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क्या पवन खेड़ा केस में फंसेंगे राहुल गांधी? असम पुलिस की FIR से बढ़ी सियासी हलचल, हिमंत बिस्वा सरमा ने दी चेतावनी
कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा के खिलाफ असम पुलिस ने BNS की 14 धाराओं में FIR दर्ज की है. यह शिकायत रिनिकी भुइयां ने की, जिन पर खेड़ा ने कई पासपोर्ट होने का आरोप लगाया था. वहीं हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि जांच में राहुल गांधी का नाम भी जुड़ सकता है
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Assam Election 2026: असम में विधानसभा चुनाव के मतदान के लिए अब 24 घंटे से भी कम का समय बचा है. लेकिन इससे पहले कांग्रेस और बीजेपी के बीच चल रही जुबानीजंग काफी तेज हो चुकी है. दरअसल, कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा (Pawan Khera) के खिलाफ असम पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की 14 धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है. इस कार्रवाई ने सियासी माहौल को और गर्म कर दिया है. मामला इतना बढ़ चुका है कि अब इसकी आंच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) तक पहुंचने की बात कही जा रही है.
इस पूरे विवाद की शुरुआत एक प्रेस कॉन्फ्रेंस से हुई, लेकिन अब यह कानूनी और राजनीतिक लड़ाई में बदल चुका है. असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा (Himanta Biswa Sarma) ने भी इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए साफ संकेत दिए हैं कि जांच का दायरा और बढ़ सकता है.
क्या है पूरा विवाद?
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दरअसल, रविवार को पवन खेड़ा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान गंभीर आरोप लगाए थे. उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां (Riniki Bhuyan) के पास तीन अलग-अलग पासपोर्ट हैं. इसके साथ ही उन्होंने कुछ दस्तावेजों की तस्वीरें दिखाते हुए कहा कि उनके नाम पर विदेशों में संपत्तियां और कंपनियां मौजूद हैं. खेड़ा ने यह भी आरोप लगाया कि इन जानकारियों का जिक्र चुनावी हलफनामे में नहीं किया गया. उनके इन बयानों ने तुरंत राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी.
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शिकायत और पुलिस की कार्रवाई
इन आरोपों के बाद रिनिकी भुइयां ने असम पुलिस की क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई. शिकायत में उन्होंने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें झूठा और दुर्भावनापूर्ण बताया. इसके बाद पुलिस ने तेजी दिखाते हुए एफआईआर दर्ज कर ली और जांच शुरू कर दी. मंगलवार को असम पुलिस की एक टीम पवन खेड़ा के दिल्ली स्थित आवास पर भी पहुंची. इस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है.
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किन धाराओं में दर्ज हुआ मामला?
एफआईआर में पवन खेड़ा के खिलाफ कई गंभीर धाराएं लगाई गई हैं. इनमें मानहानि, धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक साजिश और धमकी जैसे आरोप शामिल हैं. साथ ही चुनाव से जुड़े झूठे बयान देने और शांति भंग करने के इरादे से अपमानजनक टिप्पणी करने का भी जिक्र किया गया है. इन धाराओं को देखते हुए साफ है कि मामला सिर्फ बयानबाजी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अब कानूनी रूप से भी गंभीर मोड़ ले चुका है.
रिनिकी भुइयां का जवाब
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रिनिकी भुइयां ने अपनी शिकायत में कहा कि जिन पासपोर्ट, संपत्तियों और दस्तावेजों का जिक्र किया जा रहा है, उनका कोई अस्तित्व ही नहीं है. उन्होंने स्पष्ट किया कि न तो उन्होंने ऐसे किसी दस्तावेज के लिए आवेदन किया है और न ही उन्हें कभी जारी किया गया है. उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब एक सुनियोजित तरीके से उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने के लिए किया गया है. शिकायत में यह भी कहा गया कि यह राजनीतिक आलोचना नहीं, बल्कि निजी जीवन पर हमला है.
हिमंत बिस्वा सरमा का कड़ा रुख
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इस मामले में तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने बिना किसी जांच के ऐसे गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने यह भी दावा किया कि पवन खेड़ा अब बच नहीं पाएंगे और असम पुलिस उन्हें हर हाल में ढूंढ़ निकालेगी. सरमा के बयान ने इस पूरे मामले को और ज्यादा तूल दे दिया है. उनका कहना है कि यह सिर्फ राजनीतिक हमला नहीं, बल्कि एक सोची-समझी साजिश है.
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क्या राहुल गांधी भी आएंगे घेरे में?
इस विवाद का सबसे बड़ा राजनीतिक पहलू तब सामने आया, जब हिमंत बिस्वा सरमा ने राहुल गांधी का नाम लिया. उन्होंने दावा किया कि संभव है कि ये दस्तावेज राहुल गांधी की ओर से पवन खेड़ा को दिए गए हों. अगर जांच में ऐसा कोई लिंक सामने आता है, तो इस मामले का दायरा और बढ़ सकता है. इससे कांग्रेस के लिए राजनीतिक मुश्किलें भी बढ़ सकती हैं.
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फिलहाल यह मामला जांच के दायरे में है और आने वाले दिनों में कई नए खुलासे हो सकते हैं. असम पुलिस की कार्रवाई और नेताओं के तीखे बयान इस बात का संकेत दे रहे हैं कि यह विवाद जल्दी खत्म होने वाला नहीं है. बहरहाल, इस मामलें को देखते हुए राजनीतिक जानकार मानते हैं कि यह मामला आने वाले समय में और बड़ा रूप ले सकता है. अब सबकी नजर जांच के नतीजों पर टिकी है. यह देखना दिलचस्प होगा कि सच्चाई क्या सामने आती है और इसका असर देश की राजनीति पर कितना पड़ता है.