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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव: दो जगहों से भारी नकदी बरामद, पुलिस जांच में जुटी
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के दो चरणों के बीच पुलिस ने दो अलग-अलग स्थानों से बड़ी मात्रा में नकदी बरामद की है. चुनावी माहौल को देखते हुए इन बरामदगियों को गंभीरता से लिया जा रहा है और दोनों मामलों में जांच जारी है.
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पश्चिम बंगाल में दो चरणों के विधानसभा चुनावों के बीच पुलिस ने दो स्थानों से भारी मात्रा में नकदी बरामद की गई है. इनमें से एक दक्षिण बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले का बारुईपुर का रहने वाला है जबकि दूसरा आदिवासी बहुल अलीपुरद्वार जिले का है.
चुनावी माहौल के बीच दो जगहों से भारी नकदी बरामद
पुलिस के अनुसार बरुईपुर जॉयतला इलाके में एक नियमित तलाशी अभियान चल रहा था. इसी दौरान एक बाइक सवार पर संदेह हुआ. उसे रोककर तलाशी ली गई तो उसके एक बैग से 9 लाख रुपये बरामद हुए.
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पुलिस का दावा है कि बाइक सवार तिलपी से कुराली की ओर जा रहा था. पुलिस ने बरामद धनराशि के स्रोत का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है. गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान तिलपी निवासी समद अली सरदार के रूप में हुई है. फिलहाल आरोपी से पूछताछ की जा रही है.
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वहीं, उत्तर बंगाल के अलीपुरद्वार पुलिस स्टेशन के अधिकारियों को सूचना मिली कि एक दंपति शहर के चौपाटी चौराहे के पास स्थित एक होटल में ठहरे हुए हैं और उनके पास भारी मात्रा में नकदी है.
वाहन की तलाशी लेने पर मिले 2,75,000 रुपए नकद
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पता चला कि असम के चिरांग निवासी ये दंपति मंगलवार को होटल में ठहरे थे. बुधवार को वे अपने निजी वाहन से होटल से निकले. इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस की भ्रष्टाचार-विरोधी शाखा के अधिकारियों ने कुछ ही समय बाद वाहन को रोक लिया. पुलिस सूत्रों के अनुसार, वाहन की तलाशी लेने पर 2,75,000 रुपए नकद बरामद हुए.
जिस वाहन से धन बरामद हुआ है, उस पर असम का पंजीकरण नंबर प्लेट लगा है. वाहन के मालिक ने खुद को असम का एक व्यापारी बताया है. पुलिस पूछताछ के दौरान दंपति ने बताया कि वे मंगलवार को चिरांग से अलीपुरद्वार तक घूमने-फिरने के लिए गए थे.
चुनावी माहौल में नकदी मिलने से मचा हड़कंप
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हालांकि, मौजूदा चुनावी माहौल को देखते हुए जांचकर्ता इस बरामदगी को विशेष गंभीरता से ले रहे हैं. उन्होंने बताया कि दंपति से अभी तक धन के स्रोत के बारे में कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं मिला है.
पुलिस ने कहा है कि धन के स्रोत का पता लगाने के प्रयास जारी हैं. यदि धन चुनाव में इस्तेमाल करने के इरादे से लाया गया था तो उचित कार्रवाई की जाएगी.
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बता दें कि विधानसभा चुनावों में मतदाताओं को लुभाने के लिए अवैध नकदी के इस्तेमाल की आशंका को देखते हुए निर्वाचन आयोग ने राज्य के लिए पहले ही 294 सामान्य पर्यवेक्षकों की नियुक्ति कर दी है.