Advertisement
भारत-बांग्लादेश सीमा पर हलचल तेज, BGB की शह पर भारतीय किसानों की किडनैपिंग, सख़्त एक्शन के मूड में BSF!
बांग्लादेशियों की ओर से बार-बार भारतीय सीमा में अवैध रूप से घुसने, फेंसिंग काटने और भारतीयों को किडनैप करने की घटना ने सीमा पर हलचल पैदा कर दी है. कहा जा रहा है कि BSF इसके बाद कड़े कदम उठाने पर विचार कर रही है. ऐसा इसलिए भी क्योंकि भारतीयों को उठाकर ले जाना कथित तौर BGB की शह पर हो रहा है.
Advertisement
भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा पर हलचल तेज हो गई है. भारतीय सुरक्षा एजेंसियां एक्टिव हो गई हैं. बांग्लादेशियों की ओछी हिमाक़त उसे भारी पड़ने वाली है. BSF के जवान BGB का बुरा हश्र करने के मूड में हैं. वजह ये है कि बांग्लादेश की ओर से कुछ लोगों ने एक हफ्ते के अंदर दो बार भारतीय किसानों का अपहरण कर लिया. इसके ठीक बाद दो और किसानों का अपहरण कर लिया गया. ख़बर के मुताबिक़ ये घटना पश्चिम बंगाल के नादिया जिले के पास हुई है, जब सीमावर्ती इलाके में खेत में काम कर रहे दो भारतीयों को बांग्लादेशी ग्रामीणों का एक समूह सीमा पार खींचकर ले गया.
कहा जा रहा है कि बांग्लादेशियों की ओर से ये हरकत BSF पर दबाव बनाने और ब्लैकमेल करने की नीयत से की गई है. रिपोर्ट्स के मुताबिक़ उन्होंने ये हरकत सीमा सुरक्षा बल (BSF) द्वारा हिरासत में लिए गए एक 70 वर्षीय बांग्लादेशी की रिहाई और दबाव बनाने के लिए की है. हालांकि BSF और बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) के बीच हुई फ्लैग मीटिंग के बाद तीनों नागरिकों की अदला-बदली कर उन्हें रिहा करा लिया गया.
क्यों बढ़ा अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तनाव!
Advertisement
आपको बता दें कि इस विवाद की शुरुआत बीते सुबह हुई. बांग्लादेशियों का आरोप है कि मेहेरपुर में इच्छाखाली बॉर्डर के पास अब्दुल मन्नान नाम का बांग्लादेशी किसान अपने काम के सिलसिले में खेत में आया था, जहां वो सीमा पार कर गया. बांग्लादेशी मीडिया दावा कर रहा है कि इस दौरान BSF ने कथित तौर पर सीमा क्षेत्रों के नियमों के उल्लंघन के आरोप में मन्नान को हिरासत में ले लिया था.
Advertisement
अब्दुल मन्नान के पकड़े जाने की खबर मिलते ही उसके रिश्तेदार और स्थानीय बांग्लादेशी ग्रामीण भड़क उठे. मन्नान के पोते इब्राहिम खलीलउल्लाह ने बताया कि बीएसएफ से मन्नान को छोड़ने के बार-बार अनुरोध के बावजूद जब उसे नहीं छोड़ा गया, तो ग्रामीणों ने भारतीय क्षेत्र में घुस गए. गुस्साए बांग्लादेशी ग्रामीण सीमा पार कर भारतीय इलाके में दाखिल हुए और वहां खेतों में काम कर रहे दो भारतीय किसानों को उठाकर जबरन बांग्लादेश ले गए और उन्हें BGB को सौंप दिया. भारतीय किसानों की पहचान सचिन कर्मकार और नारायण देब के रूप में हुई है.
अब्दुल मन्नान को छुड़ाने के लिए हुई भारतीय किसान की किडनैपिंग
Advertisement
अब्दुल मन्नान के कथित तौर पर हिरासत में लिए जाने पर उसके रिश्तेदार भड़क गए और हंगामा शुरू कर दिया. मन्नान के पोते इब्राहिम खलीलउल्लाह ने आरोप लगाया कि बार-बार अनुरोध के बावजूद जब उसे नहीं छोड़ा गया तो मन्नान के ग्रामीण भारतीय क्षेत्र में घुस गए और वहां खेतों में काम कर रहे दो भारतीय किसानों को उठाकर जबरन बांग्लादेश ले गए और उन्हें BGB के हवाले कर दिया. बता दें कि भारतीय किसानों की पहचान सचिन कर्मकार और नारायण देब के रूप में हुई है. यहां बता देना जरूरी है कि ये सब बीजीबी के देखरेख और या उसी की शह पर हुआ.
BSF-BGB के बीच फौरन बुलाई गई फ्लैग मीटिंग
इस घटना के बाद भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा पर अचानक तना की स्थिति पैदा हो गई. इसके बाद बीजेबी और BSF के बीच जीरो लाइन पर तत्काल फ़्लैग मीटिंग बुलाई गई. इस बैठक में सकारात्मक नतीजा निकला. BGB के बटालियन कमांडर लेफ्टिनेंट कर्नल नजमुल हसन ने बताया कि दोनों एजेंसियों के बीच आपसी बातचीत के बाद बांग्लादेशी किसान अब्दुल मन्नान को बीजीबी को सौंप दिया गया. इस दौरान बांग्लादेशी ग्रामीणों द्वारा पकड़े गए दोनों भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बीएसएफ के हवाले कर दिया गया.
Advertisement
फेंसिंग काटकर भारत में घुसे, किसानों को किडनैप किया बांग्लादेशी!
यह भी पढ़ें
आपको बता दें कि बांग्लादेशियों की ओर से भारतीय किसानों को किडनैप करने की ये कोई पहली घटना नहीं है, बल्कि इससे दो दिन पहले पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले में भी 35 वर्षीय चाय किसान दीपंकर गोप को करीब 20 बांग्लादेशियों ने अगवा कर लिया था और खींचकर बांग्लादेश के पंचगढ़ जिले में ले कर चले गए. जानकारी के मुताबिक ग्रामीणों ने 6 अगस्त को बीएसएफ़ द्वारा भारत में फेंसिंग काटकर अवैध रूप से घुसे और हिरासत में लिए गए बांग्लादेशी नागरिक के विरोध में भारतीय किसान को पकड़ा था. ये एक ऐसा काम है जो जो अब तक पाकिस्तानी LOC किया करते थे, जहां भारतीयों को उठाकर ले जाना वाली हरकत शामिल है.