हिंदू धर्म में नवरात्र का विशेष खास महत्व माना गया है. इन 9 दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, नवरात्र के हर दिन मां दुर्गा के एक विशेष रूप की आराधना की जाती है. इन दिनों सच्चे मन से मां की पूजा करने और व्रत रखने से देवी दुर्गा का आशीर्वाद मिलता है और घर में सुख समृद्धि आती है. शारदीय नवरात्र की अष्टमी और नवमी तिथि के मौके पर कन्या पूजन किया जाता है.
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धर्म ज्ञान17 Oct, 202611:18 AMशारदीय नवरात्रि में अष्टमी और नवमी तिथि कब, इस बार पूजन के बाद कन्याओं को क्या दें उपहार?
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धर्म ज्ञान16 Oct, 202612:14 PMनवरात्र: आज मां कात्यायनी की होगी पूजा-अर्चना, पिता के कुल की रक्षा का दिया संदेश
मां कात्यायनी की कथा में पुत्री के रूप में पिता के कुल से जुड़ाव को विशेष महत्व दिया गया है. सामान्य सामाजिक परंपरा में विवाह के बाद पुत्री का गोत्र पति के गोत्र से जुड़ जाता है, लेकिन धार्मिक मान्यता के अनुसार, देवी कात्यायनी सदैव अपने पिता के गोत्र से जुड़ी रहीं. यह प्रसंग पुत्री के अपने परिवार के प्रति स्नेह, जिम्मेदारी और सम्मान को दर्शाता है.
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राज्य12 Oct, 202610:01 AMगोरखनाथ मंदिर में शारदीय नवरात्र के विशेष अनुष्ठान का शुभारंभ, CM योगी ने की कलश स्थापना
गोरखनाथ मंदिर की गोरक्षपीठ में शारदीय नवरात्र का शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में हुआ. उन्होंने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कलश स्थापना कर मां शैलपुत्री की पूजा की. इस दौरान कलश शोभायात्रा निकाली गई.
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धर्म ज्ञान11 Oct, 202612:44 PMशारदीय नवरात्र स्पेशल : कैसे बनती है मां दुर्गा की मूर्ति, जानिए गंगा माटी से लेकर चक्षुदान तक का रहस्य
मिट्टी सूखने के बाद मूर्तियों को रंगों से सजाया जाता है. इस पूरी प्रक्रिया के दौरान देवी की आंखों पर पट्टी बंधी रहती है. 'महालया' के पवित्र दिन, जो पितृ पक्ष के अंत और देवी पक्ष की शुरुआत का प्रतीक है, कारीगर शंख की ध्वनि के बीच देवी की आंखें उकेरते हैं. 'चक्षुदान' कहलाने वाली इस प्रक्रिया के माध्यम से प्रतिमा में प्राणों का संचार माना जाता है.
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धर्म ज्ञान10 Oct, 202608:00 PMनवरात्र में क्यों किया जाता है दुर्गा सप्तशती का पाठ? यहां समझें संपूर्ण नियम और सावधानियां
धार्मिक मान्यता मान्यता है कि दुर्गा सप्तशती का प्रतिदिन या नवरात्रि के दौरान पाठ करने से अनेक आध्यात्मिक और व्यक्तिगत लाभ प्राप्त होते हैं. पवित्र श्लोक भक्ति, साहस और आंतरिक शक्ति को प्रेरित करते हैं और नकारात्मकता से सुरक्षा का बोध कराते हैं. घर में सुख-शांति बनाए रखने और नकारात्मक विचारों से दूर रहने के लिए भी इस पाठ को किया जाता है.
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धर्म ज्ञान10 Oct, 202604:25 PMदुर्गा सप्तशती का पाठ करने से सभी प्रकार के कष्टों से मिलती है मुक्ति, जानिए शक्तिशाली मंत्र और उनका महत्व
मान्यता है कि दुर्गा सप्तशती का पाठ करने से भय, शोक और सभी प्रकार के कष्टों से मुक्ति मिलती जाती है. इसका पाठ विशेष रूप से नवरात्रों में किया जाता है और ये अचूक फल देने वाला होता है.
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धर्म ज्ञान09 Oct, 202611:52 AMशारदीय नवरात्रि में आप भी रख रहे हैं व्रत? जानिए क्या खाएं और किन चीजों से करें परहेज
इस साल शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 11 अक्टूबर से हो रही है. अगर आप भी नौ दिनों तक व्रत रखने की तैयारी कर रहे हैं, तो पहले जान लें कि इस दौरान क्या खाना चाहिए और किन चीजों से दूरी बनाना बेहतर माना जाता है.
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धर्म ज्ञान07 Oct, 202604:32 PMकब से शुरू हो रहे हैं शारदीय नवरात्र? जानिए कलश स्थापना का सबसे शुभ मुहूर्त, मां दुर्गा की पूजा करने से पूरी होगी मनोकामनाएं
इस साल शारदीय नवरात्र की शुरुआत 11 अक्टूबर 2026 रविवार से हो रही है. इसी दिन शुभ मुहूर्त में कलश स्थापना यानी घट स्थापना की जाएगी. मान्यता है कि विधि-विधान से कलश स्थापना करने के बाद ही मां शक्ति के नौ स्वरूपों की पूजा का दौर शुरू होता है.
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धर्म ज्ञान27 Sep, 202607:27 PM28 सितंबर का पंचांग: पूर्वजों के निमित्त द्वितीया पर करें तर्पण और पिंडदान, सुबह 11:53 से दोपहर 12:41 बजे तक अभिजीत मुहूर्त
पंचांग के अनुसार इस दिन सूर्य हस्त नक्षत्र में रहेगा. ज्योतिष के अनुसार, सूर्य के हस्त नक्षत्र में प्रवेश करने से सभी 12 राशियों पर गहरा प्रभाव पड़ता है. हस्त नक्षत्र के स्वामी चंद्रमा का सूर्य से मित्रता का संबंध माना गया है.
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धर्म ज्ञान11 Sep, 202606:42 PMपितृपक्ष में ऋषियों का तर्पण क्यों जरूरी? अगस्त्य मुनि की कथा में छिपा है मोक्ष का रहस्य
मान्यता है कि इस दौरान पितरों का तर्पण करने से उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होती है और पितृ दोष से मुक्ति मिलती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि पितरों का तर्पण करने से पहले कुछ महान ऋषि-मुनियों का तर्पण किया जाता है.
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धर्म ज्ञान11 Sep, 202606:00 PMपिथौरागढ़ के मां चंडिका धुरा मंदिर में गूंजता है न्याय की देवी का जयकारा, जानें इसका पौराणिक रहस्य
'मां चंडिका धुरा मंदिर' पिथौरागढ़ नगर से लगभग 10 किलोमीटर दूर, घने जंगलों और पहाड़ों के बीच स्थित है. स्थानीय पहाड़ी भाषा में 'धुरा' का अर्थ ऊंची चोटी होता है. पहाड़ी के गर्भ (गुफा) में स्थित होने के कारण इन्हें 'उड़ियार देवी' भी कहते हैं.