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‘सपा का भगवाकरण या मुसलमानों से उठ गया भरोसा?’ मायावती ने 'PDA रथ' के कथित बदले रंग को लेकर अखिलेश पर साधा निशाना
बसपा सुप्रीमो मायावती ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि पीडीए के रथ का रंग लाल से भगवा की तरह करना RSS-BJP की तरह भगवाकरण है या मुसलमानों से भरोसा उठ गया है.
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बसपा सुप्रीमो मायावती ने अखिलेश यादव की PDA रथ के कथित तौर पर बदले रंग पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने मल्टी-एक्सल बस के लाल-भगवा कलर को भगवाकरण करार दिया है और मुसलमानों से सपा का भरोसा उठने का दावा किया है.
अखिलेश के PDA रथ पर मायावती ने बोला तीखा हमला?
बसपा सुप्रीमो मायावती ने इसको लेकर सपा और उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है. मायावती ने सपा के प्रचारित 'पीडीए रथ' के रंग को लेकर सवाल उठाते हुए इसे सपा के लाल रंग की अपेक्षा भाजपा-आरएसएस के भगवा रंग से अधिक प्रभावित बताया. उन्होंने सवाल किया कि यह वोटों के स्वार्थ में लगातार रंग बदलने की राजनीति है या फिर सपा प्रमुख का मुसलमानों से वोट पाने का भरोसा अब कम हो गया है.
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मायावती ने सोशल मीडिया पर सिलसिलेवार पोस्ट में कहा, "यूपी के आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारी हेतु समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख का प्रचारित 'पीडीए रथ' सपा के अपने लाल रंग का कम और आरएसएस/भाजपा के 'भगवा' रंग का (भगवाकरण) ज्यादा है, तो ऐसे में लोगों में चर्चा यही है कि यह सब उनका वोटों के स्वार्थ की खातिर गिरगिट की तरह लगातार रंग बदलना है या फिर मुसलमानों पर से सपा प्रमुख का वोट पाने का भरोसा उठ जाना है."
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'मुस्लिमों का सपा से, अखिलेश का मुसलमानों से उठा भरोसा?'
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के खासकर मुस्लिम समाज को इस बात का अहसास है कि पिछले चुनावों में सपा को बड़ी संख्या में समर्थन देने के बावजूद भाजपा को सत्ता में आने से रोकने में सपा सफल नहीं हो पाई. मायावती ने इसी आधार पर दावा किया कि अब मुस्लिम समाज के एक वर्ग में सपा को बार-बार वोट देने को लेकर सवाल उठ रहे हैं और उनका रुख बसपा की ओर बदल रहा है.
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मायावती ने लिखा, "वैसे भी यूपी के खासकर मुस्लिम समाज को इस कड़वी हकीकत का पूरी तरह से अहसास है कि पिछले चुनावों में सपा को उनके द्वारा अधिकांश एकतरफा वोट देने के बावजूद भी यह पार्टी (सपा) यूपी व केन्द्र की सत्ता में भाजपा को सरकार बनाने से नहीं रोक पाती है तो इस पार्टी को बार-बार वोट देकर अपना वोट खराब क्यों किया जाये और इस मामले में अब वे अपरकास्ट में से खासकर ब्राह्मण समाज की तरह ही अपना रवैया काफी तेजी से बीएसपी के पक्ष में बदल रहे हैं."
बसपा प्रमुख ने अपनी पार्टी के शासन के रिकॉर्ड का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी पार्टी ने उत्तर प्रदेश में अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था के साथ-साथ जनहित, जनकल्याण और विकास के क्षेत्र में काम किया है. उन्होंने कहा कि प्रदेश को सर्वसमाज के हित और कल्याण के लिए ऐसे शासन की जरूरत है.
उन्होंने कहा, "बीएसपी यूपी में खासकर अपराध नियंत्रण व शान्ति-व्यवस्था के मामलों में कानून द्वारा कानून के राज के साथ ही व्यापक जनहित, जनकल्याण एवं विकास के मामलों में भी बेहतरीन शासन यहां कई बार स्थापित करके दिखा चुकी है और जिसकी सर्वसमाज के हित व कल्याण में प्रदेश को सख़्त जरूरत भी है.”
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PDA रथ का बदल गया रंग?
मायावती ने 'पीडीए' के राजनीतिक इस्तेमाल को लेकर भी अखिलेश यादव पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि सपा को जनता को यह स्पष्ट करना चाहिए कि उसके 'पीडीए' की वास्तविकता क्या है.
1. यूपी के आगामी विधानसभा आमचुनाव की तैयारी हेतु समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख का प्रचारित ’पीडीए रथ’ सपा के अपने लाल रंग का कम तथा आरएसएस/भाजपा के ’भगवा’ रंग का (भगवाकरण) ज़्यादा है, तो ऐसे में लोगों में चर्चा यही है कि यह सब उनका वोटों के स्वार्थ की ख़ातिर गिरगिट की तरह लगातार…
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मायावती ने आरोप लगाया कि चुनावी स्वार्थ के मुताबिक सपा ने अलग-अलग समय में ‘पीडीए’ की अलग-अलग व्याख्या की है. उन्होंने कहा, "इसके साथ ही, सपा को यह भी जनता को जरूर बता देना चाहिए कि अब इनके 'पीडीए' की असली वास्तविकता क्या है क्योंकि चुनावी स्वार्थ में अब तक इन्होंने कभी 'पीडी' को 'पिछड़ा, दलित' बताया तो कभी 'पीडी' को 'पण्डित' बताया है और कभी अपने आपको 'अम्बेडकरवादी' दर्शाने के चक्कर में बी.एस.पी. का 'नीला' रंग वाला वस्त्र धारण कर तस्वीरें खिंचवाई है लेकिन इनको लोगों ने फौरन ही फेक अम्बेडकरवादी कहकर रिजेक्ट भी कर दिया."
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बसपा प्रमुख ने इसके मुकाबले अपनी पार्टी को ‘सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ की नीति पर चलने वाली अम्बेडकरवादी पार्टी बताया. उन्होंने कहा कि बसपा समाज के सभी वर्गों के लिए रोटी, रोजगार, आत्मसम्मान और स्वाभिमान के साथ जीवन जीने की पक्षधर है. इसके विपरीत, बीएसपी सर्वसमाज के लिए 'सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय' की नीति व सिद्धान्त वाली अम्बेडकरवादी पार्टी है तथा सभी को रोटी-रोजगार-युक्त आत्म-सम्मान व स्वाभिमान का जीवन जीने की पक्षधर है. इसीलिये सर्वसमाज में बीएसपी का अपना सम्मान है."
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कब से होगी अखिलेश की PDA यात्रा?
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आपको बता दें कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव आगामी 24 सितंबर को PDA रथ के जरिए 2027 के चुनावी अभियान का शंखनाद करने जा रहे हैं. सपा के कार्यक्रम के अनुसार अखिलेश यादव इस सिलसिले में वह रायबरेली में हरचंदपुर के विधायक राहुल लोधी के आवास पर जाएंगे. पार्टी की ओर से इस दौरे के लिए विशेष रूप से तैयार की गई मल्टी-एक्सल बस का भी इंतजाम किया गया है. इसमें आधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं.