10 जुलाई 2026 (शुक्रवार) को हर्षण योग प्रभावी नहीं रहेगा. इस दिन धृति योग (सुबह 7:15 बजे तक) रहेगा. इसके बाद व्यतिपात योग में रहेगा. शुक्रवार को अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:05 से दोपहर 12:58 बजे तक रहेगा. यह दिन का सबसे शुभ समय माना जाता है.
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धर्म ज्ञान10 Jul, 202607:00 AM10 जुलाई 2026 का पंचांग: योगिनी एकादशी पर बन रहे शुभ संयोग, जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और दिशाशूल
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धर्म ज्ञान01 Jul, 202601:20 PMअषाढ़ महीने का शुभारंभ: देवशयनी एकादशी का खास महत्व, इस माह पड़ती है गुप्त नवरात्रि
अषाढ़ के महीने में महाप्रभु जगन्नाथ की रथ यात्रा निकाली जाती है. इस महीने के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को देश के सबसे प्राचीन और भव्य धार्मिक उत्सवों में से एक भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा मुख्य मंदिर से गुंडीचा मंदिर तक निकाली जाती है. इस वर्ष 16 जुलाई से शुरू होकर 24 जुलाई तक रथ यात्रा का आयोजन रहेगा.
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धर्म ज्ञान29 Jun, 202607:00 AM29 जून का पंचांग: पूर्णिमा पर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की करें पूजा, दोपहर 12:03 से 12:57 बजे तक अभिजित मुहूर्त
सोमवार को ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि है, जो सुबह 5:26 बजे तक रहेगी. इसके बाद प्रतिपदा शुरू हो जाएगा. पूर्णिमा पर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा, पवित्र नदियों में स्नान और दान-पुण्य करने से अक्षय फलों की प्राप्ति होती है.
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धर्म ज्ञान27 Jun, 202604:11 PMकहां है ये रहस्यमयी मंदिर, जहां से शाम होते ही भागने लगते हैं लोग, वजह जानकर चौंक जाएंगे आप
इस मंदिर की खूबसूरती देखकर आपको लगेगा कि यह राजस्थान का खजुराहो है. हर दीवार, हर खंभा और हर छत पर नक्काशी इतनी अद्भुत है कि आप घंटों वहीं ठहरे रहना चाहेंगे. हालांकि इस मंदिर में शाम के बाद ठहरना वर्जित है. कहा जाता है कि कोई भी अगर रात तक रुका, वह वापस नहीं आया.
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न्यूज13 Jun, 202601:31 PMहैदराबाद में छत्तीसगढ़ को मिले 9,580 करोड़ के निवेश प्रस्ताव, 7,800 लोगों को मिलेगा रोजगार
बस्तर का जिक्र करते हुए सीएम साय ने कहा कि नक्सलवाद के कारण बस्तर इलाका पिछले 40-50 साल से विकास से अछूता रहा. वहां मुख्य रूप से आदिवासी समुदाय के लोग रहते हैं.
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धर्म ज्ञान09 Jun, 202601:14 PMUP में कहां है श्री वेणी माधव मंदिर, 'त्रिवेणी रक्षक' के दर्शन बिना अधूरी मानी जाती है यहां की तीर्थयात्रा, सच्चे मन से की गई प्रार्थना अवश्य फल देती है
मान्यता है कि तभी से वेणी माधव को प्रयागराज का प्रमुख देवता और त्रिवेणी का रक्षक माना जाता है. इसी कारण इस मंदिर का धार्मिक महत्व बहुत ज्यादा है.धार्मिक ग्रंथों, विशेषकर पद्म पुराण में भी उल्लेख मिलता है कि तीर्थराज प्रयाग में भगवान विष्णु वेणी माधव के रूप में विराजमान हैं.
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धर्म ज्ञान09 Jun, 202612:01 PMकहां है श्री पार्थसारथी मंदिर, जहां भगवान विष्णु के पांच स्वरूपों की होती है पूजा, यहां 'अर्जुन के सारथी' के पास नहीं है अस्त्र-शस्त्र
'पार्थसारथी' नाम का अर्थ है अर्जुन के सारथी. महाभारत में भगवान श्रीकृष्ण ने युद्ध के दौरान अर्जुन के रथ का संचालन किया था, उसी स्वरूप को यहां विशेष रूप से पूजा जाता है. मंदिर की सबसे अनोखी विशेषता यह है कि यहां भगवान कृष्ण को मूंछों वाले स्वरूप में दर्शाया गया है. साथ ही उनके हाथों में कोई अस्त्र-शस्त्र नहीं दिखाई देता, जो इस मंदिर को अन्य विष्णु मंदिरों से अलग बनाता है.
