8 जुलाई 2026 (बुधवार) को उत्तर दिशा में दिशाशूल रहेगा. ज्योतिष और वास्तु के मुताबिक, इस दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए. अगर यात्रा करना आवश्यक भी है, तो कुछ अचूक ज्योतिषीय उपायों का पालन करना चाहिए.
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धर्म ज्ञान08 Jul, 202607:00 AM8 जुलाई 2026 का पंचांग: जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल, तिथि, नक्षत्र और दिशाशूल
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धर्म ज्ञान21 Jun, 202607:00 AM21 जून 2026 का पंचांग: जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और दिशाशूल
21 जून, रविवार को हर्षण योग नहीं है. वैदिक पंचांग के अनुसार 21 जून 2026 को कोई वज्र योग नहीं है. इस दिन सिद्धि योग रहेगा. वज्र योग एक दिन पहले 20 जून 2026 को उपस्थित था.
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धर्म ज्ञान19 Jun, 202607:00 AM19 जून 2026 का पंचांग: जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और स्कन्द षष्ठी का महत्व
धार्मिक दृष्टि से यह दिन इसलिए भी खास है क्योंकि शुक्रवार माता लक्ष्मी और संतोषी माता की पूजा के लिए समर्पित माना जाता है. मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा भाव से पूजा-पाठ और दान-पुण्य करने से सुख-समृद्धि और परिवार में खुशहाली बनी रहती है.
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धर्म ज्ञान17 Jun, 202607:30 AM7 जून 2026 का पंचांग: रात में लगेगी चतुर्थी, जानें शुभ-अशुभ समय
17 जून के शुभ और अशुभ समय की बात करें तो राहुकाल दोपहर 12 बजकर 27 मिनट से 2 बजकर 8 मिनट तक रहेगा. इस अवधि में नए और मांगलिक कार्य शुरू करने से परहेज किया जाता है. इसके अलावा, यमगण्ड सुबह 7 बजकर 25 मिनट से 9 बजकर 6 मिनट तक और कुलिक काल सुबह 10 बजकर 47 मिनट से दोपहर 12 बजकर 27 मिनट तक रहेगा. वहीं दुर्मुहूर्त दोपहर 12 बजे से 12 बजकर 54 मिनट तक रहेगा.
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मनोरंजन14 Jun, 202607:30 AMआज का पंचांग: पुरुषोत्तम मास में दर्श अमावस्या, पितरों के तर्पण का विशेष महत्व
इस दिन वर्ज्य समय और बाण काल का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए. ज्योतिष के अनुसार अमावस्या के दिन नए काम शुरू करने से बचना बेहतर होता है. पितर पूजन, तर्पण और दान-पुण्य जैसे कार्य इस तिथि पर शुभ फल देते हैं. लोगों को सलाह दी जाती है कि राहुकाल और दुर्मुहूर्त में कोई महत्वपूर्ण कार्य या यात्रा न करें.
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