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राजस्थान में मौसम का कह, 20 से ज्यादा जिलों में भारी बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट

जयपुर में शुक्रवार शाम करीब 5 बजे शुरू हुआ तूफान देर रात तक जारी रहा. तेज हवाओं के साथ आई इस आंधी ने शहर में कई जगह नुकसान पहुंचाया और कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई, जिससे लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी.

Image Credits: IANS
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भारतीय मौसम विभाग ने शनिवार को राजस्थान के 20 से अधिक जिलों में भारी बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है. इसके पीछे सक्रिय 'वेस्टर्न डिस्टर्बेंस' को वजह बताया जा रहा है, जिसका असर पूरे प्रदेश में देखने को मिल रहा है. 

राजस्थान के 10 से ज्यादा जिलों में बदला मौसम

शुक्रवार को भी राजस्थान के 10 से ज्यादा जिलों में मौसम ने अचानक रौद्र रूप दिखाया. कई इलाकों में तेज बारिश, आंधी और ओलावृष्टि हुई. बीकानेर, श्री गंगानगर और जैसलमेर में ओले गिरे, जबकि अन्य क्षेत्रों में तेज बारिश दर्ज की गई.

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राजधानी जयपुर में शुक्रवार देर शाम आई तेज धूल भरी आंधी ने एक व्यक्ति की जान ले ली. जवाहर नगर इलाके में 50 वर्षीय रामजीलाल माहवार नामक मोटरसाइकिल सवार के ऊपर बिजली का खंभा गिर गया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई.

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मौसम विभाग ने दी जानकारी

मौसम केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा के अनुसार, शनिवार को उदयपुर, अजमेर, कोटा, जयपुर और भरतपुर संभागों के साथ-साथ शेखावाटी क्षेत्र में तेज हवाएं, भारी बारिश और कहीं-कहीं ओलावृष्टि होने की संभावना है. हालांकि 5 और 6 अप्रैल को मौसम थोड़ा शांत हो सकता है, लेकिन 7 अप्रैल से एक नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय होने की उम्मीद है, जिससे फिर से आंधी और बारिश तेज हो सकती है.

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जयपुर में शुक्रवार शाम करीब 5 बजे शुरू हुआ तूफान देर रात तक जारी रहा. तेज हवाओं के साथ आई इस आंधी ने शहर में कई जगह नुकसान पहुंचाया और कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई, जिससे लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी.

अचानक बदले इस मौसम का असर तापमान पर भी पड़ा है. कई जिलों में दिन के तापमान में करीब 7 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है. शुक्रवार को सबसे अधिक तापमान 35.6 डिग्री सेल्सियस चित्तौड़गढ़ और अलवर में रिकॉर्ड किया गया, जबकि अन्य जगहों पर तापमान में गिरावट देखी गई.

खराब मौसम का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ा रहा है

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इस खराब मौसम का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ा है. बारिश, तेज हवा और ओलावृष्टि ने सरसों, गेहूं और चने जैसी रबी फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है. मंडियों में खुले में रखी फसल भी भीगने से खराब हो गई.

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आमतौर पर मार्च के बाद वेस्टर्न डिस्टर्बेंस कमजोर हो जाते हैं, लेकिन इस साल 13 मार्च के बाद से लगातार छह सिस्टम सक्रिय हो चुके हैं, जो एक असामान्य स्थिति है और मौसम के पैटर्न को प्रभावित कर रही है.

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पिछले 24 घंटों में बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, जैसलमेर, झुंझुनूं, सीकर, नागौर, बाड़मेर, जोधपुर, जालौर, जयपुर, अजमेर, अलवर और टोंक समेत कई क्षेत्रों में बारिश दर्ज की गई है. प्रशासन ने लोगों और किसानों से सतर्क रहने और जरूरी सावधानियां बरतने की अपील की है.

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