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सपा विधायक ने ‘जय श्री राम’ को बताया उत्तेजक नारा, भड़के योगी ने क्लास लगा डाली !
यूपी विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले ही दिन योगी का रौद्र रूप दिखाई दिया। बहराइच से लेकर संभल तक…जय श्री राम से लेकर अल्लाह हू अकबर तक….ऐसा लगा है जैसे कई दिन की भड़ास लिये बैठे थे योगी। एक एक कर हर मुद्दे पर तथ्यों के साथ इतिहास बताते हुए ऐसा बयान दिया कि विपक्ष अंदर तक हिल गया।
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दिसंबर के महीने में पड़ रही ठंड के बीच उत्तरप्रदेश का सियासी तापमान गर्म होता दिखाई दिया। यूपी विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले ही दिन योगी का रौद्र रूप दिखाई दिया। बहराइच से लेकर संभल तक। जय श्री राम से लेकर अल्लाह हू अकबर तक। ऐसा लगा है जैसे कई दिन की भड़ास लिये बैठे थे योगी। एक एक कर हर मुद्दे पर तथ्यों के साथ इतिहास बताते हुए ऐसा बयान दिया कि विपक्ष अंदर तक हिल गया।
योगी का ये रूप तो हम और आप पहले भी कई बार देख चुके हैं, लेकिन जानते हैं सबसे ज़्यादा निराशा कब होती है ? निराशा तब होती है जब योगी के राजनीतिक विरोधी उनका विरोध तब भी करते हैं जब वो भगवान राम की बात कर रहे होते हैं। जब वो जय श्री राम की बात कर रहे होते हैं। मतलब सोचिये भरे सदन में खड़े होकर अखिलेश यादव के विधायक साहब कह रहे हैं कि जय श्री राम का नारा लगा और उसके बाद पूरा माहौल बिगड़ गया। बताइये।
चलिये आप ही बताइये। जय श्री राम का नारा क्या माहौल बिगाड़ सकता है ? क्या ये सांप्रदायिक हो सकता है ? समाजवादी पार्टी के नेताओं को शर्म नहीं आती इस तरह का बयान देते हुए ? सोशल मीडिया पर लोग बार बार यही सवाल उठा रहे हैं और फिर ये भी पूछ रहे हैं कि जिन हिंदुओं की आस्था का बार बार अपमान सपा कर रही है, चुनावों में उनसे वोट किस मुंह से मांगेगी ?
खैर, चुनाव तो अभी दूर हैं, सदन पर ही वापस लौटते हैं। समाजवादी पार्टी के विधायक इक़बाल महमूद ने सदन में खड़े होकर कहा कि सर्वे में पूरी तरह से सहयोग किया गया था लेकिन समाप्ति होने के बाद जैसे ही टीम चली वहां पर जय श्री राम के नारे लगाये गये जिससे पूरा संभल आक्रोशित हो गया।
इक़बाल तो बोलकर चुप हो गये। दो चार विधायकों की वाह-वाही ले गये लेकिन उसके बाद योगी के रौद्र रूप को संभालना भारी हो गया। उन्होंने इक़बाल के सामने खड़े होकर कहा कि जय श्री राम का नारा लगाना उत्तेजक नहीं है ये हमारी आस्था का नारा है। मैं आपको बोलूँ अल्लाह हु अकबर के नारे मत लगाइये आपको अच्छा लगेगा। मैं इस एक नारे जय श्री राम के साथ अपना पूरा जीवन काट सकता हूं।
सीएम योगी यहीं नहीं रूके, उन्होंने जो कुछ भी विधानसभा में कहा उसने विरोधी दलों के नेताओं के सीने पर सांप लोटाने का काम किया है।
योगी से तो ऐसे बयान की उम्मीद चलिये की ही जा सकती है लेकिन समाजवादी पार्टी को क्या हो रहा है ? अखिलेश के नेता कैसे फ़्रंटफुट पर आकर हिंदुओं को एक बार नहीं बार बार नीचा दिखा रहे हैं ये बड़ी सोचने वाली है। बहरहाल इस मानसिकता की वजह से एक समुदाय को तो खुश कर लेगी सपा लेकिन बाकि का क्या होगा ?
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