15 जुलाई को सूर्य मिथुन राशि में विराजमान रहेंगे, जबकि चंद्रमा भी कर्क राशि में संचार करेगा. 15 जुलाई 2026 (बुधवार) को उत्तर दिशा में दिशाशूल रहेगा. ज्योतिष और वास्तु के मुताबिक, इस दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए.
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धर्म ज्ञान15 Jul, 202607:00 AMपंचांग 15 जुलाई 2026: गुप्त नवरात्र का पहला दिन, जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और दिशाशूल
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धर्म ज्ञान14 Jul, 202607:00 AMAaj Ka Panchang 14 July 2026: भौमवती अमावस्या का शुभ संयोग, जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, राहुकाल और दिशाशूल
14 जुलाई को सूर्य मिथुन राशि में स्थित रहेंगे, जबकि चंद्रमा भी कर्क राशि में स्थित रहेगा. 14 जुलाई 2026 (मंगलवार) को उत्तर दिशा में दिशाशूल रहेगा. ज्योतिष और वास्तु के मुताबिक, इस दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए. यदि यात्रा करना अनिवार्य हो, तो कुछ विशेष ज्योतिषीय उपायों को अपनाकर प्रस्थान किया जा सकता है.
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धर्म ज्ञान12 Jul, 202607:00 AMAaj Ka Panchang 12 July 2026: जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल, नक्षत्र और दिशाशूल
12 जुलाई को सूर्य मिथुन राशि में गोचर करेंगे, जबकि चंद्रमा वृषभ राशि में गोचर करेगा. 12 जुलाई 2026 (रविवार) को पश्चिम दिशा में दिशाशूल रहेगा. ज्योतिष और वास्तु के मुताबिक, इस दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए. अगर यात्रा करना आवश्यक भी है, तो कुछ अचूक ज्योतिषीय उपायों का पालन करना चाहिए.
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धर्म ज्ञान08 Jul, 202607:00 AM8 जुलाई 2026 का पंचांग: जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल, तिथि, नक्षत्र और दिशाशूल
8 जुलाई 2026 (बुधवार) को उत्तर दिशा में दिशाशूल रहेगा. ज्योतिष और वास्तु के मुताबिक, इस दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए. अगर यात्रा करना आवश्यक भी है, तो कुछ अचूक ज्योतिषीय उपायों का पालन करना चाहिए.
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धर्म ज्ञान05 Jul, 202607:00 AM5 जुलाई का पंचांग: भगवान सूर्य की पूजा करना सबसे उत्तम, पंचमी तिथि, शुभ मुहूर्त और राहुकाल जानें
पंचांग के अनुसार, 5 जुलाई 2026 को सूर्य आर्द्रा नक्षत्र में स्थित रहेगा, जिसके स्वामी राहु हैं. चंद्रमा शतभिषा नक्षत्र में गोचर करेगा.
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धर्म ज्ञान02 Jul, 202607:00 AMAaj Ka Panchang 2 July 2026: जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल, तिथि और दिशाशूल
पंचांग के अनुसार, 2 जुलाई 2026 को सूर्य आर्द्रा नक्षत्र में स्थित रहेगा, जिसके स्वामी राहु हैं. चंद्रमा उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में गोचर करेंगे और इसके बाद यह श्रवण नक्षत्र में प्रवेश करेंगे.
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धर्म ज्ञान26 Jun, 202607:00 AM26 जून 2026 का पंचांग: शुक्रवार को बन रहा शुभ संयोग, शाम से शुरू होगा सर्वार्थसिद्धि योग
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति भी इस दिन महत्वपूर्ण रहेगी. सूर्य मिथुन राशि में विराजमान रहेंगे, वहीं चंद्रमा दोपहर 12 बजकर 33 मिनट तक तुला राशि में रहेंगे और उसके बाद वृश्चिक राशि में प्रवेश करेंगे. चंद्रमा के राशि बदलने का असर अलग-अलग राशियों के लोगों पर अलग तरीके से पड़ सकता है.
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धर्म ज्ञान24 Jun, 202607:00 AMPanchang 24 June 2026: जानें बुधवार का शुभ मुहूर्त, राहुकाल और दिशाशूल
24 जून 2026 (बुधवार) को हर्षण योग नहीं, बल्कि परिघ योग है. वैदिक पंचांग के अनुसार 24 जून 2026 को कोई वज्र योग नहीं है बल्कि परिघ और शिव योग बन रहे हैं.
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धर्म ज्ञान23 Jun, 202607:00 AMपंचांग 23 जून 2026: मंगलवार को हनुमान पूजा का शुभ संयोग, जानें राहुकाल, अभिजित मुहूर्त और दिशाशूल
23 जून 2026 (मंगलवार) को हर्षण योग नहीं, बल्कि वरीयान योग है. वैदिक पंचांग के अनुसार 23 जून 2026 को कोई वज्र योग नहीं है.
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धर्म ज्ञान21 Jun, 202607:00 AM21 जून 2026 का पंचांग: जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और दिशाशूल
21 जून, रविवार को हर्षण योग नहीं है. वैदिक पंचांग के अनुसार 21 जून 2026 को कोई वज्र योग नहीं है. इस दिन सिद्धि योग रहेगा. वज्र योग एक दिन पहले 20 जून 2026 को उपस्थित था.
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धर्म ज्ञान20 Jun, 202607:00 AM20 जून 2026 का पंचांग: जानें षष्ठी तिथि, शुभ मुहूर्त, राहुकाल और दिशाशूल
इस दिन सूर्य मिथुन राशि में और चंद्रमा कन्या राशि में विराजमान हैं. साथ ही, 20 जून 2026 (शनिवार) को पूर्व दिशा और उत्तर-पूर्व (ईशान) दिशा में दिशाशूल रहेगा. ज्योतिष और वास्तु के मुताबिक इन दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए.
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धर्म ज्ञान19 Jun, 202607:00 AM19 जून 2026 का पंचांग: जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और स्कन्द षष्ठी का महत्व
धार्मिक दृष्टि से यह दिन इसलिए भी खास है क्योंकि शुक्रवार माता लक्ष्मी और संतोषी माता की पूजा के लिए समर्पित माना जाता है. मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा भाव से पूजा-पाठ और दान-पुण्य करने से सुख-समृद्धि और परिवार में खुशहाली बनी रहती है.
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धर्म ज्ञान17 Jun, 202607:30 AM7 जून 2026 का पंचांग: रात में लगेगी चतुर्थी, जानें शुभ-अशुभ समय
17 जून के शुभ और अशुभ समय की बात करें तो राहुकाल दोपहर 12 बजकर 27 मिनट से 2 बजकर 8 मिनट तक रहेगा. इस अवधि में नए और मांगलिक कार्य शुरू करने से परहेज किया जाता है. इसके अलावा, यमगण्ड सुबह 7 बजकर 25 मिनट से 9 बजकर 6 मिनट तक और कुलिक काल सुबह 10 बजकर 47 मिनट से दोपहर 12 बजकर 27 मिनट तक रहेगा. वहीं दुर्मुहूर्त दोपहर 12 बजे से 12 बजकर 54 मिनट तक रहेगा.