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धर्म ज्ञान03 Jun, 202603:22 PMपुरुषोत्तम मास विशेष: कहां है समंदर किनारे स्थित ये भव्य मंदिर, जहां नारायण के साथ विराजते हैं महादेव
इस मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह भगवान शिव और भगवान विष्णु दोनों को समर्पित है. मंदिर परिसर में शिवलिंग स्थापित है. वहीं भगवान विष्णु की शयन मुद्रा वाली प्रतिमा भी मौजूद है.
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न्यूज01 Jun, 202605:33 PMबेमेतरा सामूहिक विवाह में अव्यवस्था पर सीएम विष्णु देव साय सख्त, जांच के दिए निर्देश
सीएम कार्यालय की ओर से बताया गया कि मुख्यमंत्री सुशासन तिहार के तहत कोंडागांव के ग्राम बड़ेकनेरा पहुंचे, जहां उन्होंने अटल डिजिटल सुविधा केंद्र का निरीक्षण किया और ग्रामीणों से सीधे संवाद किया.
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मनोरंजन27 May, 202607:20 PMकेदारनाथ के बाद बद्रीनाथ पहुंचे कैलाश खेर, रुद्राक्ष माला और चंदन का तिलक लगाए फोटो की शेयर
कैलाश खेर ने इंस्टाग्राम पर बद्रीनाथ यात्रा की कुछ तस्वीरें साझा कीं. इन तस्वीरों में वह मुस्कुराते हुए नजर आ रहे हैं. उन्होंने गले में रुद्राक्ष की माला पहन रखी है और माथे पर चंदन का तिलक लगाया हुआ है. बता दें कि ये दोनों चीजें भगवान शिव की भक्ति से जुड़ी मानी जाती हैं.
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धर्म ज्ञान27 May, 202601:23 PMकहां है ये दिव्य मंदिर, जहां भक्त प्रह्लाद की रक्षा के लिए नारायण ने लिया था अवतार, बस इस दिन भगवान विष्णु का स्वरूप देखने का मिलता है मौका
इस मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं. करीब 300 मीटर ऊंची सिम्हाचलम पहाड़ी पर बना यह मंदिर अपनी भव्य संरचना और शांत वातावरण के लिए प्रसिद्ध है. मंदिर परिसर में विशाल प्रांगण, ऊंचे प्रवेश द्वार और दीवारों पर की गई बारीक नक्काशी श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित करती है. यहां से विशाखापत्तनम शहर और आसपास की पहाड़ियों का सुंदर दृश्य भी दिखाई देता है.
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धर्म ज्ञान26 May, 202603:12 PMकहां है नारायण के पदचिन्हों पर बना ये दिव्य मंदिर, पितरों को मोक्ष की होती है प्राप्ति
पितरों की शांति और मोक्ष की कामना लेकर श्रद्धालु विशेष रूप से पवित्र स्थलों की यात्रा करते हैं. ऐसे में बिहार के गया शहर में स्थित विष्णुपद मंदिर भक्तों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल है.
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धर्म ज्ञान26 May, 202611:54 AMपुरुषोत्तम मास विशेष: कहां है भगवान विष्णु का ये भव्य मंदिर, दर्शन मात्र से दूर होते हैं कष्ट, सुख-समृद्धि का मिलता है आशीर्वाद
श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर अपनी सुंदर वास्तुकला, शांत वातावरण और धार्मिक महत्व के कारण दूर-दूर से आने वाले भक्तों को आकर्षित करता है. जगदलपुर के मोतीतालाब पारा में स्थित यह मंदिर भगवान वेंकटेश्वर स्वामी को समर्पित है, जिन्हें भगवान विष्णु का अवतार माना जाता है. मंदिर का निर्माण आंध्र एसोसिएशन के सदस्यों के प्रयासों से किया गया है.