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समाजवादियों को राम से दिक्कत क्यों? सपा नेता ने की इतनी ओछी टिप्पणी कि खून खौल जाएगा, पुलिस ने लिया एक्शन
सपा नेता यदुनंदन वर्मा ने भगवान राम और मां कौशल्या पर बेहद अमर्यादित, विवादित और ओछी टिप्पणी की है. जिसका वीडियो सामने आया है. इसके बाद भड़के हिंदू संगठनों ने उन पर सख्त एक्शन की मांग की है.
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UP में समाजवादी पार्टी के नेता यदुनंदन लाल वर्मा पुलिस की रडार पर आ गए हैं. पुलिस ने उन्हें धार्मिक भावनाएं आहत करने और भड़काने के आरोप में अरेस्ट किया है. दरअसल, यदुनंदन लाल वर्मा ने भगवान राम और उनकी मां कौशल्या पर इतनी अभद्र और गंदी टिप्पणी की थी कि मामला गर्माना लाजिम है.
यदुनंदन लाल वर्मा का एक वीडियो सामने आया है जिसमें वह खुले मंच से भगवान राम पर बेहद अमर्यादित टिप्पणी कर रहे हैं. वीडियो में बोली गई बातें इतनी विवादित हैं कि हम आपको सुना नहीं सकते, अगर हम बीप करके भी वीडियो सुनाएंगे तब भी खून खौल सकता है, लेकिन यदुनंदन ने भगवान राम और मां कौशल्या पर अभद्र बातें हंसते हुए कर रहे हैं.
सपा नेता ने कहां दिया भगवान राम पर अमर्यादित बयान?
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दरअसल, समाजवाजी पार्टी के नेता यदुनंदन लाल वर्मा ने हरदोई के अंटवा खेरवा गांव में सम्राट अशोक की जयंती पर रखी गई सभा में शिरकत की थी. इस सभा में यदुनंदन लाल वर्मा और कई अन्य नेता भी पहुंचे थे, मंच पर यदुनंदन के भाषण देने की बारी आई. जिसमें वह एक-एक कर सारी मर्यादाएं लांघ गए, उन्होंने पहले भगवान राम और फिर उनकी मां कौशल्या पर बेहद नीजि, ओछी और अभद्र टिप्पणी की. जब यदुनंदन, मां कौशल्या पर टिप्पणी कर रहे थे, तब वहां मौजूद बाकी लोग हंस रहे थे. यदुनंदन लाल वर्मा ने अपने बयान को जस्टिफाय करने के लिए
वाल्मीकि की लिखी रामायण का हवाला दिया.
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भड़के हिंदू संगठन तो पुलिस ने लिया एक्शन
यदुनंदन लाल वर्मा की इस अभद्रता का वीडियो जैसे ही सामने आया BJP नेता और हिंदू संगठन भड़क गए. कई संगठनों ने उनके खिलाफ सड़कों पर प्रदर्शन किया. उन्होंने सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की. सपा नेता यदुनंदन के खिलाफ हरपालपुर थाने में केस दर्ज किया गया. जिसके बाद पुलिस ने एक्शन लेते हुए उन्हें अरेस्ट कर लिया.
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कौन हैं यदुनंदन लाल वर्मा?
बताया जा रहा है यदुनंदन लाल वर्मा समाजवादी पार्टी के साथ लंबे समय से जुड़े हुए हैं. हालांकि साल 2008 में BJP के टिकट पर चुनाव लड़ चुके हैं. इसके बाद BSP और फिर अब समाजवाजी पार्टी में किस्मत आजमा रहे हैं. वह UP में सपा के सचिव भी रह चुके हैं. यदुनंदन वर्मा पहले भी कई विवादित टिप्पणियां कर चुके हैं. पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव खुद हिंदू त्यौहार दिपावली की जगह क्रिसमस से रोशनी की सीख देते हैं, वह राम मंदिर को राजनीतिक हथकंडा करार देते हैं, खुद राम मंदिर नहीं जाते हैं उसे BJP का मंदिर बताते हैं, ऐसे में ये उम्मीद कम है कि वह अपने इस नेता यदुनंदन वर्मा पर भगवान राम का और हिंदुओं की भावनाओं को भड़काने पर कोई एक्शन लेंगे.