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BMC चुनाव से पहले ही उद्धव ठाकरे पर भड़के संजय निरुपम, लगाए कई गंभीर आरोप, कहा- 'अगला महापौर मराठी हिंदू ही'

BMC Election: मुंबई में BMC का चुनाव होने वाला है. इससे पहले ही शिव सेना के नेता संजय निरुपन ने उद्धव ठाकरे को घेरते हुए कहा है कि इस बार मुंबई का महापौर महायुति का मराठी हिंदू ही होगा.

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04 Jan 2026
( Updated: 04 Jan 2026
06:24 PM )
BMC चुनाव से पहले ही उद्धव ठाकरे पर भड़के संजय निरुपम, लगाए कई गंभीर आरोप, कहा- 'अगला महापौर मराठी हिंदू ही'

शिवसेना नेता संजय निरुपम ने मुंबई नगर निगम चुनाव को लेकर बड़ा दावा करते हुए कहा है कि आगामी BMC में महायुति की जीत तय है और इसका फैसला मराठी भाषी जनता करेगी. उन्होंने उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में बीएमसी के 25 साल के कार्यकाल को विफल बताते हुए उन पर तीखा हमला बोला.

मुंबई का अगला महापौर महायुति का होगा- संजय निरुपम

शिवसेना नेता संजय निरुपम ने मुंबई की राजनीति और आगामी नगर निगम चुनाव को लेकर बड़ा बयान देते हुए उन्होंने आगे कहा कि मुंबई का अगला महापौर महायुति का होगा और इसका फैसला मराठी बोलने वाले लोग करेंगे. यह निश्चित रूप से मराठी और हिंदू ही होगा, इस पर कोई मतभेद नहीं है.

25 वर्षों से मुंबई का बुरा हाल

संजय निरुपम ने उद्धव ठाकरे पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि उन्‍होंने करीब 25 वर्षों तक मुंबई महानगरपालिका पर शासन किया, लेकिन इस लंबे कार्यकाल में भी शहर का समग्र विकास नहीं हो सका. उन्होंने कहा कि इन 25 वर्षों में मुंबई को न तो साफ पीने का पानी मिला और न ही पर्याप्त जल आपूर्ति की व्यवस्था की गई. सड़कों की हालत बदतर रही, अस्पतालों का संचालन ठीक से नहीं हुआ और स्कूलों की स्थिति भी संतोषजनक नहीं रही.

मुंबई आज भी गंदगी से जूझ रहा है

उन्होंने आगे कहा कि साफ-सफाई के नाम पर मुंबई आज भी गंदगी से जूझ रही है. संजय निरुपम ने आरोप लगाया कि जब 25 साल के शासन में शहर की बुनियादी समस्याओं का समाधान नहीं किया जा सका, ऐसे में अब उनके द्वारा किए जा रहे वादे सिर्फ चुनावी जुमले हैं जिनसे जनता को किसी वास्तविक बदलाव की उम्मीद नहीं करनी चाहिए.

वेनेजुएला पर हमले को लेकर भी संजय निरुपन ने की टिप्पणी

अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर प्रतिक्रिया देते हुए संजय निरुपम ने अमेरिका द्वारा वेनेजुएला पर हमले को लेकर भी कड़ी टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप अब तक खुद को दुनिया में युद्ध रोकने वाला नेता बताते रहे हैं. उन्होंने भारत-पाकिस्तान, रूस-यूक्रेन और थाईलैंड-कंबोडिया के बीच युद्ध रोकने के दावे किए और खुद को वैश्विक स्तर पर शांति स्थापित करने वाला नेता बताने की कोशिश की. ऐसा प्रतीत हो रहा था कि ट्रंप शांति के नोबेल पुरस्कार की दिशा में काम कर रहे हैं, लेकिन वर्तमान घटनाक्रम उनके दोहरे चरित्र को उजागर करता है.

ट्रंप का रवैया पाखंड और दोहते चरित्र वाला- संजय निरुपम

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उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका द्वारा वेनेजुएला पर हमला किया गया और बाद में यह पुष्टि की गई कि यह सैन्य कार्रवाई ट्रंप के सीधे निर्देश पर अमेरिकी सेना ने की. इससे यह साबित होता है कि ट्रंप का रवैया पाखंड और दोहरे चेहरे वाला है. संजय निरुपम ने यह भी कहा कि वेनेजुएला एक संप्रभु राष्ट्र है और वहां किस तरह से शासन चलेगा, यह वहां की सरकार और जनता तय करेगी. किसी भी बाहरी देश को उसके आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने का कोई अधिकार नहीं है.

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