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नंदीग्राम के रण में जब मिले दो दिग्गज- सुवेंदु अधिकारी और दिलीप घोष की ‘जुगलबंदी’ ने उड़ाई विरोधियों की नींद!

Bengal Elections 2026: नंदीग्राम की धरती पर सुवेंदु अधिकारी और दिलीप घोष ने एक साथ मंच साझा कर बंगाल भाजपा में आपसी एकजुटता और मजबूती का बड़ा संदेश दिया है.

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पश्चिम बंगाल भाजपा के दो दिग्गज नेताओं, सुवेंदु अधिकारी और दिलीप घोष के बीच की तल्खी किसी से छिपी नहीं है. चर्चा है कि पिछले लोकसभा चुनाव में सुवेंदु के प्रभाव के कारण ही दिलीप घोष को उनकी सुरक्षित सीट मेदिनीपुर के बजाय बर्द्धमान-दुर्गापुर से चुनाव लड़ना पड़ा था, जहाँ उन्हें हार का सामना करना पड़ा. 

दोनों नेताओं की एकजुटता ने दिया कड़ा संदेश

दोनों नेता अक्सर एक-दूसरे पर निशाना साधते रहे हैं, लेकिन सोमवार को नंदीग्राम में स्थिति बदली हुई नजर आई. सुवेंदु अधिकारी के नामांकन जुलूस में दिलीप घोष न केवल शामिल हुए, बल्कि उनके साथ केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भी मौजूद थे. दोनों नेताओं की एक साथ मौजूदगी को बंगाल चुनाव में एक कड़ा संदेश के तौर पर देखा जा रहा है.

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अमित शाह की नसीहत ने दोनों नेताओं को किया एकजुट

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राजनीतिक गलियारों में इस 'एकजुटता' की खूब चर्चा हो रही है. माना जा रहा है कि यह अमित शाह के उस कड़े संदेश का नतीजा है, जिसमें उन्होंने बंगाल भाजपा के नेताओं को आपसी मनमुटाव छोड़कर साथ काम करने की हिदायत दी थी.

दिलीप घोष 30 मिनट जुलूस में रहे मौजूद

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हालांकि, दिलीप घोष केवल 30 मिनट ही जुलूस में रहे और पर्चा दाखिल करते समय मौजूद नहीं थे. पहले चरण के लिए नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जिसके तहत 23 अप्रैल को 152 सीटों पर मतदान होगा.

दो चरणों में संपन्न होगा चुनाव

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आपको बता दें कि ममता बनर्जी के गढ़ भवानीपुर विधानसभा से चुनावी मैदान में ताल ठोक रहे हैं. बंगाल विधानसभा चुनाव दो चरणों में संपन्न हो रहा है. सूबे में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को वोट डाल जाएंगे, जबकि 4 मई को चुनावी नतीजे घोषित होंगे. चुनावी तारीखों के ऐलान के साथ ही बंगाल की कुछ हॉट सीट चर्चा का विषय बनी हुई है जिसमें भवानीपुर भी शामिल है. 

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