मां कात्यायनी की कथा में पुत्री के रूप में पिता के कुल से जुड़ाव को विशेष महत्व दिया गया है. सामान्य सामाजिक परंपरा में विवाह के बाद पुत्री का गोत्र पति के गोत्र से जुड़ जाता है, लेकिन धार्मिक मान्यता के अनुसार, देवी कात्यायनी सदैव अपने पिता के गोत्र से जुड़ी रहीं. यह प्रसंग पुत्री के अपने परिवार के प्रति स्नेह, जिम्मेदारी और सम्मान को दर्शाता है.
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धर्म ज्ञान16 Oct, 202612:14 PMनवरात्र: आज मां कात्यायनी की होगी पूजा-अर्चना, पिता के कुल की रक्षा का दिया संदेश
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धर्म ज्ञान15 Oct, 202603:29 PMदशमहाविद्या: मां आदिशक्ति के 10 दिव्य स्वरूप, हर भक्त के लिए खास
कहा जाता है कि जब दक्ष प्रजापति के यज्ञ में जाने से शिव जी ने माता सती को रोका, तो क्रोध में सती ने अपना विराट रूप दिखाया. शिव जी जिस भी दिशा में जाते, उन्हें माता का एक नया रूप दिखता. इस तरह 10 दिशाओं में 10 रूप प्रकट हुए. वही दशमहाविद्या कहलाईं.
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धर्म ज्ञान15 Oct, 202612:26 PMनवरात्र का पांचवां दिन आज, मां स्कंदमाता की होगी आराधना, संतान सुख और सुख-समृद्धि के लिए भक्त करेंगे पूजा
मां स्कंदमाता को देवी दुर्गा के अत्यंत ममतामयी स्वरूपों में गिना जाता है. उनकी गोद में भगवान कार्तिकेय विराजमान रहते हैं. धार्मिक चित्रण में मां को कमल पर विराजमान दिखाया जाता है, इसलिए उन्हें पद्मासना देवी भी कहा जाता है.
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स्पेशल्स14 Oct, 202604:01 PMअसली 'गोदी मीडिया' कौन? दरबारी पत्रकारों के इकोसिस्टम ने क्यों जानबूझकर तैयार किया ये प्रोपेगेंडा
निष्पक्षता का चोला और 'गोदी' का खेल: आखिर कौन है असली गोदी मीडिया और किसने गढ़ा ये नैरेटिव? इकोसिस्टम पर्दाफाश.
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धर्म ज्ञान14 Oct, 202611:59 AMदेवी के चौथे स्वरूप माता कूष्मांडा से जुड़ा है ये फल, जिसके सेवन से शरीर को मिलते हैं कई बड़े फायदे
आयुर्वेद में कूष्मांड को शीतल, पौष्टिक और पित्त को शांत करने वाले गुणों से युक्त माना गया है. आयुर्वेद में इसे 'रसायन' कहा गया है, यानी जो शरीर को नई ऊर्जा दे और उसे जवान बनाए रखे. यह स्वभाव में शीतल होता है, इसलिए शरीर की गर्मी और जलन को शांत करने में उपयोगी हो सकता है.
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धर्म ज्ञान14 Oct, 202610:32 AMशारदीय नवरात्रि का चौथा दिन : मां कूष्मांडा की पूजा-अर्चना से मिलता है सुख-समृद्धि का आशीर्वाद, रोग-शोक और कष्टों को दूर करती हैं माता
मां कूष्मांडा का वाहन सिंह है, जो शक्ति, साहस और पराक्रम का प्रतीक माना जाता है. पौराणिक मान्यताओं में मां कूष्मांडा को ब्रह्मांड की सृजनकर्ता शक्ति माना गया है. कहा जाता है कि जब चारों ओर अंधकार व्याप्त था, तब देवी ने अपनी मंद मुस्कान से सृष्टि में प्रकाश का संचार किया. इसी कारण उनका नाम कूष्मांडा पड़ा. भक्तों के बीच यह विश्वास है कि माता की उपासना करने से मन के भय दूर होते हैं और आत्मविश्वास तथा ऊर्जा में वृद्धि होती है.
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धर्म ज्ञान14 Oct, 202607:00 AM14 अक्टूबर का पंचांग: मां के चौथे स्वरूप कूष्मांडा की पूजा करने से बढ़ता है आयु, यश और बल, रात 8:38 बजे तक रहेगा आयुष्मान योग
इस दिन मां कूष्मांडा की आराधना की जाती है. देवी कूष्मांडा की पूजा करने से आयु, यश, बल और स्वास्थ्य बढ़ता है. मां कुष्मांडा की आठ भुजाएं हैं, जिसके कारण इन्हें 'अष्टभुजा देवी' भी कहते हैं. इनके हाथों में कमंडल, धनुष, बाण, कमल का पुष्प, अमृत से भरा कलश, चक्र, गदा और जप की माला है. मां की सवारी सिंह (बाघ) है.
