×
जिस पर देशकरता है भरोसा
Advertisement

दिल्ली के शाहदरा रेलवे स्टेशन पर यात्री की पीट-पीटकर हत्या, मुजफ्फरनगर से 8 आरोपी अरेस्ट

ताया जा रहा है ट्रेन में चढ़ने को लेकर धक्का-मुक्की हो गई थी. जिसके बाद पंकज को गिरा-गिराकर पीटा गया और वहां मौजूद लोग तमाशबीन बने रहे.

Author
20 Jun 2026
( Updated: 20 Jun 2026
06:35 PM )
दिल्ली के शाहदरा रेलवे स्टेशन पर यात्री की पीट-पीटकर हत्या, मुजफ्फरनगर से 8 आरोपी अरेस्ट
Image Source- Canva
Advertisement

पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन में ट्रेन में सीट को लेकर शुरू हुआ विवाद इतना हिंसक हो गया कि एक शख्स की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई. घटना के बाद स्टेशन में हड़कंप मच गया. हालांकि पुलिस ने महज कुछ ही घंटों में आरोपियों को अरेस्ट कर लिया. 

पुलिस टीम ने मुजफ्फरनगर रेलवे स्टेशन से आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. यह घटना शनिवार को पूर्वी दिल्ली के शाहदरा रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 3 पर हुई, जहां एक शख्स योगा एक्सप्रेस में चढ़ने की कोशिश कर रहा था. 

दिल्ली मेट्रो में काम करता था शख्स 

बताया जा रहा बागपत निवासी पंकज धामा दिल्ली मेट्रो में सिक्योरिटी गार्ड के तौर पर काम करता था. वह योगा एक्सप्रेस में सीट को लेकर चढ़ने की कोशिश कर रहे थे. इसी दौरान कुछ सहयात्रियों के साथ उनका विवाद हो गया, जो बाद में हिंसक हो गया. 

ट्रेन में लड़ाई की वजह क्या थी? 

Advertisement

शुरुआती जांच से पता चला है कि मृतक पंकज धामा को झगड़े के दौरान सह-यात्रियों ने मुक्कों और लातों से पीटा. वह प्लेटफॉर्म पर गिर पड़े और उनकी हालत बिगड़ गई. पंकज धामा को तुरंत इलाज के लिए जीटीबी अस्पताल ले जाया गया. यहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पंकज धामा पर सात-आठ यात्रियों के एक समूह ने हमला किया और मारपीट की. बताया जा रहा है ट्रेन में चढ़ने को लेकर धक्का-मुक्की हो गई थी. जिसके बाद पंकज को गिरा-गिराकर पीटा गया और वहां मौजूद लोग तमाशबीन बने रहे. मौके पर RPF के जवान पहुंचे और भीड़ से बचाकर पकंज को अस्पताल लेकर गए. 

परिवार ने रेलवे पर लगाया लापरवाही का आरोप

मृतक के परिवार का दावा है कि उन्हें रेलवे अधिकारियों से समय पर मदद नहीं मिली, जिसके कारण उनकी मौत हो गई. पीड़ित को अधिकारियों के बजाय कुछ यात्रियों ने अस्पताल पहुंचाया और इस देरी के कारण उनकी जान चली गई. 

Advertisement

परिवार का कहना है कि अगर उन्हें जल्दी अस्पताल ले जाया जाता, तो उनकी जान बच सकती थी. पंकज धामा दिल्ली मेट्रो में गार्ड के तौर पर काम करते थे. पंकज धामा 32 साल के थे उनके एक बेटी और एक बेटा है. पुलिस अभी आरोपियों से गहनता से पूछताछ कर रही है. 

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
G
Guest (अतिथि)
LIVE
Advertisement
अधिक
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें