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भारत को नजरअंदाज अमेरिका के लिए कैसे हो सकता है ‘खतरनाक भूल’, ट्रंप के करीबी ने ही बता दिया, दी बड़ी चेतावनी

चीन के साथ अमेरिका के नए प्लान पर पूर्व अमेरिकी सुरक्षा सलाहकार ने चेतावनी जारी की है. उन्होंने इसमें भारत को नजरअंदाज करने को खतरनाक भूल बताया है.

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19 Jun 2026
( Updated: 19 Jun 2026
06:30 PM )
भारत को नजरअंदाज अमेरिका के लिए कैसे हो सकता है ‘खतरनाक भूल’, ट्रंप के करीबी ने ही बता दिया, दी बड़ी चेतावनी
Image Source- Xinhua/Ting Shen/IANS
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डोनाल्ड ट्रंप ने जब से सत्ता संभाली है अपने फैसलों से न केवल दुनिया बल्कि अमेरिका में भी उथल पुथल मचा दी है. US राष्ट्रपति को अमेरिका में ही विरोध का सामना करना पड़ रहा है. अमेरिका के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन ने उन्हें आईना दिखाने की कोशिश की. 

जॉन बोल्टन ने अमेरिका-चीन केंद्रित 'G2' व्यवस्था को लेकर कड़ा ऐतराज जताया है. उन्होंने इस विचार में भारत को नजरअंदाज करने का विरोध किया. बोल्टन ने कहा, मौजूदा दौर में चीन की बढ़ती ताकत का मुकाबला करने के लिए भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक सहयोग पहले से कहीं ज्यादा जरूरी है.

जॉन बोल्टन ने किसे बताया ‘खतरनाक भूल’? 

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अमेरिका के पूर्व NSA जॉन बोल्टन ने न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत की. जिसमें उन्होंने अमेरिका के G2 मॉडल पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा, दुनिया अमेरिका और चीन के नेतृत्व वाले ढांचे की ओर नहीं बढ़नी चाहिए. उन्होंने कहा कि भारत को इस रणनीति से बाहर रखना एक ‘खतरनाक भूल’ होगी और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की सुरक्षा रणनीति में भारत की भूमिका बेहद अहम है.

चीन के दबदबे का जताया डर 

जॉन बोल्टन ने चीन के दबदबे की ओर इशारा करते हुए कहा, ताइवान स्ट्रेट, दक्षिण चीन सागर और भारत-चीन वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर बढ़ते तनाव यह दिखाते हैं कि बीजिंग की महत्वाकांक्षाएं 21वीं सदी की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक हैं. ऐसे में भारत और अमेरिका के बीच मजबूत साझेदारी समय की जरूरत है. बोल्टन ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच चीन से जुड़े रणनीतिक मुद्दों पर गंभीर चर्चा होनी चाहिए. उन्होंने व्यापार और टैरिफ जैसे मुद्दों से ऊपर उठकर दोनों देशों के बीच सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग पर ध्यान देने की वकालत की. 

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G7 बैठक पर क्या कहा? 


जॉन बोल्टन ने G7 शिखर सम्मेलन को अमेरिका और भारत के लिए निर्णायक नहीं माना. हालांकि ये जरूर कहा कि मोदी और ट्रंप की मुलाकात दोनों नेताओं के रिश्तों को मजबूत करने का अच्छा अवसर थी और ट्रंप-मोदी को बातचीत जारी रखनी चाहिए. 

यह भी पढे़ं- ईरान, रूस और… भारत में सजेगा मंच, मिलेंगे अमेरिका के 3 दुश्मन, ट्रंप को बेचैन करेगी ये बैठक!

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जॉन बोल्टन ने ट्रंप की टैरिफ पॉलिसी को थोपने वाली करार दिया. उन्होंने कहा कि यह नीति भारत पर अनुचित तरीके से लागू की गई है और इससे दोनों देशों के व्यापक रणनीतिक हित प्रभावित हो सकते हैं. उन्होंने अमेरिका-चीन के G2 की बजाय भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के समूह 'क्वाड' को और ज्यादा प्रभावी बनाने की वकालत की. 

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