होंने मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी से मुलाकात के बाद ये फैसला लिया.
पश्चिम बंगाल विधानसभा की इन दो सीटों पर उपचुनाव 6 अक्टूबर को होने हैं.
कांग्रेस की ओर से मोहम्मद अब्दुल्लाहिल रेजीनगर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ेंगे, जबकि मिलन प्रधान को नंदीग्राम से उम्मीदवार बनाया गया है. सीपीएम ने रेजीनगर से एडवोकेट सईद असद अली को मैदान में उतारा है, जबकि सीपीआई ने नंदीग्राम से शांति गोपाल गिरी को उम्मीदवार बनाया है.
नंदीग्राम से कांग्रेस प्रत्याशी अरेस्ट
ममता बनर्जी ने नंदीग्राम में कांग्रेस के प्रत्याशी मिलन प्रधान को समर्थन देने की घोषणा की थी. हालांकि, शुक्रवार को एक पुराने मामले में मिलन प्रधान को गिरफ्तार कर लिया गया.
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BJP ने नंदीग्राम से मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के पीए रहे चंद्रनाथ रथ की मां हासीरानी रथ को अपना उम्मीदवार घोषित किया है. विधानसभा चुनाव नतीजों के बाद चंद्रनाथ रथ की हत्या कर दी गई थी. वहीं, रेजीनगर से BJP ने शंखारव सरकार को टिकट दिया है.
हुमायूं कबीर के इस्तीफे के बाद खाली हुई रेजीनगर सीट
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नंदीग्राम में उपचुनाव की जरूरत तब पड़ी, जब CM सुवेंदु अधिकारी ने यह सीट छोड़ी और भवानीपुर सीट अपने पास रखने का फैसला किया, जहां उन्होंने इस साल की शुरुआत में हुए विधानसभा चुनावों में ममता बनर्जी को हराया था. रेजीनगर सीट आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) के संस्थापक हुमायूं कबीर के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी. उन्होंने नाओदा विधानसभा से भी जीत हासिल की थी.