अब फ्री में नहीं चलेगा व्हाट्सऐप, फेसबुक और इंस्टाग्राम! यूजर्स को लगेगा तगड़ा झटका, जानें Meta का क्या है नया प्लान
Meta अपने Instagram, Facebook और WhatsApp के लिए 'Meta Plus' नाम से पेड सब्सक्रिप्शन लाने की तैयारी में है. इसमें कुछ प्रीमियम फीचर्स के लिए यूजर्स को करीब 250 से 350 रुपये प्रति माह तक शुल्क देना पड़ सकता है, जबकि बेसिक सेवाएं फ्री रहेंगी.
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सोशल मीडिया की दुनिया में एक बड़ा बदलाव दस्तक दे सकता है. दिनभर Instagram, Facebook और WhatsApp पर एक्टिव रहने वाले यूजर्स के लिए यह खबर थोड़ा झटका देने वाली हो सकती है. क्योंकि दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों में शामिल मेटा (Meta) अब अपने प्लेटफॉर्म्स को पूरी तरह नए मॉडल की तरफ ले जाने की तैयारी में है. जहां बेसिक इस्तेमाल तो फ्री रहेगा, लेकिन एडवांस और प्रीमियम फीचर्स के लिए यूजर्स को पैसे चुकाने पड़ सकते हैं.
Meta Plus नाम से आ सकता है नया सब्सक्रिप्शन मॉडल
रिपोर्ट्स के मुताबिक Meta जल्द ही 'Meta Plus' नाम से एक नया सब्सक्रिप्शन प्लान लॉन्च कर सकती है. इसके तहत Instagram Plus और Facebook Plus की कीमत करीब 3.99 डॉलर प्रति महीना यानी लगभग 300 रुपये हो सकती है. वहीं WhatsApp Plus के लिए लगभग 2.99 डॉलर यानी करीब 250 रुपये मासिक शुल्क तय किया जा सकता है. कंपनी का मकसद उन यूजर्स को बेहतर एक्सपीरियंस देना है जो ज्यादा कंट्रोल, कस्टमाइजेशन और एडवांस फीचर्स चाहते हैं.
Instagram और Facebook पर मिल सकते हैं एडवांस फीचर्स
Instagram Plus और Facebook Plus में कई ऐसे फीचर्स शामिल किए जा सकते हैं जो अभी सामान्य यूजर्स के लिए उपलब्ध नहीं हैं. इसमें यह देखने का विकल्प हो सकता है कि आपकी स्टोरी कितनी बार दोबारा देखी गई. इसके अलावा अनलिमिटेड ऑडियंस लिस्ट, लंबे समय तक स्टोरी रखने की सुविधा और पहचान छुपाकर स्टोरी देखने जैसे फीचर्स भी मिल सकते हैं. प्रोफाइल को ज्यादा आकर्षक बनाने के लिए कस्टम डिजाइन टूल्स और एनिमेटेड रिएक्शंस भी जोड़े जा सकते हैं. क्रिएटर्स के लिए वीकली स्पॉटलाइट बूस्ट जैसे फीचर्स भी उनकी पहुंच बढ़ाने में मदद कर सकते हैं.
WhatsApp Plus होगा ज्यादा पर्सनल और कस्टमाइजेबल
WhatsApp के प्रीमियम वर्जन में सबसे ज्यादा फोकस पर्सनलाइजेशन पर रहने की संभावना है. यूजर्स को कस्टम थीम्स, अलग रिंगटोन, प्रीमियम स्टिकर्स और चैट्स को बेहतर तरीके से मैनेज करने के विकल्प मिल सकते हैं. इसके साथ पिन चैट्स की लिमिट बढ़ाई जा सकती है, जिससे यूजर्स अपने जरूरी कन्वर्सेशन को आसानी से ऑर्गनाइज कर सकें. कुल मिलाकर WhatsApp का अनुभव पहले से ज्यादा एडवांस और पर्सनल बनाया जा सकता है.
क्यों बदल रहा है Meta का मॉडल?
Meta का यह कदम सिर्फ नए फीचर्स देने तक सीमित नहीं है. असल में कंपनी अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और बड़े डाटा सेंटर प्रोजेक्ट्स में भारी निवेश कर रही है. ऐसे में विज्ञापनों पर निर्भरता कम करने और नई कमाई के स्रोत बनाने के लिए सब्सक्रिप्शन मॉडल को मजबूत किया जा रहा है. यही वजह है कि कंपनी लगातार पेड सर्विसेज और AI आधारित फीचर्स पर काम कर रही है.
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बताते चलें कि रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि Meta भविष्य में 'Meta One' नाम का एक बंडल सब्सक्रिप्शन प्लान ला सकती है. इसमें AI टूल्स, क्रिएटर्स के लिए एडवांस फीचर्स और बिजनेस यूजर्स के लिए प्रीमियम सेवाएं शामिल हो सकती हैं. अगर ऐसा होता है तो सोशल मीडिया की दुनिया में एक बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा, जहां फ्री और पेड यूजर्स के बीच फीचर्स का अंतर साफ नजर आ सकता है.