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धर्म ज्ञान13 Oct, 202604:55 PMनवरात्र स्पेशल: कहां है सर्वाधिक शक्तिपीठ, तांत्रिक साधना के लिए भी माना जाता है प्रमुख केंद्र
वर्धमान जिले के केतुग्राम इलाके में बहुला देवी शक्तिपीठ है. यहां माता सती का बायां हाथ गिरा था. इस शक्तिपीठ में माता सती की पूजा 'मां बहुला' के रूप में और भगवान शिव की पूजा उनके 'भीरुक' (सर्वसिद्धिदायक) भैरव रूप में की जाती है.
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धर्म ज्ञान13 Oct, 202602:29 PMनवरात्र स्पेशल : रहषु भगत के दर्शन के बिना मां थावे वाली की पूजा मानी जाती है अधूरी, राजा मनन की जिद ने कर दिया था साम्राज्य का विनाश
बिहार के गोपालगंज जिले में स्थित 'थावे भवानी मंदिर' को लेकर एक एक बेहद रहस्यमयी कहानी जुड़ी है. गोपालगंज शहर से महज कुछ किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह मंदिर कोई साधारण मंदिर नहीं बल्कि इसे एक 'जाग्रत शक्तिपीठ' माना जाता है.
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धर्म ज्ञान13 Oct, 202601:16 PMनवरात्र का तीसरा दिन : मां चंद्रघंटा की होगी पूजा-अर्चना; घंटानाद से दुष्ट शक्तियों का होता है नाश, क्या करने से भक्तों पर मां की कृपा बनी रहती है
मां के स्वरूप में चंद्रमा शांति और शीतलता का प्रतीक माना जाता है, जबकि घंटा नाद शक्ति, जागृति और नकारात्मक शक्तियों के विनाश का संदेश देता है. माता का यह स्वरूप भक्तों को यह प्रेरणा देता है कि जीवन में शांति और धैर्य बनाए रखते हुए अन्याय तथा बुराई के विरुद्ध साहस के साथ खड़ा होना चाहिए.
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धर्म ज्ञान12 Oct, 202604:52 PMछत्तीसगढ़ के सिहावा में मां शीतला शक्तिपीठ में नवरात्रि पर उमड़ी भक्तों की भीड़, ओडिशा-महाराष्ट्र से भी पहुंच रहे श्रद्धालु
ज्योत पुजारी नारायण प्रसाद पाठक ने आईएएनएस से कहा कि मां भगवती शीतला हर गांव में हैं, लेकिन सिहावा की माता स्वयंभू हैं. मां की बड़ी कृपा है और श्रद्धा की ज्योति है. मां की महिमा है कि वह चावल से आशीर्वाद देती हैं.
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धर्म ज्ञान12 Oct, 202607:00 AM12 अक्टूबर का पंचांग: नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा करना फलदाई, सुबह 11:50 से दोपहर 12:36 बजे तक अभिजीत मुहूर्त
12 अक्टूबर 2026 (सोमवार) को शारदीय नवरात्रि का दूसरा दिन है. इस दिन मां ब्रह्मचारिणी (दुर्गा जी के दूसरे स्वरूप) की पूजा करना अत्यंत फलदायी माना गया है. इसके साथ ही यह दिन सोमवार होने के कारण भगवान शिव और चंद्र दर्शन (आश्विन शुक्ल द्वितीया) के लिए भी शुभ है.
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धर्म ज्ञान11 Oct, 202612:44 PMशारदीय नवरात्र स्पेशल : कैसे बनती है मां दुर्गा की मूर्ति, जानिए गंगा माटी से लेकर चक्षुदान तक का रहस्य
मिट्टी सूखने के बाद मूर्तियों को रंगों से सजाया जाता है. इस पूरी प्रक्रिया के दौरान देवी की आंखों पर पट्टी बंधी रहती है. 'महालया' के पवित्र दिन, जो पितृ पक्ष के अंत और देवी पक्ष की शुरुआत का प्रतीक है, कारीगर शंख की ध्वनि के बीच देवी की आंखें उकेरते हैं. 'चक्षुदान' कहलाने वाली इस प्रक्रिया के माध्यम से प्रतिमा में प्राणों का संचार माना जाता है.